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पाप: [लालच]

1 यूहन्‍ना 2:16
कारण, जे किछु संसार मे छैक, अर्थात् मनुष्‍यक पापी स्‍वभावक इच्‍छा, ओकर आँखिक लालसा और धन-सम्‍पत्ति पर ओकर घमण्‍ड, से पिताक दिस सँ नहि, बल्‍कि संसारक दिस सँ अबैत अछि।

2 कोरिन्‍थी 9:7
प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति, जतबा ओ अपना मोन मे निश्‍चय कयने होअय ततबा देअय, दुखी भऽ कऽ वा जोर-जबरदस्‍तीक कारणेँ नहि, किएक तँ प्रसन्‍नतापूर्बक देबऽ वला सँ परमेश्‍वर प्रेम करैत छथिन।

इब्रानी 13:5
अहाँ सभ धनक लोभ सँ मुक्‍त रहू। जे किछु अहाँ लग अछि ताहि सँ सन्‍तुष्‍ट रहू, कारण परमेश्‍वर कहने छथि, “हम तोहर संग कहियो नहि छोड़बह कहियो तोरा नहि त्‍यागबह।”

लूका 12:15
तखन ओ लोक सभ केँ कहलथिन, “सावधान! सभ तरहक लोभ सँ बाँचल रहू! कारण, मनुष्‍यक जीवन ओकर धन-सम्‍पत्ति पर निर्भर नहि रहैत छैक, ओ चाहे कतबो धनिक होअय।”

मत्ती 6:24
“कोनो खबास दूटा मालिकक सेवा एक संग नहि कऽ सकैत अछि। कारण, ओ एकटा सँ घृणा करत आ दोसर सँ प्रेम, अथवा पहिल केँ खूब मानत और दोसर केँ तुच्‍छ बुझत। अहाँ सभ परमेश्‍वर आ धन-सम्‍पत्ति दूनूक सेवा नहि कऽ सकैत छी।

1 पत्रुस 5:2-3
[2] अहाँ सभ सँ हमर अनुरोध ई अछि जे, अहाँ सभक जिम्‍मा मे जे परमेश्‍वरक भेँड़ा रूपी झुण्‍ड अछि, तकर अहाँ सभ चरबाह जकाँ रखबारी करू। ओकर देखभाल करू, कोनो दबाब सँ नहि, बल्‍कि जहिना परमेश्‍वर चाहैत छथि, तहिना आनन्‍द सँ करू, और अनुचित लाभक दृष्‍टि सँ नहि करू, बल्‍कि सेवा करबाक मोन सँ।[3] जे लोक सभ अहाँ सभ केँ सौंपल गेल अछि, तकरा सभ पर अधिकार नहि जमाउ, बल्‍कि अपना झुण्‍डक लेल नमूना बनू।

1 कोरिन्‍थी 4:11-13
[11] हम सभ एखनो तक भूखल-पियासल रहैत छी, फाटल-पुरान पहिरैत छी, मारि खाइत छी। हमरा सभ केँ रहबाक लेल कोनो घर नहि अछि।[12] हम सभ अपना हाथ सँ कठिन परिश्रम करैत छी। जखन हमरा सभक अपमान कयल जाइत अछि तँ हम सभ आशीर्वाद दैत छी। जखन हमरा सभ पर अत्‍याचार होइत अछि तँ हम सभ ओकरा सहैत छी।[13] जखन लोक हमरा सभक निन्‍दा करैत अछि तखन हम सभ नम्रतापूर्बक उत्तर दैत छी। आइओ तक हम सभ संसारक मैल आ समाजक कूड़ा-करकट बनल छी।

1 तिमुथियुस 6:6-19
[6] भक्‍ति सँ अवश्‍य पैघ लाभ होइत अछि, मुदा तकरे, जे अपन स्‍थिति सँ सन्‍तुष्‍ट रहैत अछि।[7] किएक तँ अपना सभ एहि संसार मे ने किछु लऽ कऽ आयल छी आ ने एतऽ सँ किछु लऽ कऽ जायब।[8] तेँ जँ अपना सभ केँ भोजन आ वस्‍त्र अछि तँ ताही सँ सन्‍तुष्‍ट रही।[9] मुदा जे केओ धन जमा करऽ चाहैत अछि, से प्रलोभन मे पड़ि जाइत अछि और एहन मूर्खतापूर्ण आ हानिकारक लालसाक जाल मे फँसि जाइत अछि जे लोक सभ केँ पतन आ विनाशक खधिया मे खसा दैत छैक।[10] कारण, धनक लोभ सभ प्रकारक अधलाह बातक जड़ि अछि। एही लोभ मे पड़ि कऽ कतेको लोक सत्‍यक बाट सँ भटकि कऽ अपन विश्‍वास त्‍यागि देने अछि आ अपन मोन केँ विभिन्‍न दुःख-कष्‍ट सँ बेधि लेने अछि।[11] मुदा यौ परमेश्‍वरक भक्‍त, अहाँ एहि सभ बात सँ दूर भागू आ धार्मिकता, भक्‍ति, विश्‍वास, प्रेम, धैर्य आ नम्रताक साधना मे लागू।[12] विश्‍वासक नीक लड़ाइ मे लागल रहू, और ओहि अनन्‍त जीवन केँ पकड़ने रहू जे जीवन प्राप्‍त करबाक लेल अहाँ बजाओल गेलहुँ आ जकरा विषय मे अहाँ बहुतो लोकक समक्ष नीक गवाही देलहुँ।[13] परमेश्‍वर केँ, जे सभक जीवनदाता छथि, और मसीह यीशु केँ, जे राज्‍यपाल पिलातुसक समक्ष सत्‍यक नीक गवाही देलनि, साक्षी राखि कऽ हम अहाँ केँ आज्ञा दैत छी जे,[14] जा धरि अपना सभक प्रभु यीशु मसीह फेर नहि आबि जयताह, ता धरि निष्‍कलंक और निर्दोष रहि कऽ अहाँ केँ जे जिम्‍मेवारी देल गेल अछि तकरा पूरा करू।[15] प्रभु यीशु मसीह केँ वैह उचित समय पर प्रगट करथिन जे परमधन्‍य परमेश्‍वर और एकमात्र शासक छथि। ओ राजा सभक राजा आ प्रभु सभक प्रभु छथि।[16] ओ अमरताक एकमात्र स्रोत छथि और ओहन इजोत मे वास करैत छथि जकरा लग मे केओ जा नहि सकैत अछि। हुनका कोनो मनुष्‍य ने कहियो देखने छनि आ ने देखि सकैत छनि। ओही परम परमेश्‍वरक सम्‍मान और सामर्थ्‍य अनन्‍त काल धरि रहनि। आमीन।[17] एहि वर्तमान संसारक चीज-वस्‍तुक दृष्‍टिकोण सँ जे सभ धनिक अछि, तकरा सभ केँ आज्ञा दिऔक जे ओ सभ अहंकारी नहि बनय। ओ सभ धन-सम्‍पत्ति पर नहि, जे जल्‍दी सँ समाप्‍त होइत अछि, बल्‍कि परमेश्‍वर पर भरोसा राखय, जे अपना सभ केँ आनन्‍दित रहबाक लेल सभ वस्‍तु पर्याप्‍त मात्रा मे दैत छथि।[18] ओ सभ नीक काज करैत रहय, भलाइक काज सभ करऽ मे धनिक बनय, कंजूस नहि रहय, और दोसराक सहायता करबाक लेल सदिखन तत्‍पर रहय।[19] एहि तरहेँ ओ सभ अपना लेल एहन पूजी लगाओत जे भविष्‍यक एक उत्तम आधार रहतैक, जकरा द्वारा ओ सभ ओ जीवन प्राप्‍त करत जे वास्‍तविक जीवन अछि।

याकूब 5:1-6
[1] यौ धनिक लोक सभ, हमर बात सुनू। अहाँ सभ चिचिआ-चिचिआ कऽ विलाप करू किएक तँ अहाँ सभ पर विपत्ति सभ आबऽ वला अछि।[2] अहाँ सभक धन मे घून लागि गेल अछि, अहाँ सभक कपड़ा केँ कीड़ा खा लेने अछि।[3] अहाँ सभक सोन-चानी मे बीझ लागि गेल अछि। यैह बीझ अहाँ सभक विरोध मे गवाही देत और आगि जकाँ अहाँ सभक शरीर केँ खा जायत। युगक अन्‍तक समय अछि आ अहाँ सभ धनक ढेर लगा लेने छी।[4] देखू, जऽन-बोनिहार सभ अहाँ सभक खेतक फसिल कटलक आ अहाँ सभ ओकर बोनि नहि देलिऐक। ओ बोनि अहाँ सभक विरोध मे चिचिया रहल अछि और जऽन-बोनिहार सभक कानब सर्वशक्‍तिमान परमेश्‍वरक कान तक पहुँचि गेल अछि।[5] अहाँ सभ पृथ्‍वी पर सुख आ भोग-विलासक जीवन व्‍यतीत कयलहुँ और अपना केँ वध होयबाक दिनक लेल पोसि कऽ हृष्‍टपुष्‍ट कऽ लेने छी।[6] अहाँ सभ निर्दोष सभ केँ दोषी ठहरा-ठहरा कऽ मारि देलिऐक जखन कि ओ सभ अहाँ सभक कोनो विरोध नहि कयने छल।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT