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मठ के संकेत: [नंबर 8]


प्रकाशित-वाक्‍य 13:18
एतऽ बुद्धिक आवश्‍यकता अछि। जे बुद्धिमान होअय, से जानबरक नामक अंकक हिसाब लगाबओ, किएक तँ ई अंक मनुष्‍यक नामक संकेत अछि। ई अंक 666 अछि।

1 कोरिन्‍थी 6:9-11
[9] की अहाँ सभ ई नहि जनैत छी जे अधर्मी लोक परमेश्‍वरक राज्‍य मे प्रवेश करबाक अधिकारी नहि होयत? अपना केँ धोखा नहि दिअ! अनैतिक शारीरिक सम्‍बन्‍ध रखनिहार, मूर्तिक पूजा कयनिहार, परस्‍त्रीगमन कयनिहार, वेश्‍या सनक काज कयनिहार पुरुष, समलैंगिक सम्‍बन्‍ध रखनिहार लोक,[10] चोर, लोभी, पिअक्‍कड़, गारि पढ़निहार आ धोखेबाज सभ परमेश्‍वरक राज्‍य मे प्रवेश करबाक अधिकारी नहि होयत।[11] आ से अहाँ सभ मे सँ किछु गोटे छलहुँ, मुदा अहाँ सभ आब प्रभु यीशु मसीहक नाम सँ आ अपना सभक परमेश्‍वरक आत्‍मा द्वारा धोअल गेलहुँ, पवित्र कयल गेलहुँ आ निर्दोष ठहराओल गेलहुँ।

प्रकाशित-वाक्‍य 11:2-3
[2] मुदा मन्‍दिरक बाहरी आङन केँ छोड़ि दहक, ओकरा नहि नापह, किएक तँ ओ परमेश्‍वर केँ नहि चिन्‍हऽ वला जातिक लोक सभ केँ देल गेल अछि। ओ सभ बयालीस महिना तक पवित्र नगर केँ लतमरदनि करैत रहत।[3] हम अपन दूनू गवाह केँ अधिकार देबैक जे ओ सभ चट्टी ओढ़ि कऽ एक हजार दू सय साठि दिन तक हमरा सँ पाओल सम्‍बादक प्रचार करथि।”

मसीह-दूत 8:11-24
[11] लोक सभ एहि लेल ओकर बात मानैत छल जे ओ बहुत दिन सँ एकरा सभ केँ अपन जादू द्वारा प्रभावित कयने छल।[12] मुदा ओ सभ जखन फिलिपुसक प्रचार सुनि यीशु मसीह आ परमेश्‍वरक राज्‍यक शुभ समाचार पर विश्‍वास कयलक तँ, पुरुष और स्‍त्रीगण, सभ केओ बपतिस्‍मा लेबऽ लागल।[13] सिमोन सेहो विश्‍वास कयलक आ बपतिस्‍मा लेलक। ओ फिलिपुसक संगे-संग सभतरि घुमैत छल आ हुनकर अद्‌भुत चिन्‍ह और चमत्‍कारपूर्ण काज सभ देखि चकित रहि जाइत छल।[14] यरूशलेम मे जखन मसीह-दूत सभ ई सुनलनि जे सामरिया प्रदेशक लोक सभ परमेश्‍वरक वचन स्‍वीकार कऽ लेने अछि तँ ओ सभ पत्रुस आ यूहन्‍ना केँ ओतऽ पठौलनि।[15] ओ दूनू गोटे ओतऽ पहुँचि कऽ ओकरा सभक लेल प्रार्थना कयलनि जाहि सँ ओ सभ पवित्र आत्‍मा केँ प्राप्‍त करय,[16] कारण एखन तक ओकरा सभ मे सँ ककरो पर पवित्र आत्‍मा नहि आयल छलथिन—ओ सभ मात्र प्रभु यीशु पर विश्‍वास कऽ कऽ हुनका नाम सँ बपतिस्‍मा लेने छल।[17] तखन ओ दूनू गोटे ओकरा सभ पर हाथ रखलनि और ओ सभ पवित्र आत्‍मा केँ प्राप्‍त कयलक।[18] सिमोन जखन देखलक जे ककरो शरीर पर मसीह-दूत सभ अपन हाथ रखैत छथि तँ ओकरा पवित्र आत्‍मा भेटैत छथिन तखन ओ अपन पाइ लऽ कऽ हुनका सभ लग गेल[19] आ कहलकनि, “हमरो ई गुण दिअ जाहि सँ हम ककरो शरीर पर हाथ रखिऐक तँ ओकरा पवित्र आत्‍मा भेटैक।”[20] एहि पर पत्रुस उत्तर देलथिन, “सत्‍यानाश होउ तोहर और तोरा पाइ केँ जे तोँ परमेश्‍वरक दान केँ पाइ सँ मोल लेबऽ चाहैत छेँ![21] एहि काज मे तोहर कोनो हिस्‍सा वा अधिकार नहि छौक कारण परमेश्‍वरक दृष्‍टि मे तोहर मोन भ्रष्‍ट छौक।[22] आब तोँ अपना एहि दुष्‍ट विचारक लेल पश्‍चात्ताप कर और प्रभु सँ क्षमा माँग। भऽ सकैत अछि जे ओ तोहर एहन विचार केँ क्षमा कऽ देथुन।[23] हम देखैत छी जे तोँ ईर्ष्‍याक विष सँ भरल आ पाप मे जकड़ल छेँ।”[24] एहि पर सिमोन कहलकनि, “अहीं सभ हमरा लेल प्रार्थना करू जाहि सँ अहाँ जेना कहलहुँ तेना हमरा संग नहि होअय।”

1 कोरिन्‍थी 6:9
की अहाँ सभ ई नहि जनैत छी जे अधर्मी लोक परमेश्‍वरक राज्‍य मे प्रवेश करबाक अधिकारी नहि होयत? अपना केँ धोखा नहि दिअ! अनैतिक शारीरिक सम्‍बन्‍ध रखनिहार, मूर्तिक पूजा कयनिहार, परस्‍त्रीगमन कयनिहार, वेश्‍या सनक काज कयनिहार पुरुष, समलैंगिक सम्‍बन्‍ध रखनिहार लोक,

यूहन्‍ना 1:8
ओ अपने ओ इजोत नहि छलाह, बल्‍कि ओहि इजोतक सम्‍बन्‍ध मे गवाही देबाक लेल आयल छलाह।

प्रकाशित-वाक्‍य 4:6-8
[6] सिंहासनक आगाँ मे सीसाक समुद्र जकाँ बुझाइत छल, जे आर-पार देखाय वला संगमरमर जकाँ साफ छल। बीच मे सिंहासनक चारू कात चारिटा जीवित प्राणी छल जकरा आगाँ-पाछाँ सभतरि आँखिए-आँखि छलैक।[7] पहिल प्राणी शेर सन छल, दोसर बड़द सन, तेसराक मुँह मनुष्‍यक मुँह जकाँ आ चारिम उड़ैत गरुड़ सन छल।[8] एहि चारू प्राणी मे प्रत्‍येक केँ छओ-छओटा पाँखि छल। ओकरा सभक सम्‍पूर्ण शरीर मे आ पाँखिक तर मे सेहो आँखिए-आँखि छल। ओ सभ दिन-राति बिनु अटकि कऽ ई कहैत रहैत अछि, “सर्वशक्‍तिमान प्रभु-परमेश्‍वर, पवित्र, पवित्र, पवित्र छथि। ओ वैह छथि, जे छलाह, जे छथि आ जे आबहो वला समय मे रहताह।”

प्रकाशित-वाक्‍य 13:5
ओहि जानबर केँ अहंकारी आ परमेश्‍वरक निन्‍दा वला बात सभ बजबाक मुँह देल गेलैक आ बयालीस महिना तक ओकरा अपन काज करैत रहबाक अधिकार भेटलैक।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT