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दिन का पद्य

1 कोरिन्‍थी 7:31
जे संसारक चीज-वस्‍तुक उपभोग करैत अछि से एना रहओ जेना ओहि मे लिप्‍त नहि भऽ गेल होअय, किएक तँ ई संसार जे देखैत छी से समाप्‍त भऽ रहल अछि।