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दिन का पद्य

इफिसी 3:20
आब ओ जे अपन सामर्थ्‍य अपना सभक भीतर क्रियाशील राखि कऽ अपना सभक सभ विनती आ कल्‍पनो सँ बढ़ि कऽ एतेक कऽ सकैत छथि जाहि बातक पार नहि पाबि सकैत छी