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दिन का पद्य

1 यूहन्‍ना 5:15
और जँ ई जनैत छी जे ओ अपना सभक प्रार्थना सुनैत छथि, चाहे जे किछु मँगियनि, तँ इहो निश्‍चय जनैत छी जे, जे किछु हुनका सँ मँगने छी, से अपना सभ केँ प्राप्‍त भऽ गेल अछि।