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जिंदगी: [नौकरी खोना]

1 पत्रुस 5:7
अपन सम्‍पूर्ण चिन्‍ता हुनका पर राखि दिअ, किएक तँ हुनका अहाँ सभक चिन्‍ता छनि।

2 कोरिन्‍थी 8:9
किएक तँ अहाँ सभ अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक कृपा केँ जनैत छी जे धनिक होइतो ओ अहाँ सभक लेल गरीब बनि गेलाह, जाहि सँ अहाँ सभ हुनकर गरीब बनला सँ धनिक बनि जाइ।

2 तिमुथियुस 2:15
अहाँ अपना केँ परमेश्‍वर द्वारा ग्रहणयोग्‍य व्‍यक्‍तिक रूप मे परमेश्‍वरक समक्ष प्रस्‍तुत करबाक पूरा प्रयत्‍न करू, अर्थात्‌ एहन कार्यकर्ताक रूप मे जकरा लज्‍जित होयबाक कोनो कारण नहि होइक और जे सत्‍यक सिद्धान्‍त ठीक सँ सिखबैत होअय।

यूहन्‍ना 16:33
“हम अहाँ सभ केँ ई सभ बात कहि देने छी जाहि सँ हमरा मे अहाँ सभ केँ शान्‍ति भेटय। संसार मे अहाँ सभ पर संकट आओत, मुदा साहस राखू! हम संसार पर विजयी भऽ गेल छी।”

फिलिप्‍पी 4:19
हमर परमेश्‍वर सेहो अपन ओहि असीम महिमाक भण्‍डार सँ जे मसीह यीशु मे रहैत अछि, अहाँ सभक प्रत्‍येक आवश्‍यकता पूरा करताह।

रोमी 8:28
अपना सभ जनैत छी जे परमेश्‍वर सँ प्रेम कयनिहार लोक, अर्थात् हुनका उद्देश्‍यक अनुरूप बजाओल गेल लोक सभक लेल प्रत्‍येक परिस्‍थिति मे परमेश्‍वर भलाइ उत्‍पन्‍न करैत छथि।

फिलिप्‍पी 4:6-7
[6] कोनो बातक चिन्‍ता-फिकिर नहि करू, बल्‍कि प्रत्‍येक परिस्‍थिति मे परमेश्‍वर सँ प्रार्थना आ निवेदन करू; अपन विनती धन्‍यवादक संग हुनका सम्‍मुख प्रस्‍तुत करू।[7] तखन परमेश्‍वरक शान्‍ति, जकरा मनुष्‍य केँ बुझि पौनाइ असम्‍भव अछि, से अहाँ सभक हृदय आ अहाँ सभक बुद्धि केँ मसीह यीशु मे सुरक्षित राखत।

याकूब 1:2-4
[2] यौ हमर भाइ लोकनि, अहाँ सभ पर जखन अनेक प्रकारक आपत्ति-विपत्ति आबय तँ ओकरा महा आनन्‍दक बात बुझू।[3] कारण, अहाँ सभ जनैत छी जे अहाँ सभक विश्‍वासक जाँच भेला सँ धैर्य उत्‍पन्‍न होइत अछि।[4] मुदा धैर्य केँ ओकर अपन काज पूरा करऽ दिऔक, जाहि सँ अहाँ सभ आत्‍मिक रूप सँ बच्‍चा नहि रहि कऽ सभ तरहेँ पूर्ण भऽ जाइ आ अहाँ सभ मे कोनो बातक कमी नहि रहय।

मत्ती 6:28-33
[28] “वस्‍त्रक लेल अहाँ चिन्‍ता किएक करैत छी? जंगलक फूल सभ केँ देखू जे ओ सभ कोन तरहेँ फुलाइत अछि। ओ सभ ने खटैत अछि, आ ने चर्खा कटैत अछि।[29] हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, राजा सुलेमान सेहो अपन राजसी वस्‍त्र पहिरि कऽ एहि फूल सन सुन्‍दर नहि लगैत छलाह।[30] जँ परमेश्‍वर मैदानक घास, जे आइ अछि आ काल्‍हि आगि मे जराओल जायत, तकरा एहि तरहेँ हरियरी सँ भरल रखैत छथि, तँ ओ अहाँ सभ केँ आओर किएक नहि पहिरौताह-ओढ़ौताह? अहाँ सभ केँ कतेक कम विश्‍वास अछि![31] “एहि लेल चिन्‍ता नहि करू जे हम सभ की खायब, की पीब वा की पहिरब।[32] कारण, एहि सभ बातक पाछाँ तँ परमेश्‍वर केँ नहि चिन्‍हऽ वला जातिक लोक सभ पड़ल रहैत अछि। अहाँ सभक पिता जे स्‍वर्ग मे छथि से जनैत छथि जे अहाँ सभ केँ एहि बात सभक आवश्‍यकता अछि।[33] बल्‍कि सभ सँ पहिने परमेश्‍वरक राज्‍य पर, आ परमेश्‍वर जाहि प्रकारक धार्मिकता अहाँ सँ चाहैत छथि, ताहि पर मोन लगाउ, तँ ई सभ वस्‍तु सेहो अहाँ केँ देल जायत।

रोमी 5:1-8
[1] एहि तरहेँ विश्‍वास सँ धार्मिक ठहराओल जयबाक कारणेँ प्रभु यीशु मसीहक द्वारा परमेश्‍वर सँ अपना सभक मेल भेल अछि।[2] यैह यीशु मसीह अपना सभ केँ परमेश्‍वरक संग एहि नव सम्‍बन्‍ध मे अनने छथि जे सम्‍बन्‍ध हुनका कृपा पर आधारित अछि आ जाहि सम्‍बन्‍ध मे अपना सभ स्‍थिर छी। और परमेश्‍वरक महिमा मे सहभागी होयबाक आशा मे आनन्‍दित छी।[3] एतबे नहि, बल्‍कि कष्‍टक समय सभ मे सेहो आनन्‍दित होइत छी, किएक तँ अपना सभ जनैत छी जे कष्‍ट सँ धैर्य उत्‍पन्‍न होइत अछि,[4] धैर्य सँ सच्‍चरित्रता आ सच्‍चरित्रता सँ आशा उत्‍पन्‍न होइत अछि।[5] और ई आशा अपना सभ केँ निराश नहि होमऽ दैत अछि, किएक तँ परमेश्‍वर अपन पवित्र आत्‍मा जे अपना सभ केँ देने छथि, तिनका द्वारा अपन प्रेम अपना सभक हृदय मे भरि देने छथि।[6] सोचू! अपना सभ जखन असहाये छलहुँ तहिए निर्धारित समय पर मसीह अधर्मी सभक लेल मरलाह।[7] दुर्लभ बात अछि जे कोनो धार्मिको मनुष्‍यक लेल केओ अपन प्राण दिअय। हँ, कोनो नीक मनुष्‍यक लेल केओ मरबाक साहस कैओ लिअय।[8] मुदा परमेश्‍वर अपना प्रेम केँ अपना सभक प्रति एहि तरहेँ देखबैत छथि जे, जखन अपना सभ पापिए छलहुँ तखने मसीह अपना सभक लेल मरलाह।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT