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पाप: [हवस]


मत्ती 5:28
मुदा हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, जे कोनो पुरुष कोनो स्‍त्री केँ अधलाह इच्‍छा सँ देखैत अछि, से तखने अपना मोन मे ओकरा संग परस्‍त्रीगमन कऽ लेलक।

1 कोरिन्‍थी 6:13
“भोजन पेटक लेल अछि आ पेट भोजनक लेल”—मुदा परमेश्‍वर दूनू केँ समाप्‍त कऽ देताह। शरीर अनैतिक सम्‍बन्‍धक लेल नहि, बल्‍कि प्रभुक सेवाक लेल अछि आ प्रभु शरीरक कल्‍याणक लेल।

2 तिमुथियुस 2:22
जवानीक अधलाह लालसा सभ सँ दूर भागू और ओहन लोक जे सभ निष्‍कपट हृदय सँ प्रभु सँ प्रार्थना करैत छथि, तिनका सभक संग अहूँ धार्मिकता, विश्‍वास, प्रेम आ शान्‍तिक जीवन बितौनाइ अपन लक्ष्‍य बनाउ।

1 यूहन्‍ना 2:16
कारण, जे किछु संसार मे छैक, अर्थात् मनुष्‍यक पापी स्‍वभावक इच्‍छा, ओकर आँखिक लालसा और धन-सम्‍पत्ति पर ओकर घमण्‍ड, से पिताक दिस सँ नहि, बल्‍कि संसारक दिस सँ अबैत अछि।

गलाती 5:16
तेँ हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे अहाँ सभ परमेश्‍वरक आत्‍माक प्रेरणाक अनुसार चलू, तखन अहाँ सभ पापी स्‍वभावक इच्‍छा सभक पूर्ति करऽ वला नहि होयब।

रोमी 8:6
मानवीय पाप-स्‍वभावक इच्‍छा सभ पर मोन लगौनाइक परिणाम अछि मृत्‍यु, मुदा पवित्र आत्‍माक इच्‍छा पर मोन लगौनाइक परिणाम अछि जीवन आ शान्‍ति,

याकूब 1:14-15
[14] बल्‍कि जे प्रलोभन मे पड़ैत अछि से अपने खराब अभिलाषा सँ खिचल आ फँसाओल जाइत अछि।[15] तखन अभिलाषाक गर्भ सँ पापक जन्‍म होइत अछि और पाप बढ़ि कऽ मृत्‍यु केँ उत्‍पन्‍न करैत अछि।

Korean Bible (KLB) 1985
Copyrighted: Korean Living Bible 1985