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दिन का पद्य

2 थिसलुनिकी 1:11
ई सभ बात ध्‍यान मे राखि, हम सभ लगातार अहाँ सभक लेल प्रार्थना करैत छी जे अपना सभक परमेश्‍वर अहाँ सभ केँ ताहि बातक योग्‍य बुझथि जकरा लेल ओ अहाँ सभ केँ बजौलनि। हुनका सँ इहो प्रार्थना करैत छी जे ओ अपना सामर्थ्‍य सँ भलाइ करबाक अहाँ सभक प्रत्‍येक इच्‍छा केँ पूरा करथि आ विश्‍वास सँ प्रेरित प्रत्‍येक काज केँ सम्‍पन्‍न करऽ मे अहाँ सभक मदति करथि।