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पाप: [डाह]


1 कोरिन्‍थी 13:4
प्रेम सहनशील आ दयालु होइत अछि। प्रेम डाह नहि करैत अछि, प्रेम अपन बड़ाइ नहि करैत अछि आ ने घमण्‍ड करैत अछि।

गलाती 5:26
अपना सभ घमण्‍डी नहि बनी, एक-दोसर केँ क्रोधित नहि करी आ ने एक-दोसर सँ ईर्ष्‍या करी।

याकूब 3:14-16
[14] मुदा जँ अहाँ सभक हृदय कटुता, जरनि आ स्‍वार्थ सँ भरल होअय तँ अपन बुद्धि पर घमण्‍ड नहि करू। एना सत्‍य केँ झूठ सँ नहि झाँपू।[15] एहन “बुद्धि” ऊपर सँ नहि अबैत अछि, बल्‍कि संसार सँ, मानवीय स्‍वभाव सँ आ शैतान सँ अबैत अछि।[16] किएक तँ जतऽ डाह और स्‍वार्थ अछि ततऽ अशान्‍ति और सभ प्रकारक दुष्‍ट काज सभ होइत अछि।

रोमी 1:29
और तेँ ओ सभ हर प्रकारक अधर्म, दुष्‍टता, लोभ, द्वेष आ ईर्ष्‍या, हत्‍या, झगड़ा, छल-कपट आ डाह सँ भरि गेल अछि। ओ सभ चुगली लगौनिहार, निन्‍दा कयनिहार, परमेश्‍वर सँ घृणा कयनिहार, जिद्दी, घमण्‍डी और अहंकारी अछि। ओ सभ अधलाह काज करबाक नव-नव तरीका सभ गढ़ैत रहैत अछि, माय-बाबूक आज्ञाक उल्‍लंघन करैत अछि,

1 पत्रुस 2:1
एहि लेल अहाँ सभ हर तरहक दुष्‍ट भावना, सभ प्रकारक छल-कपट, पाखण्‍ड, डाह आ निन्‍दा केँ छोड़ू।

गलाती 5:19-21
[19] आब देखू, पापी स्‍वभावक काज सभ स्‍पष्‍ट अछि, जेना गलत शारीरिक सम्‍बन्‍ध, अशुद्ध विचार-व्‍यवहार, निर्लज्‍जता,[20] मुरुतक पूजा, जादू-टोना, दुश्‍मनी, लड़ाइ-झगड़ा, ईर्ष्‍या, क्रोध, स्‍वार्थ, मनमोटाब, दलबन्‍दी,[21] द्वेष, मतवालापन आ भोग-विलास आ एहि प्रकारक आन बात सभ। हम अहाँ सभ केँ एहि विषय सभ मे चेतावनी दैत छी, जेना कि पहिनो दऽ चुकल छी जे, एहन काज करऽ वला लोक सभ परमेश्‍वरक राज्‍यक उत्तराधिकारी नहि होयत।

तीतुस 3:3
किएक तँ अपनो सभ पहिने निर्बुद्धि, आज्ञा उल्‍लंघन करऽ वला और भटकल छलहुँ, आ विभिन्‍न प्रकारक शारीरिक इच्‍छा आ भोग-विलासक अभिलाषा सभक गुलाम छलहुँ। अपनो सभ दुष्‍टता आ ईर्ष्‍या सँ भरल जीवन बितबैत छलहुँ। अपना सभ सँ घृणा कयल जाइत छल आ अपनो सभ एक-दोसर सँ घृणा करैत छलहुँ।

1 तिमुथियुस 6:4
तँ ओ अहंकारी आ अज्ञानी अछि। ओकरा झगड़ा करबाक आ शब्‍द सभक विषय मे निरर्थक वाद-विवाद करबाक रोग लागल छैक। एहि प्रकारक वाद-विवाद सँ ईर्ष्‍या, दुश्‍मनी, निन्‍दा आ दोसर लोक सभ पर अधलाह सन्‍देह होमऽ लगैत अछि,

याकूब 3:14-16
[14] मुदा जँ अहाँ सभक हृदय कटुता, जरनि आ स्‍वार्थ सँ भरल होअय तँ अपन बुद्धि पर घमण्‍ड नहि करू। एना सत्‍य केँ झूठ सँ नहि झाँपू।[15] एहन “बुद्धि” ऊपर सँ नहि अबैत अछि, बल्‍कि संसार सँ, मानवीय स्‍वभाव सँ आ शैतान सँ अबैत अछि।[16] किएक तँ जतऽ डाह और स्‍वार्थ अछि ततऽ अशान्‍ति और सभ प्रकारक दुष्‍ट काज सभ होइत अछि।

1 पत्रुस 2:1-2
[1] एहि लेल अहाँ सभ हर तरहक दुष्‍ट भावना, सभ प्रकारक छल-कपट, पाखण्‍ड, डाह आ निन्‍दा केँ छोड़ू।[2] अहाँ सभ तँ प्रभुक कृपाक स्‍वाद चिखि लेने छी, आब नव जन्‍मल बच्‍चा सभ जकाँ शुद्ध आत्‍मिक दूधक लेल लालायित रहू, जाहि सँ ओहि द्वारा अपन उद्धार मे पुष्‍ट भऽ सकब।

फिलिप्‍पी 1:15
किछु लोक हमरा सँ डाह कऽ कऽ विरोधक भावना सँ मसीहक प्रचार करैत छथि, से बुझैत छी, मुदा किछु लोक नीक भावना सँ।

1 तिमुथियुस 6:4-5
[4] तँ ओ अहंकारी आ अज्ञानी अछि। ओकरा झगड़ा करबाक आ शब्‍द सभक विषय मे निरर्थक वाद-विवाद करबाक रोग लागल छैक। एहि प्रकारक वाद-विवाद सँ ईर्ष्‍या, दुश्‍मनी, निन्‍दा आ दोसर लोक सभ पर अधलाह सन्‍देह होमऽ लगैत अछि,[5] और ओहन लोक सभक बीच हरदम झगड़ा होमऽ लगैत छैक, जकर सभक बुद्धि भ्रष्‍ट भऽ गेल छैक, जे सभ सत्‍य सँ वंचित भऽ गेल अछि आ जे सभ भक्‍ति कयनाइ केँ लाभ कमयबाक साधन मानैत अछि।

रोमी 1:28-32
[28] एहि तरहेँ ओ सभ जखन परमेश्‍वरक सत्‍य-ज्ञान केँ रखनाइ महत्‍वपूर्ण नहि बुझलक तँ परमेश्‍वर ओकरा सभ केँ भ्रष्‍ट मोनक वश मे छोड़ि देलथिन जाहि सँ ओ सभ अनुचित काज करय,[29] और तेँ ओ सभ हर प्रकारक अधर्म, दुष्‍टता, लोभ, द्वेष आ ईर्ष्‍या, हत्‍या, झगड़ा, छल-कपट आ डाह सँ भरि गेल अछि। ओ सभ चुगली लगौनिहार, निन्‍दा कयनिहार, परमेश्‍वर सँ घृणा कयनिहार, जिद्दी, घमण्‍डी और अहंकारी अछि। ओ सभ अधलाह काज करबाक नव-नव तरीका सभ गढ़ैत रहैत अछि, माय-बाबूक आज्ञाक उल्‍लंघन करैत अछि,[30] ***[31] ओ सभ विवेकहीन, विश्‍वासघाती, प्रेम-शुन्‍य और निर्दयी भऽ गेल अछि।[32] ओ सभ परमेश्‍वरक ई उचित फैसला जनैत अछि जे एहन काज कयनिहार मृत्‍युदण्‍ड पयबाक जोगरक अछि, तैयो ओ सभ मात्र अपने नहि एहन काज करैत अछि, बल्‍कि एहन काज कयनिहार लोक सभक समर्थन सेहो करैत अछि।

गलाती 5:19-26
[19] आब देखू, पापी स्‍वभावक काज सभ स्‍पष्‍ट अछि, जेना गलत शारीरिक सम्‍बन्‍ध, अशुद्ध विचार-व्‍यवहार, निर्लज्‍जता,[20] मुरुतक पूजा, जादू-टोना, दुश्‍मनी, लड़ाइ-झगड़ा, ईर्ष्‍या, क्रोध, स्‍वार्थ, मनमोटाब, दलबन्‍दी,[21] द्वेष, मतवालापन आ भोग-विलास आ एहि प्रकारक आन बात सभ। हम अहाँ सभ केँ एहि विषय सभ मे चेतावनी दैत छी, जेना कि पहिनो दऽ चुकल छी जे, एहन काज करऽ वला लोक सभ परमेश्‍वरक राज्‍यक उत्तराधिकारी नहि होयत।[22] मुदा परमेश्‍वरक आत्‍माक फल ई अछि—प्रेम, आनन्‍द, शान्‍ति, सहनशीलता, दयालुता, भलाइ, विश्‍वस्‍तता,[23] नम्रता आ आत्‍मसंयम। एहि गुण सभक विरुद्ध कोनो नियम नहि अछि।[24] जे लोक मसीह यीशुक छथि से सभ अपना पापी स्‍वभाव केँ ओकर अधलाह इच्‍छा आ लालसा सभक संग क्रूस पर चढ़ा लेने छथि।[25] जखन अपना सभ परमेश्‍वरक आत्‍मा सँ जीवन प्राप्‍त कयने छी तँ परमेश्‍वरक आत्‍माक निर्देशनक अनुसार चली।[26] अपना सभ घमण्‍डी नहि बनी, एक-दोसर केँ क्रोधित नहि करी आ ने एक-दोसर सँ ईर्ष्‍या करी।

याकूब 3:14-15
[14] मुदा जँ अहाँ सभक हृदय कटुता, जरनि आ स्‍वार्थ सँ भरल होअय तँ अपन बुद्धि पर घमण्‍ड नहि करू। एना सत्‍य केँ झूठ सँ नहि झाँपू।[15] एहन “बुद्धि” ऊपर सँ नहि अबैत अछि, बल्‍कि संसार सँ, मानवीय स्‍वभाव सँ आ शैतान सँ अबैत अछि।

1 कोरिन्‍थी 3:3
किएक तँ अहाँ सभ एखनो सांसारिक छी। जखन अहाँ सभ मे डाह आ झगड़ा होइत अछि तँ की ई एहि बातक प्रमाण नहि अछि जे अहाँ सभ सांसारिक छी? की अहाँ सभक व्‍यवहार एहन लोकक व्‍यवहार जकाँ नहि अछि जकरा सभ मे पवित्र आत्‍मा नहि छथि?

रोमी 13:13
अपना सभ उचित आचरण करी, जे दिनक समय मे शोभनीय होइत अछि। अपना सभ भोग-विलास आ नशेबाजी सँ, गलत शारीरिक सम्‍बन्‍ध आ निर्लज्‍जता सँ, झगड़ा आ ईर्ष्‍याक बात सभ सँ दूरे रही।

मत्ती 27:18
पिलातुस ई बात जानि गेल छलाह जे धर्मगुरु सभ यीशु केँ ईर्ष्‍याक कारणेँ पकड़बौने छथि।

मसीह-दूत 13:45
भीड़ केँ देखि कऽ यहूदी सभ डाह सँ भरि गेल आ पौलुस केँ अपमानित करैत ओ जे बजैत छलाह तकर विरोध करऽ लागल।

मसीह-दूत 7:9
“यैह कुल-पिता लोकनि अपन भाय यूसुफ सँ डाह रखैत हुनका बेचि देलनि और ओ मिस्र देश मे लऽ जायल गेलाह। मुदा परमेश्‍वर हुनका संग छलथिन।

मरकुस 15:10
ओ जनैत छलाह जे मुख्‍यपुरोहित सभ यीशु केँ ईर्ष्‍याक कारणेँ पकड़बौने छथि।

मसीह-दूत 17:5
मुदा एहि पर यहूदी सभ ईर्ष्‍या सँ भरि गेल, आ किछु आवारा-गुण्‍डा सभ केँ चढ़ा-बढ़ा कऽ बड़का भीड़ जुटा लेलक आ शहर मे हूलि मचाबऽ लागल। तखन ओ सभ पौलुस आ सिलास केँ तकबाक लेल यासोनक घर गेल। ओ सभ हुनका सभ केँ पकड़ि कऽ जन-सभाक सामने आनऽ चाहैत छल।

याकूब 4:5
वा की अहाँ सभक विचार मे धर्मशास्‍त्रक ई कथन निरर्थक अछि जे, परमेश्‍वर जाहि आत्‍मा केँ अपना सभ मे वास करौलनि तकरा ओ अपने लेल चाहैत छथि?

यूहन्‍ना 8:32
तखन अहाँ सभ सत्‍य केँ जानब, और सत्‍य अहाँ सभ केँ स्‍वतन्‍त्र कऽ देत।”

1 तिमुथियुस 3:15
जँ हमरा अयबा मे विलम्‍ब भऽ जाय, तँ अहाँ एहि बात केँ जानि ली जे परमेश्‍वरक परिवार मे लोकक चालि-चलन केहन रहबाक चाही। परमेश्‍वरक परिवार जे अछि, से जीवित परमेश्‍वरक मण्‍डलिए अछि। वैह सत्‍यक खाम्‍ह आ न्‍यो अछि।

गलाती 5:1
स्‍वतन्‍त्रे बनल रहबाक लेल मसीह अपना सभ केँ स्‍वतन्‍त्र कयने छथि, तेँ दृढ़ रहू आ गुलामीक जुआ मे अपना केँ फेर नहि जोतऽ दिअ।

यहूदा 1:24
आब, जे अहाँ सभ केँ खसऽ सँ बचा सकैत छथि, अपन महिमामय उपस्‍थिति मे अहाँ सभ केँ निर्दोष आ अति आनन्‍दित कऽ कऽ ठाढ़ कऽ सकैत छथि—

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT