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पाप: [चोरी होना]

1 कोरिन्‍थी 6:10
चोर, लोभी, पिअक्‍कड़, गारि पढ़निहार आ धोखेबाज सभ परमेश्‍वरक राज्‍य मे प्रवेश करबाक अधिकारी नहि होयत।

1 तिमुथियुस 6:10
कारण, धनक लोभ सभ प्रकारक अधलाह बातक जड़ि अछि। एही लोभ मे पड़ि कऽ कतेको लोक सत्‍यक बाट सँ भटकि कऽ अपन विश्‍वास त्‍यागि देने अछि आ अपन मोन केँ विभिन्‍न दुःख-कष्‍ट सँ बेधि लेने अछि।

इफिसी 4:28
जे चोरी करैत अछि, से आब चोरी नहि करओ, बल्‍कि अपना हाथ सँ इमानदारीपूर्बक परिश्रम करओ, जाहि सँ ओ आवश्‍यकता मे पड़ल लोक सभक मदति कऽ सकय।

यूहन्‍ना १०:१०
चोर खाली चोरी करबाक, जान मारबाक, और नष्‍ट करबाक उद्देश्‍य सँ अबैत अछि। मुदा हम एहि लेल आयल छी जे मनुष्‍य जीवन प्राप्‍त करय और परिपूर्णता सँ प्राप्‍त करय।

लूका 19:8
मुदा जक्‍कइ ठाढ़ भऽ कऽ प्रभु केँ कहलथिन, “प्रभु, हम अपन आधा सम्‍पत्ति गरीब सभ केँ दऽ दैत छी, और जँ हम ककरो सँ बइमानी कऽ कऽ किछु लेने छिऐक तँ ओकर चारि गुना फिरता कऽ देबैक।”

मरकुस 10:19
मुदा अहाँ धर्म-नियमक आज्ञा सभ तँ जनिते छी—‘हत्‍या नहि करह, परस्‍त्रीगमन नहि करह, चोरी नहि करह, झूठ गवाही नहि दैह, ककरो नहि ठकह, अपन माय-बाबूक आदर करह।’ ”

मत्ती 19:18
ओ पुछलकनि, “कोन आज्ञा सभ?” एहि पर यीशु कहलथिन, “ ‘हत्‍या नहि करह, परस्‍त्रीगमन नहि करह, चोरी नहि करह, झूठ गवाही नहि दैह,

रोमी 13:7
अहाँ सभ सेहो सभक प्रति अपन कर्तव्‍य पूरा करू—जिनका राजकर देबाक अछि, तिनका राजकर दिऔन; जिनका सीमा-कर देबाक अछि, तिनका सीमा-कर दिऔन; जिनकर भय मानबाक अछि तिनकर भय मानू आ जिनकर आदर करबाक अछि तिनकर आदर करू।

रोमी 13:9
कारण, “परस्‍त्रीगमन नहि करह, हत्‍या नहि करह, चोरी नहि करह, लोभ नहि करह,” आ एकर बादो आओर जे कोनो आज्ञा सभ अछि, तकर सभक सारांश एहि कथन मे पाओल जाइत अछि जे, “अपना पड़ोसी सँ अपने जकाँ प्रेम करह।”

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT