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रहस्य: [ड्रेगन]


प्रकाशित-वाक्‍य 1:7
देखू, ओ मेघ सभक संग आबऽ वला छथि। हुनका सभ लोक अपना आँखि सँ देखतनि, ओहो सभ देखतनि जे सभ हुनका भाला सँ भोंकने छलनि। पृथ्‍वी परक समस्‍त जातिक लोक हुनका कारण कन्‍ना-रोहटि करत। ई सभ बात निश्‍चित होयत। आमीन।

प्रकाशित-वाक्‍य 11:7
जखन ओ सभ अपन गवाही देबाक काज समाप्‍त कऽ लेताह तँ ओ जानबर जे अथाह कुण्‍ड मे सँ बहराइत अछि, से हुनका सभ पर आक्रमण करत आ हुनका सभ केँ पराजित कऽ कऽ मारि देतनि।

प्रकाशित-वाक्‍य 13:8
ओहि जानबरक पूजा पृथ्‍वीक सभ लोक करत, अर्थात्, ओ सभ लोक जकरा सभक नाम ओहि बलि-भेँड़ाक, जे सृष्‍टिक आरम्‍भ सँ पहिने वध कयल गेल छलाह, तिनकर जीवनक पुस्‍तक मे नहि लिखल गेल छैक।

प्रकाशित-वाक्‍य 16:13
तकरबाद हम अजगरक मुँह सँ, जानबरक मुँह सँ आ झुट्ठा भविष्‍यवक्‍ताक मुँह सँ तीनटा दुष्‍टात्‍मा केँ, जे देखऽ मे बेङ जकाँ लगैत छल, बहराइत देखलहुँ।

प्रकाशित-वाक्‍य 12:1-17
[1] तकरबाद आकाश मे एक आश्‍चर्यजनक चिन्‍ह देखाइ देलक जकर अर्थ महत्‍वपूर्ण अछि—एक स्‍त्री वस्‍त्रक रूप मे सूर्य पहिरने छलीह। हुनका पयरक नीचाँ मे चन्‍द्रमा छल आ सिर पर बारहटा ताराक एक मुकुट छलनि।[2] ओ गर्भवती छलीह आ बच्‍चा केँ जन्‍म देबाक समय आबि जयबाक कारणेँ प्रसव-पीड़ा सँ चीत्‍कार करैत छलीह।[3] एकटा आरो चिन्‍ह आकाश मे देखाइ देलक—लाल रंगक एक विशाल अजगर। ओकरा सातटा मूड़ी आ दसटा सीँग छलैक आ ओकरा मूड़ी सभ पर सातटा मुकुट छलैक।[4] ओकर नांगड़ि आकाशक एक तिहाइ भाग तारा सभ केँ बहारि कऽ पृथ्‍वी पर खसा देलक। बच्‍चा केँ जन्‍म देबऽ वाली स्‍त्रीक सम्‍मुख ओ अजगर ठाढ़ भऽ गेल, जाहि सँ जखने बच्‍चाक जन्‍म होअय, तँ ओकरा गीड़ि जाइ।[5] ओ स्‍त्री एक बालक केँ जन्‍म देलनि—ओहि पुत्र केँ, जे सभ जातिक लोक सभ पर लोहाक राजदण्‍ड सँ शासन करताह। मुदा ओहि बच्‍चा केँ तुरत उठा कऽ परमेश्‍वर आ हुनका सिंहासन लग पहुँचा देल गेलनि।[6] ओ स्‍त्री मरुभूमि दिस भागि कऽ चलि गेलीह जतऽ परमेश्‍वर हुनका लेल एक स्‍थान तैयार कयने छलथिन, जाहि सँ एक हजार दू सय साठि दिन तक ओतऽ हुनकर देखभाल कयल जानि।[7] तकरबाद स्‍वर्ग मे युद्ध शुरू भऽ गेल। मिकाएल अपन स्‍वर्गदूत सभ केँ संग लऽ अजगर सँ युद्ध करऽ लगलाह। अजगर आ ओकर दूत सभ सेहो युद्ध कयलक,[8] मुदा ओ सभ हारि गेल आ ओकरा सभक लेल स्‍वर्ग मे कोनो स्‍थान नहि रहलैक।[9] तखन ओ भयंकर अजगर—प्राचीन समयक ओ साँप, जे महादुष्‍ट वा शैतान कहबैत अछि आ सम्‍पूर्ण संसार केँ बहकबैत अछि, तकरा अपन दूत सभक संग पृथ्‍वी पर फेकि देल गेलैक।[10] तखन हम स्‍वर्ग मे जोर सँ बजैत एकटा आवाज सुनलहुँ जे ई कहैत छल जे, “आब हमरा सभक परमेश्‍वरक मुक्‍ति, शक्‍ति, राज्‍य आ हुनकर मसीहक अधिकार प्रगट भेल अछि। किएक तँ हमरा सभक भाय सभ पर दोष लगौनिहार ओ शैतान जे दिन-राति परमेश्‍वरक समक्ष ओकरा सभ पर दोष लगबैत रहैत छल, तकरा नीचाँ फेकि देल गेल अछि।[11] ओ सभ बलि-भेँड़ाक खून द्वारा आ ओहि वचन द्वारा जकर ओ सभ गवाही दैत रहल ओकरा पर विजयी भेल अछि, किएक तँ ओ सभ अपन प्राणक मोह छोड़ि कऽ मृत्‍यु केँ सेहो स्‍वीकार करबाक लेल तैयार छल।[12] एहि कारणेँ, हे स्‍वर्ग आ ओहि मे निवास कयनिहार सभ, आनन्‍द मनाउ! मुदा हे पृथ्‍वी आ समुद्र, तोरा सभ केँ कतेक कष्‍ट होयतह! किएक तँ शैतान तोरा सभ लग उतरि आयल छह आ ई जानि जे ओकरा कनेके समय बाँचल छैक अत्‍यन्‍त क्रोधित भऽ गेल अछि।”[13] जखन ओ अजगर देखलक जे ओ पृथ्‍वी पर फेकि देल गेल अछि, तँ ओ ओहि स्‍त्री केँ पाछाँ करऽ लागल, जे बालक केँ जन्‍म देने छलीह।[14] मुदा स्‍त्री केँ विशालकाय गरुड़क दूटा पाँखि देल गेलनि, जाहि सँ ओ अजगरक सम्‍मुख सँ उड़ि कऽ ओहि मरुभूमि मे चलि जाथि, जतऽ साढ़े तीन वर्ष तक हुनकर देखभाल कयल जानि।[15] अजगर स्‍त्रीक पाछाँ अपना मुँह सँ नदी जकाँ पानि निकाललक, जाहि सँ कि स्‍त्री केँ बाढ़ि बहा कऽ लऽ जानि।[16] मुदा पृथ्‍वी स्‍त्रीक सहायता कयलकनि आ अपन मुँह खोलि कऽ ओहि पानि केँ, जे अजगर अपना मुँह सँ बहौने छल, पिबि लेलक।[17] तखन अजगर स्‍त्री पर अत्‍यन्‍त क्रोधित भेल आ स्‍त्रीक आरो-आरो सन्‍तान सभ सँ, अर्थात्, जे सभ परमेश्‍वरक आज्ञा मानैत छथि आ यीशुक विषय मे देल गेल गवाही पर अटल छथि, तिनका सभ सँ युद्ध करबाक लेल गेल।

प्रकाशित-वाक्‍य 13:1-18
[1] तखन हम एकटा जानबर केँ समुद्र मे सँ बहराइत देखलहुँ जकरा दसटा सीँग आ सातटा सिर छलैक। ओकर प्रत्‍येक सीँग पर मुकुट छलैक आ प्रत्‍येक सिर पर एहन नाम लिखल छलैक जाहि द्वारा परमेश्‍वरक अपमान होइत छल।[2] हम जाहि जानबर केँ देखलहुँ, से चितुआ सन छल, मुदा ओकर पयर भालुक पयर सन छलैक आ मुँहक आकार सिंहक मुँह सन छलैक। ओकरा अजगर अपन शक्‍ति, अपन सिंहासन आ अपन महान्‌ अधिकार प्रदान कऽ देलकैक।[3] एना लगैत छल जे ओकर एकटा सिर पर प्राण-घातक प्रहार कयल गेल छलैक, मुदा ओ घाव ठीक भऽ गेल छलैक। एहि कारणेँ सम्‍पूर्ण पृथ्‍वीक लोक आश्‍चर्यित भऽ ओहि जानबरक भक्‍त भऽ गेल।[4] लोक सभ अजगरक पूजा कयलक, किएक तँ वैह जानबर केँ अधिकार देने छलैक। ओ सभ जानबरक पूजा सेहो कयलक आ कहलक, “एहि जानबरक बराबरि के भऽ सकैत अछि? एकरा संग के युद्ध कऽ सकैत अछि?”[5] ओहि जानबर केँ अहंकारी आ परमेश्‍वरक निन्‍दा वला बात सभ बजबाक मुँह देल गेलैक आ बयालीस महिना तक ओकरा अपन काज करैत रहबाक अधिकार भेटलैक।[6] एहि पर ओ परमेश्‍वरक निन्‍दा करऽ लागल आ हुनकर नामक, हुनकर निवास-स्‍थानक आ ओहि सभ लोकक जे स्‍वर्ग मे रहैत छथि, अपमान करऽ लागल।[7] परमेश्‍वरक लोक सभक संग युद्ध करबाक आ हुनका सभ पर विजय पयबाक शक्‍ति ओकरा देल गेलैक, और प्रत्‍येक कुल, राष्‍ट्र, भाषा आ जातिक लोक पर ओकरा अधिकार भेटलैक।[8] ओहि जानबरक पूजा पृथ्‍वीक सभ लोक करत, अर्थात्, ओ सभ लोक जकरा सभक नाम ओहि बलि-भेँड़ाक, जे सृष्‍टिक आरम्‍भ सँ पहिने वध कयल गेल छलाह, तिनकर जीवनक पुस्‍तक मे नहि लिखल गेल छैक।[9] जकरा सभ केँ कान होइक से सभ सुनि लओ।[10] “जकरा बन्‍दी बनबाक छैक, से बन्‍दी बनाओल जायत। जकरा तरुआरि सँ मरबाक छैक, से तरुआरि सँ मारल जायत।” एकर अर्थ अछि जे परमेश्‍वरक लोक सभ केँ धैर्यक संग साहस रखैत विश्‍वास मे स्‍थिर रहनाइ जरूरी अछि।[11] तकरबाद हम एक दोसर जानबर केँ देखलहुँ; ओ धरती मे सँ बहराइत छल। ओकरा भेँड़ा जकाँ दूटा सीँग छलैक, मुदा ओ अजगर जकाँ बजैत छल।[12] ओ पहिल जानबरक सेवा मे ओकर सम्‍पूर्ण अधिकार प्रयोग मे लबैत छल। ओ पृथ्‍वी आ ओहि परक सभ निवासी सँ ओहि पहिल जानबरक, जकर प्राण-घातक घाव ठीक भऽ गेल छलैक, पूजा करबबैत छल।[13] ओ बड़का-बड़का चमत्‍कार देखबैत छल, एहनो चमत्‍कार जे लोकक देखिते-देखिते मे आकाश सँ पृथ्‍वी पर आगि बरसा दैत छल।[14] पहिल जानबरक सेवा मे जे चमत्‍कार सभ देखयबाक शक्‍ति ओकरा भेटल छलैक, ताहि द्वारा ओ पृथ्‍वीक निवासी सभ केँ बहकबैत छल। ओ ओकरा सभ सँ ओहि पहिल जानबर, जकरा पर तरुआरिक प्रहार भेल छल आ तैयो जीवित छल, तकरा सम्‍मान मे ओकर मूर्ति बनबौलक।[15] ओकरा जानबरक प्रतिमा मे प्राण राखि देबाक अधिकार भेटलैक जाहि सँ ओ प्रतिमा बाजऽ लागय आ जे सभ प्रतिमाक पूजा नहि करत तकरा मरबा दय।[16] ओ छोट-पैघ, धनिक-गरीब, स्‍वतन्‍त्र-दास, सभ लोक केँ दहिना हाथ पर वा कपार पर छाप लगबयबाक लेल बाध्‍य कयलकैक।[17] ओ एहि प्रकारक नियम बना देलक जे जकरा पर ओ छाप नहि लागल छलैक से सभ कोनो प्रकारक किनऽ-बेचऽ वला काज नहि कऽ सकैत छल। ओ छाप जानबरक नाम वा ओकरा नाम सँ सम्‍बन्‍धित अंक छल।[18] एतऽ बुद्धिक आवश्‍यकता अछि। जे बुद्धिमान होअय, से जानबरक नामक अंकक हिसाब लगाबओ, किएक तँ ई अंक मनुष्‍यक नामक संकेत अछि। ई अंक 666 अछि।

प्रकाशित-वाक्‍य 20:1-15
[1] तकरबाद हम एक स्‍वर्गदूत केँ स्‍वर्ग सँ नीचाँ अबैत देखलहुँ। हुनका हाथ मे अथाह कुण्‍डक कुंजी आ बड़काटा जंजीर छलनि।[2] ओ ओहि अजगर केँ, अर्थात् प्राचीन समयक ओहि साँप केँ, जे महादुष्‍ट वा शैतान अछि, पकड़ि कऽ एक हजार वर्षक लेल बान्‍हि देलनि।[3] ओकरा अथाह कुण्‍ड मे फेकि कऽ बन्‍द कऽ देलनि आ ओहि पर मोहर मारि देलनि जाहि सँ जा धरि एक हजार वर्ष बिति नहि जाय, ता धरि ओ जाति-जातिक लोक सभ केँ आओर नहि बहका सकय। तकरबाद ओकरा किछु समयक लेल छोड़ल गेनाइ आवश्‍यक अछि।[4] तखन हम सिंहासन सभ देखलहुँ। जे सभ ओहि पर बैसल छलाह, तिनका सभ केँ न्‍याय करबाक अधिकार देल गेल छलनि। हम ओहि लोक सभक आत्‍मा सभ केँ देखलहुँ जिनका सभक सिर यीशुक गवाही देबाक कारणेँ आ परमेश्‍वरक वचन सुनयबाक कारणेँ काटि देल गेल छलनि। ओ सभ ने तँ ओहि जानबरक आ ने ओकर मूर्तिक पूजा कयने छलाह, ने अपना कपार वा हाथ पर ओकर छाप लगबौने छलाह। ओ सभ फेर जीवित भऽ हजार वर्ष तक मसीहक संग राज्‍य कयलनि।[5] ई पहिल जीबि उठनाइ अछि। बाँकी मरल लोक सभ हजार वर्ष समाप्‍त भेलाक बादे जीवित भेल।[6] धन्‍य आ पवित्र छथि ओ सभ, जे पहिल जीबि उठनाइ मे सहभागी छथि। एहन लोक सभ पर दोसर मृत्‍युक कोनो प्रभाव नहि पड़त। ओ सभ परमेश्‍वर आ मसीहक सेवाक लेल पुरोहित होयताह आ हुनका संग हजार वर्ष तक राज्‍य करैत रहताह।[7] हजार वर्ष पुरि गेलाक बाद शैतान केँ अपन बन्‍हन सँ मुक्‍त कऽ देल जयतैक।[8] ओ पृथ्‍वीक चारू कोनाक राष्‍ट्र सभ केँ, अर्थात् “गोग” आ “मागोग” केँ बहकयबाक लेल आ युद्धक लेल जमा करबाक हेतु निकलत। ओकरा सभक संख्‍या समुद्रक बालु जकाँ असंख्‍य रहतैक।[9] ओ सभ सम्‍पूर्ण पृथ्‍वी पर पसरि कऽ परमेश्‍वरक लोक सभक निवास स्‍थान केँ, अर्थात्, परमेश्‍वरक प्रिय नगर केँ, घेरि लेलक। मुदा स्‍वर्ग सँ आगि बरसल आ ओकरा सभ केँ भस्‍म कऽ देलकैक।[10] तखन शैतान, जे ओकरा सभ केँ बहकौने छलैक, तकरा आगि आ गन्‍धकक कुण्‍ड मे फेकि देल गेलैक, जाहिठाम जानबर आ झुट्ठा भविष्‍यवक्‍ता केँ फेकल गेल छलैक। ओ सभ दिन-राति अनन्‍त काल धरि अत्‍यन्‍त कष्‍ट भोगैत रहत।[11] तकरबाद हम एक विशाल उज्‍जर सिंहासन आ ओहि पर विराजमान व्‍यक्‍ति केँ देखलहुँ। हुनका सोझाँ सँ पृथ्‍वी आ आकाश लुप्‍त भऽ गेल और ओकर कोनो नामो-निशान नहि रहल।[12] तखन हम छोट-पैघ, सभ मरल लोक केँ सिंहासनक सम्‍मुख ठाढ़ देखलहुँ आ पुस्‍तक सभ खोलल गेल। तकरबाद एक आओर पुस्‍तक खोलल गेल जे जीवनक पुस्‍तक अछि। मरल सभक कयल कर्म, जे पुस्‍तक सभ मे लिखल गेल छलैक, ताहि अनुसार ओकरा सभक न्‍याय कयल गेलैक।[13] समुद्र ओहि मरल सभ केँ जे ओकरा मे छल, प्रस्‍तुत कयलक। तखन मृत्‍यु आ पाताल अपन-अपन मरल सभ केँ प्रस्‍तुत कयलक। ओकरा सभ मे सँ प्रत्‍येक व्‍यक्‍तिक न्‍याय ओकरा कर्मक अनुसार कयल गेलैक।[14] तकरबाद मृत्‍यु आ पाताल, दूनू केँ आगिक कुण्‍ड मे फेकि देल गेलैक। ई आगिक कुण्‍ड दोसर मृत्‍यु अछि।[15] जकरा सभक नाम जीवनक पुस्‍तक मे लिखल नहि भेटलैक तकरा सभ केँ आगिक कुण्‍ड मे फेकि देल गेलैक।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT