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जिंदगी: [Знакомства]


7:6-21
[6] Однажды я выглянул из окна,[7] и я увидел множество неразумных молодых людей. Но один из них был глупее всех.[8] Он шёл по улице мимо дома падшей женщины.[9] Солнце садилось, было сумеречно, спускалась ночь.[10] Женщина вышла из своего дома встретить его, на ней был наряд блудницы. Она хотела согрешить с молодым человеком.[11] Она была дикая женщина, необузданная.[12] Она вечно бродила по улицам, никогда не сидела дома.[13] Она схватила юношу, поцеловала его и сказала, не стыдясь:[14] "Я сегодня сделала приношение, исполняя обет, и у меня осталось много еды.[15] Я вышла пригласить тебя к себе, пошла искать тебя и вот нашла.[16] Я застелила чистыми простынями постель мою, они очень красивы, из Египта.[17] Я духами опрыскала постель мою, надушила миррой, алое и гвоздикой.[18] Пойдём и будем любить до утра, наслаждаться друг другом всю ночь.[19] Мужа моего нет дома, он уехал по делам.[20] Он взял достаточно денег для долгого путешествия и его две недели не будет дома".[21] Соблазнительными речами она хотела искусить молодого человека, и он обманулся.

2 कोरिन्‍थी 6:14-18
[14] अहाँ सभ मसीह पर विश्‍वास नहि कयनिहार लोक सभक संग बेमेल जुआ मे नहि जोताउ। अधर्म सँ धार्मिकताक कोन मेल? अन्‍हार सँ इजोतक कोन मेल?[15] शैतान सँ मसीहक कोन संगति? अविश्‍वासीक संग विश्‍वासीक कोन सहभागिता?[16] मुरुत सभक संग परमेश्‍वरक मन्‍दिरक कोन समझौता? किएक तँ अपना सभ जीवित परमेश्‍वरक मन्‍दिर छी, जेना कि परमेश्‍वर कहने छथि जे, “हम ओकरा सभक संग वास करब आ ओकरा सभक बीच चलब-फिरब। हम ओकरा सभक परमेश्‍वर होयबैक आ ओ सभ हमर प्रजा होयत।”[17] एहि कारणेँ, “प्रभुक कथन इहो छनि जे, ‘अहाँ सभ ओकरा सभक बीच सँ बाहर आबि कऽ अलग भऽ जाउ। अशुद्ध वस्‍तु सभ सँ हटल रहू, तखन हम अहाँ सभ केँ ग्रहण करब।’ ”[18] “हम अहाँ सभक पिता होयब आ अहाँ सभ हमर बेटा-बेटी सभ होयब। ई सर्वशक्‍तिमान प्रभुक कथन अछि।”

इफिसी 5:19
आपस मे भजन, स्‍तुति-गान और भक्‍तिक गीत गबैत रहू। अपना मोनो मे प्रभुक लेल गीत गबैत-बजबैत रहू,

फिलिप्‍पी 4:13
जे हमरा बल दैत छथि हम तिनका द्वारा सभ किछु कऽ सकैत छी।

याकूब 4:4
यौ बइमान लोक सभ, अहाँ सभ परमेश्‍वरक संग विश्‍वासघात कऽ रहल छी! की अहाँ सभ नहि जनैत छी जे संसार सँ दोस्‍ती कयनाइ परमेश्‍वर सँ दुश्‍मनी कयनाइ अछि? तेँ जे केओ संसारक दोस्‍त बनऽ चाहैत अछि से अपना केँ परमेश्‍वरक शत्रु बना लैत अछि।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT