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जिंदगी: [प्रभेद]


1 कोरिन्‍थी 2:14
मुदा जाहि मनुष्‍य मे परमेश्‍वरक आत्‍मा नहि रहैत छथि से परमेश्‍वरक आत्‍माक बात सभ केँ स्‍वीकार नहि करैत अछि, किएक तँ ओ ओहि बात सभ केँ मूर्खता मानैत अछि। ओ ओकरा बुझि नहि सकैत अछि, किएक तँ परमेश्‍वरक आत्‍मे द्वारा ओकर थाह पाओल जा सकैत अछि।

1 कोरिन्‍थी 12:10
किनको चमत्‍कारक काज सभ करबाक वरदान, किनको प्रभुक दिस सँ सम्‍बाद पयबाक आ सुनयबाक वरदान, किनको ई चिन्‍हबाक वरदान जे कोनो बात परमेश्‍वरक आत्‍माक दिस सँ अछि वा दोसर आत्‍माक दिस सँ, किनको अनजान भाषा बजबाक वरदान आ किनको ओहि भाषा सभक अर्थ बुझयबाक वरदान देल जाइत अछि।

1 कोरिन्‍थी 14:29-33
[29] परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता सभ मे सँ दू वा तीन गोटे बाजथि आ बाँकी लोक हुनकर सभक बात सभक जाँच करथि।[30] मुदा जँ ओतऽ बैसल लोक सभ मे सँ किनको पर परमेश्‍वर सँ कोनो सत्‍य प्रगट भऽ जाय तँ पहिने सँ बाजऽ वला व्‍यक्‍ति चुप भऽ जाथि।[31] अहाँ सभ बेरा-बेरी सभ केओ परमेश्‍वर सँ पाओल सम्‍बाद सुना सकैत छी जाहि सँ सभ केँ शिक्षा आ प्रोत्‍साहन भेटय।[32] परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता सभ केँ अपन आत्‍मा पर नियन्‍त्रण छनि,[33] किएक तँ परमेश्‍वर द्वारा अव्‍यवस्‍था नहि उत्‍पन्‍न होइत अछि, बल्‍कि शान्‍ति। जहिना प्रभुक लोकक सभ मण्‍डली मे होइत अछि,

1 यूहन्‍ना 2:27
मुदा जे पवित्र आत्‍मा अहाँ सभ केँ मसीह प्रदान कयलनि, से अहाँ सभ मे वास करैत छथि, और तेँ अहाँ सभ केँ आरो शिक्षकक कोनो आवश्‍यकता नहि अछि। कारण, हुनकर आत्‍मा अहाँ सभ केँ सभ बात सिखबैत छथि, और ओ आत्‍मा सत्‍य छथि, ओ झुट्ठा नहि छथि। जेना ओ अहाँ सभ केँ मसीह मे बनल रहबाक लेल सिखौने छथि तहिना हुनका मे बनल रहू।

1 यूहन्‍ना 4:1
प्रिय मित्र सभ, ताहि सभ लोकक विश्‍वास नहि करू जे कहैत अछि जे हमरा मे परमेश्‍वरक आत्‍मा छथि, बल्‍कि ओकरा सभक जाँच करू, ई बुझबाक लेल जे ओकरा मे जे आत्‍मा छैक, से परमेश्‍वरक दिस सँ अछि वा नहि। किएक तँ बहुतो लोक संसार मे निकलि गेल अछि जे झूठ बाजि कऽ अपना केँ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता कहैत अछि।

1 थिसलुनिकी 5:21
सभ बात केँ ठीक सँ जाँचू-बुझू और जे ठीक अछि ताहि मे दृढ़ रहू।

1 तिमुथियुस 4:1
परमेश्‍वरक आत्‍मा स्‍पष्‍ट कहैत छथि जे अन्‍तिम समय मे एहनो लोक सभ होयत जे सभ बहकाबऽ वला आत्‍मा सभ केँ आ दुष्‍टात्‍मा सभक शिक्षा सभ केँ मानि कऽ विश्‍वास त्‍यागि देत।

कुलुस्‍सी 2:8
सावधान रहू, कतौ एना नहि होअय जे, केओ अहाँ सभ केँ छल-कपट सँ फुसियाहा तर्क-वितर्क द्वारा धोखा दऽ कऽ अपना जाल मे फँसाबय। ओहन लोकक तर्क-वितर्क मसीह पर नहि, बल्‍कि मनुष्‍यक परम्‍परा सभ पर आ एहि संसारक सिद्धान्‍त सभ पर आधारित अछि।

इब्रानी 4:12
कारण, परमेश्‍वरक वचन जीवित आ फलदायक अछि आ कोनो दूधारी तरुआरिओ सँ तेज अछि। ओ प्राण आ आत्‍मा, जोड़-जोड़ आ हड्डीक भीतरका गुद्दी मे छेदि कऽ ओकरा अलग-अलग कऽ दैत अछि और मोनक विचार आ भावनाक जाँच करैत अछि।

इब्रानी 5:14
मुदा ठोस भोजन अछि पैघ लोकक लेल, जे सभ बुद्धि लगबैत अभ्‍यास द्वारा नीक-अधलाह केँ चिन्‍हऽ मे निपुण भऽ गेल अछि।

याकूब 1:5
जँ अहाँ सभ मे सँ किनको बुद्धिक अभाव होअय तँ परमेश्‍वर सँ माँगू। परमेश्‍वर अहाँ केँ बुद्धि देताह। कारण, ओ बिनु डँटने खुशी सँ सभ केँ दैत छथि।

यूहन्‍ना 7:24
मुँह देखि न्‍याय कयनाइ छोड़ू और उचित न्‍याय करू।”

मत्ती 10:16
“देखू, हम अहाँ सभ केँ भेँड़ी जकाँ जंगली जानबर सभक बीच मे पठा रहल छी, तेँ अहाँ सभ साँप जकाँ होसियार आ परबा जकाँ निष्‍कपट बनू।

मत्ती 24:24
कारण, ओहि समय मे झुट्ठा मसीह आ झूठ बाजि कऽ अपना केँ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता कहऽ वला सभ प्रगट होयत, और एहन अजगूत बात आ चमत्‍कार सभ देखाओत जे, जँ सम्‍भव रहैत, तँ परमेश्‍वरक चुनल लोक सभ केँ सेहो बहका दैत।

रोमी 12:2
अहाँ सभ एहि संसारक अनुरूप आचरण नहि करू, बल्‍कि परमेश्‍वर केँ अहाँक सोच-विचार केँ नव बनाबऽ दिऔन आ तहिना अहाँ केँ पूर्ण रूप सँ बदलि देबऽ दिऔन। एहि तरहेँ परमेश्‍वर अहाँ सभ सँ की चाहैत छथि, अर्थात् हुनका नजरि मे की नीक अछि, की ग्रहणयोग्‍य अछि आ की सर्वोत्तम अछि, तकरा अहाँ सभ अनुभव सँ जानि जायब।

मसीह-दूत 17:10-11
[10] ओही दिन अन्‍हार होइत देरी विश्‍वासी भाय सभ पौलुस आ सिलास केँ बिरीया नगर पठा देलथिन। ओतऽ पहुँचि कऽ ओ सभ यहूदी सभक सभाघर मे गेलाह।[11] बिरीया निवासी यहूदी सभ थिसलुनिका निवासी यहूदी सभक अपेक्षा नम्र भावनाक छल, कारण ओ सभ बहुत उत्‍सुकता सँ प्रभुक शुभ समाचारक बात सुनलक आ प्रत्‍येक दिन धर्मशास्‍त्रक अध्‍ययन नीक जकाँ एहि लेल करैत छल जे, देखी, पौलुसक कहल बात एहि सँ मिलैत अछि वा नहि।

फिलिप्‍पी 1:9-10
[9] परमेश्‍वर सँ हमर प्रार्थना यैह अछि जे अहाँ सभक प्रेम सत्‍य-ज्ञान आ पूर्ण बुद्धि-विवेकक संग निरन्‍तर बढ़ैत जाय,[10] जाहि सँ अहाँ लोकनि सभ सँ उत्तम बात सभ चिन्‍हि ली आ मसीहक अयबाक दिन धरि निर्दोष आ शुद्ध मोनक रही

1 तिमुथियुस 6:3-5
[3] एहि सिद्धान्‍त सभ सँ हटि कऽ जँ केओ कोनो आन शिक्षा दैत अछि आ अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक सत्‍य सिद्धान्‍त सभ केँ नहि मानैत अछि और ओहि शिक्षा सँ सहमत नहि अछि जे असली भक्‍ति उत्‍पन्‍न करैत अछि,[4] तँ ओ अहंकारी आ अज्ञानी अछि। ओकरा झगड़ा करबाक आ शब्‍द सभक विषय मे निरर्थक वाद-विवाद करबाक रोग लागल छैक। एहि प्रकारक वाद-विवाद सँ ईर्ष्‍या, दुश्‍मनी, निन्‍दा आ दोसर लोक सभ पर अधलाह सन्‍देह होमऽ लगैत अछि,[5] और ओहन लोक सभक बीच हरदम झगड़ा होमऽ लगैत छैक, जकर सभक बुद्धि भ्रष्‍ट भऽ गेल छैक, जे सभ सत्‍य सँ वंचित भऽ गेल अछि आ जे सभ भक्‍ति कयनाइ केँ लाभ कमयबाक साधन मानैत अछि।

2 कोरिन्‍थी 11:13-15
[13] किएक तँ एहन लोक झुट्ठा मसीह-दूत अछि जे अपना काज द्वारा धोखा दैत अछि आ मसीहक दूत होमऽ सनक रूप मात्र धारण करैत अछि।[14] ई कोनो आश्‍चर्यक बात नहि अछि, किएक तँ शैतान स्‍वयं चमकैत स्‍वर्गदूतक रूप धारण कऽ लैत अछि।[15] तेँ जँ ओकर सेवक सभ सेहो धार्मिकताक सेवकक रूप धारण करैत अछि तँ एहि मे कोनो आश्‍चर्य नहि, मुदा जेहने ओकरा सभक काज अछि, तेहने ओकरा सभक अन्‍त होयतैक।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT