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रहस्य: [कैंसर]


2 कोरिन्‍थी 4:16-19
[16] यैह कारण अछि जे हम सभ साहस नहि छोड़ैत छी। ओना तँ हमरा सभक बाहरी शारीरिक बल घटल जा रहल अछि तैयो हमरा सभक भितरी आत्‍मिक बल दिन प्रति दिन नव भेल जा रहल अछि।[17] किएक तँ हमरा सभक पल भरिक ई हल्‍लुक कष्‍ट हमरा सभक लेल अतुल्‍य और अनन्‍त कालीन महिमा तैयार कऽ रहल अछि।[18] तेँ हमरा सभक नजरि ओहि वस्‍तु सभ पर टिकल नहि अछि जे देखाइ दैत अछि, बल्‍कि ओहि वस्‍तु सभ पर जे आँखि सँ नहि देखल जा सकैत अछि, किएक तँ देखाइ पड़ऽ वला वस्‍तु सभ तँ कनेके काल टिकैत अछि, मुदा जे वस्‍तु सभ देखल नहि जा सकैत अछि, से अनन्‍त काल तक बनल रहैत अछि।[19] कारण, अपना सभ जनैत छी जे जँ अपना सभक ई देहरूपी तम्‍बू, पृथ्‍वी पर अपना सभक ई डेरा, नष्‍ट होयत तँ परमेश्‍वरक दिस सँ अपना सभ केँ स्‍वर्ग मे एक देहरूपी भवन अछि—अनन्‍त काल तक रहऽ वला एक एहन “घर” जे मनुष्‍यक बनाओल नहि अछि।

मत्ती 11:28-29
[28] “हे थाकल आ बोझ सँ पिचायल लोक सभ, हमरा लग आउ। हम अहाँ सभ केँ विश्राम देब।[29] हमर जुआ अपना उपर उठा लिअ आ हमरा सँ सिखू, किएक तँ हम स्‍वभाव सँ नम्र आ दयालु छी। अहाँ सभ अपना आत्‍माक लेल विश्राम पायब।

यूहन्‍ना 14:1-4
[1] “अहाँ सभ अपना मोन मे घबड़ाउ नहि। परमेश्‍वर पर विश्‍वास करैत रहू और हमरो पर विश्‍वास करैत रहू।[2] हमरा पिताक घर मे बहुते रहऽ वला जगह अछि, और हम अहाँ सभक लेल जगह तैयार करऽ जा रहल छी। ई बात जँ नहि रहैत तँ हम अहाँ सभ केँ कहि दितहुँ।[3] और जँ हम अहाँ सभक लेल जगह तैयार करऽ जा रहल छी, तँ हम फेर आयब, और अहाँ सभ केँ हम अपना लग लऽ जायब, जाहि सँ हम जतऽ छी, ततऽ अहूँ सभ रही। जाहिठाम हम जा रहल छी,[4] ताहि ठामक रस्‍ता अहाँ सभ जनैत छी!”

रोमी 8:16-25
[16] पवित्र आत्‍मा स्‍वयं अपना सभक आत्‍मा केँ गवाही दैत छथि जे अपना सभ परमेश्‍वरक सन्‍तान छी।[17] जँ अपना सभ हुनकर सन्‍तान छी तँ उत्तराधिकारी सेहो छी—परमेश्‍वरक उत्तराधिकारी आ मसीहक संग सह-उत्तराधिकारी। कारण, जँ अपना सभ यीशु मसीहक संग दुःख सहब तँ हुनका संग महिमा मे सेहो सहभागी होयब।[18] हम ई मानैत छी जे, जे महिमा अपना सभ मे प्रगट होमऽ वला अछि तकरा तुलना मे वर्तमान समयक कष्‍ट किछु नहि अछि।[19] ई सृष्‍टि बहुत जिज्ञासाक संग ओहि समयक प्रतीक्षा कऽ रहल अछि जहिया परमेश्‍वरक सन्‍तान सभ केँ प्रगट कयल जायत।[20] ई सृष्‍टि तँ व्‍यर्थताक अधीन कऽ देल गेल, मुदा से अपन इच्‍छा सँ नहि, बल्‍कि हुनकर इच्‍छा सँ जे एकरा अधीन कऽ देलथिन, मुदा ई आशा बनल रहल जे,[21] एक दिन आओत जहिया सृष्‍टि सरनाइ आ मरनाइक बन्‍हन सँ मुक्‍त भऽ ओहि महिमामय स्‍वतन्‍त्रता मे सहभागी बनत जे परमेश्‍वरक सन्‍तान सभक होयतैक।[22] हम सभ जनैत छी जे सम्‍पूर्ण सृष्‍टि मिलि कऽ आइ तक ओहि प्रकारक कष्‍ट सँ कुहरैत आयल अछि जेना प्रसव-पीड़ाक कष्‍ट होइत अछि।[23] मात्र वैह नहि, बल्‍कि अपनो सभ, जकरा सभ केँ परमेश्‍वरक वचनक पूर्तिक पहिल भागक रूप मे पवित्र आत्‍मा भेटल छथि, भीतरे-भीतर कुहरैत छी और एहि बातक प्रतीक्षा करैत छी जे अपना सभ पूर्ण रूप सँ परमेश्‍वरक पोषपुत्र बनाओल जायब आ शरीर सरनाइ आ मरनाइक बन्‍हन सँ छुटकारा पाबि नव कयल जायत।[24] जहिया सँ अपना सभक उद्धार भेल, तहिया सँ अपना सभ मे ई आशा बनल रहल अछि। मुदा जँ अपना सभ ओहि वस्‍तु केँ प्राप्‍त कैए लेने छी जकर आशा रखैत छी, तँ ओकरा “आशा” नहि कहल जाइत अछि। जकरा कोनो वस्‍तु प्राप्‍त भऽ गेल छैक, से तकर आशा किएक करत?[25] मुदा अपना सभ ओहि वस्‍तुक आशा करैत छी जे देखैत नहि छी, आ तेँ धैर्यपूर्बक ओकर प्रतीक्षा करैत छी।

1 पत्रुस 1:3
अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक जे परमेश्‍वर आ पिता छथि, तिनकर स्‍तुति होनि! ओ अपन अपार दया सँ अपना सभ केँ नव जन्‍म देने छथि जाहि सँ अपना सभ यीशु मसीहक मृत्‍यु मे सँ जीबि उठबाक द्वारा एक जीवन्‍त आशा प्राप्‍त करी।

2 कोरिन्‍थी 1:3-6
[3] अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक जे परमेश्‍वर आ पिता छथि, तिनकर स्‍तुति होनि, जे दया करऽ वला पिता छथि आ सभ प्रकारक सान्‍त्‍वना देबऽ वला परमेश्‍वर छथि।[4] ओ अपना सभ केँ सभ प्रकारक दुःख-तकलीफ मे सान्‍त्‍वना दैत छथि जाहि सँ अपनो सभ परमेश्‍वर सँ प्राप्‍त एहि सान्‍त्‍वना द्वारा सभ प्रकारक दुःख मे पड़ल लोक सभ केँ सान्‍त्‍वना दऽ सकिऐक।[5] किएक तँ जाहि तरहेँ मसीहक कष्‍ट प्रशस्‍त मात्रा मे अपना सभक जीवन मे अबैत रहैत अछि ताहि तरहेँ मसीह द्वारा सान्‍त्‍वना सेहो प्रशस्‍त मात्रा मे अबैत रहैत अछि।[6] जँ हमरा सभ केँ दुःख-कष्‍ट भोगऽ पड़ैत अछि तँ ई अहाँ सभक सान्‍त्‍वना आ उद्धारक लेल अछि। कारण, जखन हम सभ सान्‍त्‍वना पबैत छी तँ से एहि लेल जे हम सभ अहूँ सभ केँ सान्‍त्‍वना दऽ सकी, जाहि सँ अहाँ सभ धैर्यपूर्बक ओहि सभ कष्‍ट केँ सहबाक लेल साहस करी जकरा हमहूँ सभ सहैत छी।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT