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जिंदगी: [ख़ुशी]


रोमी 5:2
यैह यीशु मसीह अपना सभ केँ परमेश्‍वरक संग एहि नव सम्‍बन्‍ध मे अनने छथि जे सम्‍बन्‍ध हुनका कृपा पर आधारित अछि आ जाहि सम्‍बन्‍ध मे अपना सभ स्‍थिर छी। और परमेश्‍वरक महिमा मे सहभागी होयबाक आशा मे आनन्‍दित छी।

2 कोरिन्‍थी 12:10-11
[10] तेँ मसीहक लेल हम अपन दुर्बलता सभ मे, अपमान सभ मे, कष्‍ट सभ मे, सतावट सभ मे आ विपत्ति सभ मे प्रसन्‍न रहैत छी, किएक तँ जखन हम दुर्बल छी तखने बलगर होइत छी।[11] हम एना बात कऽ कऽ मूर्ख बनि गेल छी मुदा अहीं सभ हमरा ताहि लेल विवश कयने छी। उचित तँ ई छल जे अहीं सभ हमरा योग्‍य ठहरबितहुँ, कारण, हम किछु नहि होइतो ओहि “महा मसीह-दूत सभ” सँ कोनो तरहेँ कम नहि छी।

मत्ती 5:8
धन्‍य अछि ओ सभ जकर हृदय शुद्ध छैक, किएक तँ ओ सभ परमेश्‍वर केँ देखत।

1 यूहन्‍ना 3:18
प्रिय बौआ सभ, अपना सभ खाली शब्‍द वा बात द्वारा प्रेम नहि करी, बल्‍कि शुद्ध मोन सँ और काज द्वारा करी।

1 पत्रुस 4:13
बल्‍कि आनन्‍द मनाउ जे अहाँ सभ मसीहक दुःख-भोग मे सहभागी छी। तखन जाहि दिन मसीह अपना महिमा मे फेर औताह, ताहि दिन अहाँ सभ आओर आनन्‍दित होयब।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT