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पाप: [Divorce]


मत्ती ۱۹:۹
Mo sọ èyí fún yín pé, ẹni tí ó bá kọ aya rẹ̀ sílẹ̀, láìṣe pé nítorí àgbèrè, tí ó sì fẹ́ òmíràn, ó ṣe panṣágà.”

मत्ती 5:32
मुदा हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, स्‍त्री केँ दोसराक संग गलत शारीरिक सम्‍बन्‍ध रखबाक कारण केँ छोड़ि कऽ जँ कोनो दोसर कारण सँ कोनो पुरुष अपना स्‍त्री केँ तलाक दैत अछि, तँ ओ अपना स्‍त्री केँ परपुरुषगमन करऽ वाली बनबाक लेल विवश करैत अछि, और जे केओ ओहि तलाक देल स्‍त्री सँ विवाह करैत अछि, सेहो परस्‍त्रीगमन करैत अछि।

लूका 16:18
“जे केओ अपना स्‍त्री केँ तलाक दऽ कऽ दोसर सँ विवाह करैत अछि, से परस्‍त्रीगमन करैत अछि। आ जे कोनो पुरुष पति द्वारा तलाक देल गेल स्‍त्री सँ विवाह करैत अछि, सेहो परस्‍त्रीगमन करैत अछि।

1 कोरिन्‍थी 7:10-11
[10] विवाहित सभक लेल हमर नहि, बल्‍कि प्रभुक ई आदेश अछि जे स्‍त्री अपन पति केँ नहि छोड़ि दओ।[11] आ जँ ओ छोड़िओ दय तँ ओकरा अविवाहित रूप मे रहऽ पड़त अथवा अपन पति सँ फेर मेल कऽ लेबाक अछि। पति सेहो अपन स्‍त्रीक परित्‍याग नहि करओ।

मत्ती 5:31-32
[31] “कहल गेल अछि जे, ‘जे पुरुष अपना स्‍त्री केँ तलाक दैत अछि, से तलाकनामा लिखि कऽ दैक।’[32] मुदा हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, स्‍त्री केँ दोसराक संग गलत शारीरिक सम्‍बन्‍ध रखबाक कारण केँ छोड़ि कऽ जँ कोनो दोसर कारण सँ कोनो पुरुष अपना स्‍त्री केँ तलाक दैत अछि, तँ ओ अपना स्‍त्री केँ परपुरुषगमन करऽ वाली बनबाक लेल विवश करैत अछि, और जे केओ ओहि तलाक देल स्‍त्री सँ विवाह करैत अछि, सेहो परस्‍त्रीगमन करैत अछि।

मत्ती 19:3-9
[3] ओहिठाम किछु फरिसी सभ यीशु लग अयलाह आ हुनका जँचबाक लेल पुछलथिन, “की धर्म-नियमक अनुसार पुरुष केँ केहनो कारण सँ अपना स्‍त्री केँ तलाक देनाइ उचित अछि?”[4] यीशु उत्तर देलथिन, “की अहाँ सभ नहि पढ़ने छी जे, सृष्‍टि कयनिहार शुरुए सँ मनुष्‍य केँ ‘पुरुष आ स्‍त्री बनौलनि’,[5] और कहलनि, ‘एहि कारणेँ पुरुष अपन माय-बाबू केँ छोड़ि अपन स्‍त्रीक संग रहत, आ दूनू एक शरीर भऽ जायत।’?[6] एहि तरहेँ ओ सभ आब दू नहि अछि, एके भऽ गेल। तेँ जकरा परमेश्‍वर जोड़ि देलथिन, तकरा मनुष्‍य अलग नहि करओ।”[7] फरिसी सभ पुछलथिन, “तखन तलाकनामा दऽ कऽ तलाक देबाक आज्ञा मूसा किएक देलनि?”[8] यीशु कहलथिन, “अहाँ सभक मोनक कठोरताक कारणेँ मूसा अहाँ सभ केँ स्‍त्री केँ तलाक देबाक अनुमति देलनि, मुदा शुरू सँ एहन नहि छल।[9] हम अहाँ सभ केँ कहैत छी, जे केओ एहि कारण केँ छोड़ि जे ओकर स्‍त्री दोसराक संग गलत शारीरिक सम्‍बन्‍ध रखने अछि, कोनो आन कारण सँ अपना स्‍त्री केँ तलाक दऽ कऽ दोसर सँ विवाह करैत अछि, से परस्‍त्रीगमन करैत अछि।”

मरकुस 10:2-12
[2] किछु फरिसी सभ आबि कऽ हुनका जँचबाक लेल पुछलथिन जे, “की धर्म-नियमक अनुसार पुरुष केँ अपना स्‍त्री केँ तलाक देनाइ ठीक अछि?”[3] यीशु हुनका सभ केँ पुछलथिन जे, “एहि सम्‍बन्‍ध मे मूसा की आज्ञा देने छथि?”[4] ओ सभ उत्तर देलथिन, “मूसा तलाकनामा लिखि कऽ तलाकक अनुमति देने छथि।”[5] एहि पर यीशु हुनका सभ केँ जबाब देलथिन जे, “अहाँ सभक मोनक कठोरताक कारणेँ मूसा अहाँ सभक लेल ई आज्ञा देने छथि।[6] लेकिन सृष्‍टिक शुरुए सँ परमेश्‍वर मनुष्‍य केँ ‘पुरुष आ स्‍त्री बनौलनि।’[7] ‘एहि कारणेँ पुरुष अपन माय-बाबू केँ छोड़ि अपन स्‍त्रीक संग रहत और दूनू एक शरीर भऽ जायत।’[8] आब ओ सभ दू नहि अछि—एके भऽ गेल।[9] तेँ जकरा परमेश्‍वर जोड़ि देलथिन तकरा मनुष्‍य अलग नहि करओ।”[10] बाद मे जखन घर मे छलाह तखन शिष्‍य सभ एहि विषय मे यीशु सँ फेर पुछलथिन।[11] ओ उत्तर देलथिन जे, “जे केओ अपना स्‍त्री केँ तलाक दऽ कऽ दोसर सँ विवाह करैत अछि, से ओहि स्‍त्रीक संग परस्‍त्रीगमन करैत अछि।[12] और जे स्‍त्री अपना पति केँ तलाक दऽ कऽ दोसर पुरुष सँ विवाह करैत अछि, सेहो परपुरुषगमन करैत अछि।”

1 कोरिन्‍थी ۷:۱۰-۱۶
[۱۰] विवाहित सभक लेल हमर नहि, बल्‍कि प्रभुक ई आदेश अछि जे स्‍त्री अपन पति केँ नहि छोड़ि दओ।[۱۱] आ जँ ओ छोड़िओ दय तँ ओकरा अविवाहित रूप मे रहऽ पड़त अथवा अपन पति सँ फेर मेल कऽ लेबाक अछि। पति सेहो अपन स्‍त्रीक परित्‍याग नहि करओ।[۱۲] बाँकी लोक सभ सँ प्रभुक नहि, बल्‍कि हमर कथन अछि, जे जँ कोनो विश्‍वासी भायक स्‍त्री विश्‍वास नहि करैत होअय आ ओ ओहि भायक संग रहबाक लेल सहमत अछि तँ ओ भाय स्‍त्रीक परित्‍याग नहि करओ।[۱۳] जँ कोनो स्‍त्री केँ एहन पति होअय जे विश्‍वास नहि करैत होअय आ स्‍त्रीक संग रहबाक लेल सहमत होअय तँ ओ पतिक परित्‍याग नहि करओ[۱۴] किएक तँ अविश्‍वासी पति अपन स्‍त्री द्वारा पवित्र बनाओल गेल अछि आ तहिना अविश्‍वासी स्‍त्री अपन पति द्वारा पवित्र बनाओल गेल अछि। नहि तँ अहाँ सभक बाल-बच्‍चा अशुद्ध होइत, मुदा आब ओहो सभ पवित्र अछि।[۱۵] मुदा जँ कोनो अविश्‍वासी अलग होमऽ चाहैत अछि तँ ओकरा अलग होमऽ दिऔक। एहन परिस्‍थिति मे विश्‍वास कयनिहार भाइ वा बहिन अपना पति वा स्‍त्रीक संग रहबाक बन्‍हन मे नहि अछि। परमेश्‍वर तँ अपना सभ केँ शान्‍तिक जीवन व्‍यतीत करबाक लेल बजौने छथि।[۱۶] हे स्‍त्री, अहाँ की जानऽ गेलहुँ जे अहाँ अपन पतिक उद्धारक कारण बनब वा नहि बनब? वा हे पति, अहाँ की जानऽ गेलहुँ जे अहाँ अपन स्‍त्रीक उद्धारक कारण बनब वा नहि बनब?

मत्ती 19:3-12
[3] ओहिठाम किछु फरिसी सभ यीशु लग अयलाह आ हुनका जँचबाक लेल पुछलथिन, “की धर्म-नियमक अनुसार पुरुष केँ केहनो कारण सँ अपना स्‍त्री केँ तलाक देनाइ उचित अछि?”[4] यीशु उत्तर देलथिन, “की अहाँ सभ नहि पढ़ने छी जे, सृष्‍टि कयनिहार शुरुए सँ मनुष्‍य केँ ‘पुरुष आ स्‍त्री बनौलनि’,[5] और कहलनि, ‘एहि कारणेँ पुरुष अपन माय-बाबू केँ छोड़ि अपन स्‍त्रीक संग रहत, आ दूनू एक शरीर भऽ जायत।’?[6] एहि तरहेँ ओ सभ आब दू नहि अछि, एके भऽ गेल। तेँ जकरा परमेश्‍वर जोड़ि देलथिन, तकरा मनुष्‍य अलग नहि करओ।”[7] फरिसी सभ पुछलथिन, “तखन तलाकनामा दऽ कऽ तलाक देबाक आज्ञा मूसा किएक देलनि?”[8] यीशु कहलथिन, “अहाँ सभक मोनक कठोरताक कारणेँ मूसा अहाँ सभ केँ स्‍त्री केँ तलाक देबाक अनुमति देलनि, मुदा शुरू सँ एहन नहि छल।[9] हम अहाँ सभ केँ कहैत छी, जे केओ एहि कारण केँ छोड़ि जे ओकर स्‍त्री दोसराक संग गलत शारीरिक सम्‍बन्‍ध रखने अछि, कोनो आन कारण सँ अपना स्‍त्री केँ तलाक दऽ कऽ दोसर सँ विवाह करैत अछि, से परस्‍त्रीगमन करैत अछि।”[10] यीशुक शिष्‍य सभ हुनका कहलथिन, “जँ स्‍त्री-पुरुषक सम्‍बन्‍ध एहन अछि, तँ विवाह नहिए कयनाइ नीक बात।”[11] यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “सभ केओ एहि बात केँ स्‍वीकार नहि कऽ सकैत अछि, मात्र ओ सभ जकरा एहि बातक लेल वरदान भेटल छैक।[12] किएक तँ किछु लोक मे जन्‍मे सँ विवाह करबाक योग्‍यता नहि अछि, किछु लोक केँ दोसर मनुष्‍य अयोग्‍य बनबैत अछि, और किछु लोक एहनो अछि जे स्‍वर्गक राज्‍यक लेल विवाह कयनाइ त्‍यागि देने अछि। जे केओ एहि बात केँ स्‍वीकार कऽ सकैत अछि से एकरा स्‍वीकार करओ।”

मरकुस 10:12
और जे स्‍त्री अपना पति केँ तलाक दऽ कऽ दोसर पुरुष सँ विवाह करैत अछि, सेहो परपुरुषगमन करैत अछि।”

1 कोरिन्‍थी 7:39
जाबत धरि कोनो स्‍त्रीक पति जीवित अछि ताबत धरि ओ अपन पतिक संग विवाहक बन्‍हन मे बान्‍हल अछि। मुदा पतिक मृत्‍यु भऽ गेला पर ओ स्‍वतन्‍त्र भऽ जाइत अछि आ जकरा सँ चाहय विवाह कऽ सकैत अछि, मुदा आवश्‍यक ई अछि जे विवाह प्रभुक लोक सँ होअय ।

रोमी ۷:۲-۵
[۲] उदाहरणक लेल, विवाहित स्‍त्री तहिया धरि कानून द्वारा अपन पुरुषक बन्‍हन मे रहैत अछि जहिया धरि ओकर पुरुष जीवित छैक। जँ पुरुष मरि जाइत छैक तँ ओ विवाह-कानूनक बन्‍हन सँ मुक्‍त भऽ जाइत अछि।[۳] एहि लेल, जँ ओ पतिक जीवन काल मे कोनो दोसर पुरुष सँ विवाह करैत अछि तँ ओ परपुरुषगमन करऽ वाली कहबैत अछि, मुदा जँ ओकर पति मरि जाइत छैक तँ ओ ओहि विवाह सम्‍बन्‍ध सँ मुक्‍त भऽ जाइत अछि और कोनो दोसर पुरुषक स्‍त्री बनिओ कऽ परपुरुषगमन करऽ वाली नहि होइत अछि।[۴] एहि लेल, यौ हमर भाइ लोकनि, अहूँ सभ मसीहक शारीरिक मृत्‍यु मे सहभागी भऽ धर्म-नियमक दृष्‍टिकोण सँ मरि गेल छी, जाहि सँ कोनो दोसराक, अर्थात् यीशु मसीहक, जे मृत्‍यु मे सँ जिआओल गेलाह, तिनकर भऽ जाइ आ परमेश्‍वरक लेल फलदायक सेवा करी।[۵] जखन अपना सभ अपन पापी स्‍वभावक अनुसार आचरण करैत छलहुँ, तँ पापमय लालसा सभ धर्म-नियम द्वारा प्रेरणा पाबि कऽ अपना सभक शरीरक अंग सभ मे काज करैत छल, जाहि सँ तेहन जीवन बितबैत छलहुँ जकर परिणाम मृत्‍यु अछि।

इब्रानी 13:4
सभ केओ विवाह-बन्‍धन केँ आदरक दृष्‍टि सँ देखथि। वैवाहिक सम्‍बन्‍ध दुषित नहि कयल जाय कारण, जे अनैतिक सम्‍बन्‍ध रखैत अछि, चाहे ओ विवाहित होअय वा अविवाहित, परमेश्‍वर तकरा दण्‍ड देताह।

मत्ती 19:4-6
[4] यीशु उत्तर देलथिन, “की अहाँ सभ नहि पढ़ने छी जे, सृष्‍टि कयनिहार शुरुए सँ मनुष्‍य केँ ‘पुरुष आ स्‍त्री बनौलनि’,[5] और कहलनि, ‘एहि कारणेँ पुरुष अपन माय-बाबू केँ छोड़ि अपन स्‍त्रीक संग रहत, आ दूनू एक शरीर भऽ जायत।’?[6] एहि तरहेँ ओ सभ आब दू नहि अछि, एके भऽ गेल। तेँ जकरा परमेश्‍वर जोड़ि देलथिन, तकरा मनुष्‍य अलग नहि करओ।”

मत्ती 18:15-17
[15] “अहाँक भाय जँ अहाँक संग अपराध करय तँ असगरे ओकरा लग जाउ आ एकान्‍त मे ओकर दोष ओकरा बुझा दिऔक। ओ जँ अहाँक बात सुनलक, तँ एकटा भाय अहाँ केँ फेर भेटि गेल से बुझू।[16] मुदा जँ ओ अहाँक बात नहि सुनैत अछि तँ अपना संग एक-दू आदमी केँ लऽ कऽ जाउ आ ओकरा बुझबिऔक, जाहि सँ, जहिना धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि, ‘हर बात दू वा तीन साक्षीक गवाही पर आधारित रहय’।[17] मुदा ओ जँ ओकरो सभक बात सुनबाक लेल तैयार नहि भेल, तँ तकर जानकारी विश्‍वासी मण्‍डली केँ दिऔक। आ जँ ओ विश्‍वासी मण्‍डलीक बात सेहो नहि सुनत, तँ ओकरा संग एहन व्‍यवहार करू जेना ओ अविश्‍वासी वा कर असूल कयनिहार ठकहारा होअय।

इफिसी ۵:۲۲-۲۳
[۲۲] हे स्‍त्री सभ, अहाँ सभ जहिना प्रभुक अधीन मे रहैत छी, तहिना अपना-अपना पतिक अधीन मे रहू।[۲۳] कारण, जाहि तरहेँ मसीह अपन शरीरक, अर्थात्‌ मण्‍डलीक, सिर छथि और ओकर मुक्‍तिदाता छथि, तहिना पति अपन स्‍त्रीक उपर, अर्थात् ओकर सिर, अछि।

1 तिमुथियुस 5:8
जे केओ अपन सम्‍बन्‍धी सभक आ विशेष कऽ अपने परिवारक सदस्‍य सभक देख-रेख नहि करैत अछि, से विश्‍वास त्‍यागि देने अछि और अविश्‍वासिओ सँ भ्रष्‍ट अछि।

1 कोरिन्‍थी 7:17-24
[17] तैयो प्रभु जकरा जाहि स्‍थिति मे रखने छथि, परमेश्‍वर जकरा जाहि स्‍थिति मे अपना लग बजौने छथि, से ताही प्रकारक जीवन बिताबय। सभ मण्‍डलीक लेल हम यैह आदेश दैत छी।[18] जँ बजाओल गेलाक समय मे ककरो खतना भऽ चुकल होइक तँ ओ तकरा नहि बदलओ। जँ बजाओल गेलाक समय मे ककरो खतना नहि भेल होइक तँ ओ खतना नहि कराबओ।[19] कारण, ने तँ खतना करयबाक कोनो महत्‍व अछि आ ने ओकर अभावक। महत्‍व अछि परमेश्‍वरक आज्ञा सभक पालन करबाक।[20] हरेक व्‍यक्‍ति जाहि स्‍थिति मे परमेश्‍वर द्वारा बजाओल गेल छल, ओ ताही मे रहओ।[21] की अहाँ बजाओल जयबाक समय मे ककरो गुलाम छलहुँ? कोनो चिन्‍ता नहि करू—ओना तँ जँ स्‍वतन्‍त्र भेनाइ सम्‍भव भऽ जाय तँ अवसर सँ फायदा लिअ।[22] हँ, कोनो चिन्‍ता नहि करू, किएक तँ जे गुलाम भऽ कऽ प्रभु मे अयबाक लेल बजाओल गेल से प्रभुक स्‍वतन्‍त्र कयल व्‍यक्‍ति भऽ गेल अछि। तहिना जे व्‍यक्‍ति स्‍वतन्‍त्र रहि कऽ बजाओल गेल से मसीहक गुलाम भऽ गेल अछि।[23] अहाँ सभ दाम दऽ कऽ किनल गेल छी, आब मनुष्‍यक गुलाम नहि बनू।[24] यौ भाइ लोकनि, अहाँ सभ प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति जाहि स्‍थिति मे प्रभु लग बजाओल गेलहुँ, परमेश्‍वरक संग ताही मे रहू।

मत्ती 23:23
“यौ धर्मशिक्षक आ फरिसी सभ, धिक्‍कार अछि अहाँ सभ केँ! अहाँ सभ पाखण्‍डी छी! अहाँ सभ पुदीना, सोंफ आ जीरक दसम भाग तँ परमेश्‍वर केँ अर्पण करैत छी, मुदा धर्म-नियमक मुख्‍य बात सभ, जेना न्‍याय, करुणा आ विश्‍वसनियता सँ कोनो मतलब नहि रखैत छी। होयबाक तँ ई चाहैत छल जे अहाँ सभ बिनु ओ बात सभ छोड़ने इहो बात सभ करितहुँ।

रोमी 7:1-3
[1] यौ भाइ लोकनि, अहाँ सभ तँ नियम-कानून केँ जननिहार लोक छी—की अहाँ सभ नहि जनैत छी जे तहिए तक कोनो मनुष्‍य पर कानूनक अधिकार रहैत छैक जहिया तक ओ मनुष्‍य जीवित अछि?[2] उदाहरणक लेल, विवाहित स्‍त्री तहिया धरि कानून द्वारा अपन पुरुषक बन्‍हन मे रहैत अछि जहिया धरि ओकर पुरुष जीवित छैक। जँ पुरुष मरि जाइत छैक तँ ओ विवाह-कानूनक बन्‍हन सँ मुक्‍त भऽ जाइत अछि।[3] एहि लेल, जँ ओ पतिक जीवन काल मे कोनो दोसर पुरुष सँ विवाह करैत अछि तँ ओ परपुरुषगमन करऽ वाली कहबैत अछि, मुदा जँ ओकर पति मरि जाइत छैक तँ ओ ओहि विवाह सम्‍बन्‍ध सँ मुक्‍त भऽ जाइत अछि और कोनो दोसर पुरुषक स्‍त्री बनिओ कऽ परपुरुषगमन करऽ वाली नहि होइत अछि।

लूका 6:30
जे केओ अहाँ सँ किछु माँगय तकरा दिऔक, आ जँ केओ अहाँक कोनो वस्‍तु लऽ लेत तँ ओकरा सँ फेर नहि माँगू।

मत्ती 19:6-12
[6] एहि तरहेँ ओ सभ आब दू नहि अछि, एके भऽ गेल। तेँ जकरा परमेश्‍वर जोड़ि देलथिन, तकरा मनुष्‍य अलग नहि करओ।”[7] फरिसी सभ पुछलथिन, “तखन तलाकनामा दऽ कऽ तलाक देबाक आज्ञा मूसा किएक देलनि?”[8] यीशु कहलथिन, “अहाँ सभक मोनक कठोरताक कारणेँ मूसा अहाँ सभ केँ स्‍त्री केँ तलाक देबाक अनुमति देलनि, मुदा शुरू सँ एहन नहि छल।[9] हम अहाँ सभ केँ कहैत छी, जे केओ एहि कारण केँ छोड़ि जे ओकर स्‍त्री दोसराक संग गलत शारीरिक सम्‍बन्‍ध रखने अछि, कोनो आन कारण सँ अपना स्‍त्री केँ तलाक दऽ कऽ दोसर सँ विवाह करैत अछि, से परस्‍त्रीगमन करैत अछि।”[10] यीशुक शिष्‍य सभ हुनका कहलथिन, “जँ स्‍त्री-पुरुषक सम्‍बन्‍ध एहन अछि, तँ विवाह नहिए कयनाइ नीक बात।”[11] यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “सभ केओ एहि बात केँ स्‍वीकार नहि कऽ सकैत अछि, मात्र ओ सभ जकरा एहि बातक लेल वरदान भेटल छैक।[12] किएक तँ किछु लोक मे जन्‍मे सँ विवाह करबाक योग्‍यता नहि अछि, किछु लोक केँ दोसर मनुष्‍य अयोग्‍य बनबैत अछि, और किछु लोक एहनो अछि जे स्‍वर्गक राज्‍यक लेल विवाह कयनाइ त्‍यागि देने अछि। जे केओ एहि बात केँ स्‍वीकार कऽ सकैत अछि से एकरा स्‍वीकार करओ।”

इफिसी ۵:۳۱
धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि जे, “एहि कारणेँ पुरुष अपन माय-बाबू केँ छोड़ि कऽ अपन स्‍त्रीक संग रहत, और दूनू एक शरीर भऽ जायत।”

मसीह-दूत 2:38
पत्रुस उत्तर देलथिन, “अहाँ सभ गोटे अपना पापक लेल पश्‍चात्ताप कऽ कऽ हृदय-परिवर्तन करू और यीशु मसीहक नाम सँ बपतिस्‍मा लिअ, जाहि सँ परमेश्‍वर अहाँ सभक पाप केँ क्षमा करथि आ अहाँ सभ केँ पवित्र आत्‍मा प्रदान करथि।

रोमी 4:15
किएक तँ धर्म-नियम परमेश्‍वरक प्रकोपे उत्‍पन्‍न करैत अछि, आ जतऽ नियम अछिए नहि, मात्र ततहि आज्ञाक उल्‍लंघन नहि पाओल जाइत अछि।

1 कोरिन्‍थी 7:14-15
[14] किएक तँ अविश्‍वासी पति अपन स्‍त्री द्वारा पवित्र बनाओल गेल अछि आ तहिना अविश्‍वासी स्‍त्री अपन पति द्वारा पवित्र बनाओल गेल अछि। नहि तँ अहाँ सभक बाल-बच्‍चा अशुद्ध होइत, मुदा आब ओहो सभ पवित्र अछि।[15] मुदा जँ कोनो अविश्‍वासी अलग होमऽ चाहैत अछि तँ ओकरा अलग होमऽ दिऔक। एहन परिस्‍थिति मे विश्‍वास कयनिहार भाइ वा बहिन अपना पति वा स्‍त्रीक संग रहबाक बन्‍हन मे नहि अछि। परमेश्‍वर तँ अपना सभ केँ शान्‍तिक जीवन व्‍यतीत करबाक लेल बजौने छथि।

मत्ती 19:1
ई सभ बात जखन कहल भऽ गेलनि तँ यीशु गलील प्रदेश सँ विदा भऽ कऽ यरदन नदीक दोसर कात यहूदिया प्रदेश मे गेलाह।

1 कोरिन्‍थी 7:8-9
[8] हम अविवाहित सभ केँ आ विधवा सभ केँ ई कहैत छी जे हमरे जकाँ ओहिना रहनाइ अहाँ सभक लेल उत्तम बात होयत।[9] मुदा जँ अहाँ सभ अपना पर काबू नहि राखि सकैत छी तँ विवाह कऽ लिअ, किएक तँ काम-वासना सँ जरैत रहबाक अपेक्षा विवाह कयनाइ नीक अछि।

रोमी 7:2
उदाहरणक लेल, विवाहित स्‍त्री तहिया धरि कानून द्वारा अपन पुरुषक बन्‍हन मे रहैत अछि जहिया धरि ओकर पुरुष जीवित छैक। जँ पुरुष मरि जाइत छैक तँ ओ विवाह-कानूनक बन्‍हन सँ मुक्‍त भऽ जाइत अछि।

मत्ती 9:13
अहाँ सभ जा कऽ प्रभुक कहल एहि वचनक अर्थ सिखू जे, ‘अहाँ सभक द्वारा अर्पित चढ़ौना वा बलि-प्रदान हम नहि चाहैत छी, बल्‍कि अहाँ सभ दयालु बनू, से।’ हम धार्मिक सभ केँ नहि, बल्‍कि पापी सभ केँ बजयबाक लेल आयल छी।”

रोमी 7:3
एहि लेल, जँ ओ पतिक जीवन काल मे कोनो दोसर पुरुष सँ विवाह करैत अछि तँ ओ परपुरुषगमन करऽ वाली कहबैत अछि, मुदा जँ ओकर पति मरि जाइत छैक तँ ओ ओहि विवाह सम्‍बन्‍ध सँ मुक्‍त भऽ जाइत अछि और कोनो दोसर पुरुषक स्‍त्री बनिओ कऽ परपुरुषगमन करऽ वाली नहि होइत अछि।

1 कोरिन्‍थी 7:27-28
[27] की अहाँ केँ स्‍त्री छथि? अहाँ हुनका सँ मुक्‍त होयबाक प्रयत्‍न नहि करू। की अहाँ केँ स्‍त्री नहि अछि? तँ अहाँ विवाह करबाक प्रयत्‍न नहि करू।[28] मुदा जँ अहाँ विवाह करी तँ एहि मे कोनो पाप नहि अछि आ जँ कोनो कुमारि विवाह करय तँ ओ पाप नहि करैत अछि। मुदा जे सभ विवाह करत तकरा सभ केँ सांसारिक जीवन मे कष्‍ट सहऽ पड़तैक आ हम अहाँ सभ केँ ओहि सँ बँचाबऽ चाहैत छी।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT