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रहस्य: [पिछले दिनों का भविष्य]


1 कोरिन्‍थी 4:5
एहि लेल समय सँ पहिने कोनो बातक न्‍याय नहि करू, अर्थात् जाबत धरि प्रभु नहि औताह ताबत धरि रूकल रहू। ओ अन्‍हार मे नुकायल सभ बात केँ इजोत मे लौताह आ लोकक भितरी मोनक अभिप्राय सभ केँ प्रगट करताह। तहिया प्रत्‍येक मनुष्‍य परमेश्‍वरे सँ अपन प्रशंसा पाओत।

1 यूहन्‍ना 2:18
प्रिय बौआ सभ, ई आब अन्‍तिम घड़ी अछि। अहाँ सभ सुनि लेने छी जे “मसीह-विरोधी” आबऽ वला अछि, और तहिना एखनो बहुत “मसीह-विरोधी” प्रगट भऽ गेल अछि। एहि सँ अपना सभ जानि सकैत छी जे ई अन्‍तिम घड़ी अछि।

यूहन्‍ना 6:39
और हमरा पठाबऽ वलाक इच्‍छा ई छनि जे जकरा सभ केँ ओ हमरा देने छथि, तकरा सभ मे सँ हम एकोटा केँ नहि हेराबी, बल्‍कि अन्‍तिम दिन मे ओकरा सभ केँ जिआबी।

यहूदा 1:7
एही तरहेँ सदोम, गमोरा आ तकरा लग-पासक नगर सभ ओही स्‍वर्गदूत सभ जकाँ कुकर्म कयलक आ अप्राकृतिक शारीरिक इच्‍छा सभक पाछाँ दौड़ैत रहल। ओ सभ अनन्‍त आगिक दण्‍ड मे पड़ि कऽ आन लोकक लेल उदाहरण बनल अछि।

लूका 18:8
हम अहाँ सभ केँ कहैत छी, ओ ओकरा सभक लेल उचित न्‍याय करथिन, और शीघ्र करथिन। मुदा मनुष्‍य-पुत्र जहिया औताह, तँ की एहन विश्‍वास हुनका ककरो लग भेटतनि?”

प्रकाशित-वाक्‍य 21:8
मुदा डरपोक सभक, अविश्‍वासी सभक, घृणित लोकक, हत्‍यारा सभक, अनैतिक शारीरिक सम्‍बन्‍ध राखऽ वला सभक, जादू-टोना कयनिहार सभक, मुरुतक पूजा कयनिहार सभक आ सभ झूठ बजनिहारक स्‍थान ओहि आगिक कुण्‍ड मे होयतैक जे गन्‍धक सँ धधकैत रहैत अछि। यैह अछि दोसर मृत्‍यु।”

रोमी 10:13
कारण, लिखल अछि, “जे केओ प्रभु सँ विनती करत तकर उद्धार होयतैक।”

इब्रानी 1:1-2
[1] प्राचीन काल मे परमेश्‍वर अपना सभक पूर्वज लोकनि सँ विभिन्‍न समय मे आ विभिन्‍न प्रकार सँ अपन प्रवक्‍ता सभ द्वारा बात कयलनि,[2] मुदा आब एहि अन्‍तिम समय मे ओ अपना सभ सँ बात कयने छथि अपन पुत्र द्वारा, जिनका ओ सभ वस्‍तुक उत्तराधिकारी बनौलनि आ जिनका द्वारा सम्‍पूर्ण सृष्‍टिक रचना सेहो कयलनि।

2 पत्रुस 3:3-4
[3] सभ सँ पहिने अहाँ सभ ई जानि लिअ जे अन्‍तिम दिन सभ मे हँसी उड़ाबऽ वला धर्मनिन्‍दक सभ आओत। ओ सभ अपन अधलाह इच्‍छा सभक अनुसार विचार-व्‍यवहार करत[4] आ हँसी उड़बैत कहत जे, “की ओ वचन नहि देने रहथि जे हम फेर आयब? तँ कहाँ अयलाह? हमरा सभक पूर्वज सभ तँ चल गेलाह, तैयो सृष्‍टिक आरम्‍भ सँ एखन धरि सभ किछु ओहिना चलैत आबि रहल अछि।”

1 तिमुथियुस 4:1-3
[1] परमेश्‍वरक आत्‍मा स्‍पष्‍ट कहैत छथि जे अन्‍तिम समय मे एहनो लोक सभ होयत जे सभ बहकाबऽ वला आत्‍मा सभ केँ आ दुष्‍टात्‍मा सभक शिक्षा सभ केँ मानि कऽ विश्‍वास त्‍यागि देत।[2] एहन शिक्षा ओहन झूठ बाजऽ वला कपटी लोक द्वारा आओत जकरा सभक विवेक धिपल लोहा सँ दगायल जकाँ सुन्‍न भऽ गेल छैक।[3] ओ सभ विवाह और कोनो-कोनो खयबाक वस्‍तु सभ सँ परहेज करबाक शिक्षा दैत अछि, जखन कि परमेश्‍वर एहि वस्‍तु सभक रचना एहि लेल कयलनि जे, सत्‍य केँ जानऽ वला आ विश्‍वास करऽ वला सभ द्वारा ई वस्‍तु सभ धन्‍यवादक संग ग्रहण कयल जाय।

प्रकाशित-वाक्‍य 13:16-18
[16] ओ छोट-पैघ, धनिक-गरीब, स्‍वतन्‍त्र-दास, सभ लोक केँ दहिना हाथ पर वा कपार पर छाप लगबयबाक लेल बाध्‍य कयलकैक।[17] ओ एहि प्रकारक नियम बना देलक जे जकरा पर ओ छाप नहि लागल छलैक से सभ कोनो प्रकारक किनऽ-बेचऽ वला काज नहि कऽ सकैत छल। ओ छाप जानबरक नाम वा ओकरा नाम सँ सम्‍बन्‍धित अंक छल।[18] एतऽ बुद्धिक आवश्‍यकता अछि। जे बुद्धिमान होअय, से जानबरक नामक अंकक हिसाब लगाबओ, किएक तँ ई अंक मनुष्‍यक नामक संकेत अछि। ई अंक 666 अछि।

2 तिमुथियुस 3:1-5
[1] मुदा अहाँ ई निश्‍चित रूप सँ जानि लिअ जे अन्‍तिम दिन सभ मे संकटपूर्ण समय आओत।[2] किएक तँ लोक स्‍वार्थी, धनक लोभी, अहंकारी, उदण्‍ड, परमेश्‍वरक निन्‍दा कयनिहार होयत। माय-बाबूक आज्ञा नहि मानत, धन्‍यवाद देबाक भावना नहि राखत, आ परमेश्‍वर सँ ओकरा सभ केँ कोनो मतलब नहि रहतैक।[3] ओकरा सभ मे ने स्‍नेह रहत आ ने ककरो लेल दया, ओ सभ दोसराक निन्‍दा कयनिहार होयत, अपना पर काबू नहि राखत, आ क्रूर होयत। जे किछु नीक अछि, ताहि सँ घृणा करत।[4] ओ सभ विश्‍वासघाती, दुःसाहसी आ घमण्‍डी होयत। परमेश्‍वर सँ प्रेम करबाक बदला मे भोग-विलास सँ प्रेम करत।[5] ओ सभ भक्‍तिक ढोङ रचत मुदा भक्‍तिक भितरी शक्‍ति केँ अस्‍वीकार करत। अहाँ एहन लोक सभ सँ हटि कऽ रहू।

प्रकाशित-वाक्‍य 1:1-7
[1] ई यीशु मसीह द्वारा प्रगट कयल बात अछि। ई हुनका परमेश्‍वर द्वारा देखाओल गेलनि, जाहि सँ ओ अपन सेवक सभ केँ ओ घटना सभ देखबथि जे जल्‍दी होमऽ वला अछि। यीशु मसीह अपन स्‍वर्गदूत पठा कऽ अपन सेवक यूहन्‍ना केँ एहि बात सभक जानकारी देलनि,[2] और यूहन्‍ना जे किछु देखलनि, अर्थात्, परमेश्‍वरक वचन आ यीशु मसीह जे गवाही देलनि, से सभ बात एहि पुस्‍तक मे लिखलनि।[3] धन्‍य अछि ओ जे एहि भविष्‍यवाणी केँ पढ़ैत अछि, आ धन्‍य अछि ओ सभ जे एकरा सुनैत अछि और एहि मे लिखल बात सभक पालन करैत अछि, किएक तँ ओ समय लगचिआ गेल अछि जहिया ई घटना सभ होयत।[4] आसिया प्रदेशक सातो मसीही मण्‍डली केँ यूहन्‍नाक ई पत्र— ओ जे छथि, जे छलाह आ जे आबहो वला समय मे रहताह, से, आ हुनका सिंहासनक समक्ष उपस्‍थित रहऽ वला सात आत्‍मा आ यीशु मसीह, से, अहाँ सभ पर कृपा करथि आ शान्‍ति देथि। यीशु मसीह विश्‍वसनीय गवाह छथि, मुइल सभ मे सँ पहिल जीबि उठऽ वला छथि आ पृथ्‍वीक राजा सभक उपर शासन करऽ वला छथि। ओ जे अपना सभ सँ प्रेम करैत छथि, जे अपन खून द्वारा अपना सभ केँ पाप सँ मुक्‍त कऽ देने छथि,[5] ***[6] ओ जे अपना सभ केँ अपन राज्‍य बनौने छथि और अपन पिता परमेश्‍वरक सेवा करबाक लेल पुरोहित बनौने छथि—तिनकर युगानुयुग स्‍तुति आ सामर्थ्‍य होइत रहनि। आमीन।[7] देखू, ओ मेघ सभक संग आबऽ वला छथि। हुनका सभ लोक अपना आँखि सँ देखतनि, ओहो सभ देखतनि जे सभ हुनका भाला सँ भोंकने छलनि। पृथ्‍वी परक समस्‍त जातिक लोक हुनका कारण कन्‍ना-रोहटि करत। ई सभ बात निश्‍चित होयत। आमीन।

मत्ती 24:36-44
[36] “मुदा एहि घटना सभक दिन वा समय केओ नहि जनैत अछि, स्‍वर्गदूतो सभ नहि आ पुत्रो नहि —मात्र पिता जनैत छथि।[37] जहिना नूहक समय मे भेल तहिना ओहि समय मे होयत जहिया मनुष्‍य-पुत्र फेर औताह।[38] जल-प्रलय होमऽ सँ पहिने लोक सभ खाय-पिबऽ मे आ विवाह करऽ-कराबऽ मे लागल छल। नूह जाहि दिन जहाज मे चढ़ि गेलाह ताहि दिन तक लोक सभ एहि सभ काज मे मस्‍त रहल।[39] ओकरा सभ केँ किछु बुझऽ मे नहि अयलैक जे कोन बात सभ होमऽ वला अछि, ताबत जल-प्रलयक बाढ़ि आबि कऽ ओकरा सभ केँ बहा कऽ लऽ गेलैक। मनुष्‍य-पुत्र जहिया फेर औताह, तहिया ओहिना होयत।[40] ओहि समय मे दू गोटे खेत मे रहत; ओहि मे सँ एकटा लऽ लेल जायत आ दोसर ओतहि छोड़ि देल जायत।[41] दूटा स्‍त्रीगण जाँत पिसैत रहत, एकटा लऽ लेल जायत आ दोसर छोड़ि देल जायत।[42] “तेँ अहाँ सभ चौकस रहू, कारण अहाँ सभ नहि जनैत छी जे अहाँ सभक प्रभु कोन दिन आबि जयताह।[43] मुदा ई बात ठीक सँ बुझि लिअ जे, जँ घरक मालिक केँ बुझल रहितैक जे चोर रातिक कोन पहर मे आओत तँ ओ जागल रहैत आ अपना घर मे सेन्‍ह नहि काटऽ दैत।[44] तेँ अहूँ सभ सदिखन तैयार रहू, कारण मनुष्‍य-पुत्र एहने समय मे आबि जयताह जाहि समयक लेल अहाँ सभ सोचबो नहि करब जे ओ एखन औताह।

मत्ती 24:1-14
[1] यीशु जखन मन्‍दिर सँ निकलि कऽ चल जा रहल छलाह तँ हुनकर शिष्‍य सभ हुनका लग आबि कऽ मन्‍दिरक मकान सभ देखाबऽ लगलथिन।[2] यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “ई सभ चीज देखैत छी? हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे एतऽ एकोटा पाथर एक-दोसर पर नहि रहत। सभ ढाहल जायत।”[3] जैतून पहाड़ पर यीशु जखन बैसल छलाह तँ शिष्‍य सभ हुनका लग आबि कऽ एकान्‍त मे हुनका सँ पुछलथिन, “हमरा सभ केँ कहू जे ई घटना कहिया होयत? अहाँ आब फेर आबऽ पर छी आ संसारक अन्‍त होमऽ पर अछि, ताहि समय केँ हम सभ कोन बात सँ चिन्‍हब?”[4] यीशु हुनका सभ केँ उत्तर देलथिन, “होसियार रहू जे अहाँ सभ केँ केओ बहकाबऽ नहि पाबय।[5] बहुतो लोक हमर नाम लऽ कऽ आओत आ कहत जे, ‘हमहीं उद्धारकर्ता-मसीह छी,’ आ बहुतो लोक केँ बहका देत।[6] अहाँ सभ लड़ाइक समाचार आ लड़ाइक हल्‍ला सभ सुनब। मुदा देखू, ताहि सँ घबड़ायब नहि। ई सभ होयब आवश्‍यक अछि, मुदा संसारक अन्‍त तहियो नहि होयत।[7] एक देश दोसर देश सँ लड़ाइ करत, और एक राज्‍य दोसर राज्‍य सँ। बहुतो ठाम मे अकाल पड़त आ भूकम्‍‍प होयत।[8] ई सभ बात तँ कष्‍टक शुरुआते होयत।[9] “ओहि समय मे लोक सभ अहाँ सभ पर अत्‍याचार करयबाक लेल अहाँ सभ केँ अधिकारी सभक जिम्‍मा मे लगा देत आ मरबा देत। अहाँ सभ सँ सभ देशक लोक सभ एहि लेल घृणा करत जे अहाँ सभ हमर लोक छी।[10] ओहि समय मे बहुतो लोक अपन विश्‍वास छोड़ि देत। ओ सभ एक-दोसर केँ पकड़बाओत आ एक-दोसर सँ घृणा करत।[11] एहन बहुतो लोक सभ प्रगट भऽ जायत जे झूठ बाजि कऽ अपना केँ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता कहत आ बहुतो लोक केँ बहका देत।[12] अधर्मक वृद्धि भेला सँ अनेक लोकक आपसी प्रेम मन्‍द पड़ि जायत।[13] मुदा जे केओ अन्‍त धरि स्‍थिर रहत से उद्धार पाओत।[14] परमेश्‍वरक राज्‍यक ई शुभ समाचारक प्रचार सम्‍पूर्ण संसार मे कयल जायत जाहि सँ एकरा सम्‍बन्‍ध मे सभ जातिक लोक गवाही सुनय; तखन अन्‍तक समय आबि जायत।

2 तिमुथियुस 3:1-17
[1] मुदा अहाँ ई निश्‍चित रूप सँ जानि लिअ जे अन्‍तिम दिन सभ मे संकटपूर्ण समय आओत।[2] किएक तँ लोक स्‍वार्थी, धनक लोभी, अहंकारी, उदण्‍ड, परमेश्‍वरक निन्‍दा कयनिहार होयत। माय-बाबूक आज्ञा नहि मानत, धन्‍यवाद देबाक भावना नहि राखत, आ परमेश्‍वर सँ ओकरा सभ केँ कोनो मतलब नहि रहतैक।[3] ओकरा सभ मे ने स्‍नेह रहत आ ने ककरो लेल दया, ओ सभ दोसराक निन्‍दा कयनिहार होयत, अपना पर काबू नहि राखत, आ क्रूर होयत। जे किछु नीक अछि, ताहि सँ घृणा करत।[4] ओ सभ विश्‍वासघाती, दुःसाहसी आ घमण्‍डी होयत। परमेश्‍वर सँ प्रेम करबाक बदला मे भोग-विलास सँ प्रेम करत।[5] ओ सभ भक्‍तिक ढोङ रचत मुदा भक्‍तिक भितरी शक्‍ति केँ अस्‍वीकार करत। अहाँ एहन लोक सभ सँ हटि कऽ रहू।[6] एहन लोक सभ कोनो बहाना सँ लोकक घर मे ढुकि कऽ ओहन कमजोर स्‍त्रीगण सभ केँ अपना वश मे कऽ लैत अछि जे सभ पापक बोझ सँ पिचायल अछि और अनेक प्रकारक अधलाह इच्‍छा सभक नियन्‍त्रण मे अछि।[7] एहन स्‍त्रीगण सभ सदिखन किछु सिखैत तँ अछि, मुदा सत्‍यक ज्ञान तक कहियो नहि पहुँचैत अछि।[8] जहिना यन्‍नेस आ यम्‍ब्रेस मूसाक विरोध कयलक, तहिना इहो लोक सभ सत्‍यक विरोध करैत अछि। एकरा सभक बुद्धि भ्रष्‍ट भऽ गेल छैक और एकरा सभक विश्‍वास नकली छैक।[9] मुदा ई सभ बेसी आगाँ नहि बढ़ि सकत, किएक तँ मूसाक विरोध कयनिहार जकाँ एकरो सभक मूर्खता सभक सामने मे देखार भऽ जयतैक।[10] मुदा अहाँ जे छी, हमर शिक्षा, चालि-चलन, उद्देश्‍य, विश्‍वास, धैर्य, प्रेम और सहनशीलता सँ नीक जकाँ परिचित छी।[11] अहाँ जनैत छी जे अन्‍ताकिया, इकुनियुम और लुस्‍त्रा नगर सभ मे हमरा पर केहन-केहन अत्‍याचार भेल आ हमरा केहन कष्‍ट उठाबऽ पड़ल। हम कतेक अत्‍याचार सहलहुँ! मुदा परमेश्‍वर सभ मे हमर रक्षा कयलनि।[12] ई निश्‍चित अछि जे, जे सभ मसीह यीशुक लोक बनि भक्‍तिपूर्ण जीवन बिताबऽ चाहत तकरा सभ केँ अत्‍याचारक सामना करहे पड़तैक।[13] मुदा दुष्‍ट और ढोङी लोक दोसरा केँ धोखा दैत आ स्‍वयं धोखा खाइत दुष्‍ट स्‍वभाव मे बढ़िते जायत।[14] परन्‍तु अहाँ जे छी, अहाँ केँ जे शिक्षा देल गेल अछि आ जाहि बात पर अहाँ विश्‍वास कयने छी, ताहि पर अटल रहू। स्‍मरण राखू जे अहाँ किनका सभ सँ ई सभ बात सिखने छी।[15] मोन राखू जे अहाँ बचपने सँ ओहि पवित्र धर्मशास्‍त्रक जानकार छी जे अहाँ केँ बुद्धि दऽ सकैत अछि, आ से बुद्धि अहाँ केँ ओहि मुक्‍ति मे पहुँचबैत अछि जे मसीह यीशु पर विश्‍वास कयला सँ प्राप्‍त होइत अछि।[16] सम्‍पूर्ण धर्मशास्‍त्र परमेश्‍वरक प्रेरणा द्वारा रचल गेल अछि, आ सत्‍य सिखयबाक लेल, गलत शिक्षा देखार करबाक लेल, जीवन केँ सुधारबाक लेल आ धार्मिकताक अनुसार जीवन कोना बिताओल जाय ताहि बातक शिक्षा देबाक लेल उपयोगी अछि,[17] जाहि सँ धर्मशास्‍त्रक प्रयोग द्वारा परमेश्‍वरक भक्‍त सुयोग्‍य भऽ हर प्रकारक नीक काज कुशलतापूर्बक कऽ सकय।

मसीह-दूत 2:1-17
[1] पेन्‍तेकुस्‍त पाबनिक दिन अयला पर सभ विश्‍वासी एके ठाम जमा छलाह।[2] एकाएक आकाश सँ बड़का अन्‍हड़-बिहारि जकाँ आवाज आयल और ओ घर जाहि मे ओ सभ बैसल छलाह से ओहि आवाज सँ गोंगिया उठल।[3] ओ सभ देखलनि जे जीहक आकार मे आगि सनक कोनो वस्‍तु आयल और अलग-अलग भऽ कऽ हुनका सभ मे प्रत्‍येक गोटे पर रूकि गेल।[4] सभ केओ पवित्र आत्‍मा सँ परिपूर्ण भऽ गेलाह और पवित्र आत्‍मा हुनका सभ केँ जे बजबाक क्षमता देलनि, ताहि अनुसार ओ सभ भिन्‍न-भिन्‍न भाषा मे बाजऽ लगलाह।[5] ओहि समय मे परमेश्‍वर केँ मानऽ वला बहुत देशक यहूदी सभ यरूशलेम मे रहैत छल।[6] ई आवाज जखन भेल तँ बहुत लोक ओतऽ जमा भऽ गेल आ गुम्‍म रहि गेल, कारण मसीह-दूत सभ जे बात बजैत छलाह से ओ सभ अपना-अपना भाषा मे सुनैत छल।[7] ओ सभ अकचका कऽ कहलक, “की ई सभ जे बाजि रहल छथि से सभ गलीले प्रदेशक नहि छथि?[8] तँ ई कोना भेल जे अपना सभ हिनकर सभक बात अपना-अपना मातृभाषा मे सुनि रहल छी?[9] अपना सभ जे पार्थी, मेदी और एलामी लोक छी, मेसोपोतामिया, यहूदिया, कप्‍पदुकिया, पुन्‍तुस, आसिया,[10] फ्रूगिया, पंफूलिया, मिस्र और कुरेनक लग मे पड़ऽ वला लिबियाइ क्षेत्रक निवासी छी, रोम सँ आयल यहूदी लोक आ दोसर समाजक लोक जे यहूदी धर्म केँ स्‍वीकार कयने अछि,[11] से छी, क्रेत द्वीपक वासी और अरबी लोक सभ छी—से हिनका सभक मुँह सँ परमेश्‍वरक महान्‌ काजक चर्चा अपना-अपना भाषा मे कोना सुनि रहल छी?”[12] ओ सभ आश्‍चर्यित भऽ कऽ एक-दोसर सँ पुछऽ लागल, “एकर अर्थ की भऽ सकैत अछि?”[13] एहि पर किछु लोक ठट्ठा करैत कहऽ लागल, “ई सभ दारू पिबि कऽ मातल अछि।”[14] तखन पत्रुस एगारहो मसीह-दूतक संग ठाढ़ भेलाह और भीड़क लोक केँ जोर सँ कहऽ लगलथिन, “यहूदी भाइ लोकनि आ यरूशलेमक सभ निवासी, हम जे किछु कहैत छी तकरा ध्‍यानपूर्बक सुनू।[15] अहाँ सभ ई बुझि लिअ जे हम सभ मातल नहि छी, जेना कि अहाँ सभ सोचि रहल छी, कारण एखन तँ भोरक नौए बाजल अछि![16] नहि, ई वैह बात अछि जकरा सम्‍बन्‍ध मे परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता योएल कहने छथि,[17] ‘परमेश्‍वर ई कहैत छथि जे, अन्‍त समय मे सभ वर्गक मनुष्‍य केँ हम अपन आत्‍मा देबैक। तखन तोरा सभक बेटा-बेटी सभ हमरा सँ सम्‍बाद पाओत आ सुनाओत। तोरा सभक युवक सभ हमरा द्वारा प्रगट कयल दृश्‍य देखत, और तोरा सभक वृद्ध लोकनि सपना देखत।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT