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जिंदगी: [उपवास]

1 कोरिन्‍थी 7:5
अहाँ सभ एक-दोसर केँ एहि अधिकार सँ वंचित नहि करू। जँ अपना केँ प्रार्थना मे समर्पित करबाक लेल से करबो करी तँ दूनूक सहमत सँ आ किछुए समयक लेल। तखन फेर पहिने जकाँ एक संग रहू जाहि सँ एना नहि होअय जे अहाँ सभ केँ अपना पर काबू नहि राखि सकबाक कारणेँ अहाँ सभ केँ शैतान प्रलोभन मे फँसाबय।

मसीह-दूत 13:2
एक दिन जखन ओ सभ उपासक संग प्रभुक आराधना कऽ रहल छलाह, तखन पवित्र आत्‍मा कहलथिन, “हमर ओहि काजक लेल बरनबास और साउल केँ अलग कऽ दिअ जाहि काजक लेल हम हुनका सभ केँ चुनने छी।”

मसीह-दूत 14:23
ओ सभ शिष्‍य सभक लेल प्रत्‍येक मण्‍डली मे देख-रेख कयनिहार सभ केँ नियुक्‍त कयलथिन और उपास आ प्रार्थना कऽ कऽ प्रभु यीशु, जिनका पर ओ सभ विश्‍वास रखने छलाह, तिनका हाथ मे सौंपि देलथिन।

लूका 2:37
तकरा बाद विधवा भऽ गेलीह, और आब ओ चौरासी वर्षक छलीह। ओ मन्‍दिर केँ नहि छोड़ि कऽ दिन-राति उपास आ प्रार्थनाक संग परमेश्‍वरक सेवा मे लागल रहैत छलीह।

लूका 18:12
हम सप्‍ताह मे दू दिन उपास करैत छी, और जे किछु हमरा भेटैत अछि, ताहि मे सँ हम दसम अंश अहाँ केँ चढ़बैत छी।’

मसीह-दूत 13:3-4
[3] तँ ओ सभ उपास आ प्रार्थना कऽ कऽ हुनका सभ पर हाथ राखि विदा कयलथिन।[4] ई दूनू गोटे पवित्र आत्‍माक आदेशक अनुसार सिलूकिया चल गेलाह आ ओतऽ सँ पानि जहाज सँ साइप्रस द्वीप गेलाह।

लूका 4:2-4
[2] जतऽ चालिस दिन धरि शैतान हुनका सँ पाप करयबाक प्रयत्‍न कयलकनि। एहि चालिस दिन मे ओ किछु नहि खयलनि, और एतेक दिन बितला पर हुनका बहुत भूख लागल छलनि।[3] तँ शैतान हुनका कहलकनि, “तोँ जँ परमेश्‍वरक पुत्र छह तँ एहि पाथर केँ रोटी बनि जयबाक आज्ञा दहक।”[4] यीशु उत्तर देलथिन, “धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि जे, मनुष्‍य मात्र रोटिए सँ नहि जीवित रहत। ”

मत्ती 6:16-18
[16] “अहाँ सभ जखन उपास करी तखन पाखण्‍डी सभ जकाँ मुँह लटकौने नहि रहू। कारण, ओ सभ अपन मुँह म्‍लान कयने रहैत अछि जाहि सँ लोक सभ बुझैक जे ओ उपास कयने अछि। हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी, लोक बुझलक, ओहि सँ बेसी ओ सभ कोनो इनामक बाट बेकार ताकत।[17] मुदा अहाँ जखन उपास करी तँ तेल-कुड़ लिअ आ अपन मुँह-हाथ धोउ,[18] जाहि सँ लोक नहि बुझय जे अहाँ उपास कयने छी, बल्‍कि मात्र अहाँक पिता, जिनका केओ नहि देखि सकैत छनि, से बुझथि। एहि सँ अहाँक पिता जे गुप्‍त काज केँ सेहो देखैत छथि, से अहाँ केँ प्रतिफल देताह।

लूका 18:1-12
[1] तखन यीशु अपना शिष्‍य सभ केँ ई बुझयबाक लेल जे निराश नहि भऽ कऽ प्रार्थना करैत रहबाक अछि, एक दृष्‍टान्‍त देलथिन।[2] ओ कहलथिन, “कोनो शहर मे एक न्‍यायाधीश रहैत छल जे ने परमेश्‍वरक डर मानैत छल आ ने कोनो मनुष्‍य केँ मोजर दैत छल।[3] ओहि शहर मे एक विधवा सेहो रहैत छलि जे बेर-बेर ओकरा लग आबि कऽ कहैत छलैक जे, ‘हमर उचित न्‍याय कऽ दिअ और हमरा संग जे अपराध कऽ रहल अछि, तकरा सँ हमरा बचाउ।’[4] “किछु दिन धरि ओ नहि मानलक, मुदा बाद मे ओ मोने-मोन सोचऽ लागल जे, ‘ओना तँ हम ने परमेश्‍वरक डर मानैत छी आ ने मनुष्‍य केँ मोजर दैत छी,[5] तैयो ई विधवा हमरा ततेक तंग कऽ देने अछि जे हम एकर उचित न्‍याय अवश्‍य कऽ देबैक। नहि तँ ई बेर-बेर आबि कऽ हमरा अकछ कऽ देत!’ ”[6] तखन प्रभु कहलथिन, “ओ अधर्मी न्‍यायाधीश की कहलक, से सुनलहुँ?[7] तँ की परमेश्‍वर अपन चुनल लोक, जे हुनका सँ दिन-राति विनती करैत छनि, तकरा सभक लेल उचित न्‍याय नहि करथिन? की ओकरा सभक लेल न्‍याय करऽ मे देरी करताह?[8] हम अहाँ सभ केँ कहैत छी, ओ ओकरा सभक लेल उचित न्‍याय करथिन, और शीघ्र करथिन। मुदा मनुष्‍य-पुत्र जहिया औताह, तँ की एहन विश्‍वास हुनका ककरो लग भेटतनि?”[9] तखन यीशु एहन लोक सभक लेल जे अपना केँ धर्मी मानि कऽ अपना धार्मिकता पर भरोसा रखैत छल और आन लोक सभ केँ हेय दृष्‍टि सँ देखैत छल, तकरा सभक लेल ई दृष्‍टान्‍त सुनौलनि,[10] “दू आदमी मन्‍दिर मे प्रार्थना करऽ गेल। एक गोटे फरिसी रहय और दोसर कर असूल करऽ वला।[11] फरिसी ठाढ़ भऽ कऽ एहि तरहेँ अपना विषय मे प्रार्थना कऽ कऽ कहऽ लागल, ‘हे परमेश्‍वर, हम अहाँ केँ धन्‍यवाद दैत छी जे हम आन लोक सभ जकाँ ठकहारा, दुष्‍कर्मी, वा परस्‍त्रीगमन करऽ वला नहि छी, आ ने एहि कर असूल करऽ वला सन छी।[12] हम सप्‍ताह मे दू दिन उपास करैत छी, और जे किछु हमरा भेटैत अछि, ताहि मे सँ हम दसम अंश अहाँ केँ चढ़बैत छी।’

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT