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जिंदगी: [बुढ़ापा]


1 तिमुथियुस 5:8
जे केओ अपन सम्‍बन्‍धी सभक आ विशेष कऽ अपने परिवारक सदस्‍य सभक देख-रेख नहि करैत अछि, से विश्‍वास त्‍यागि देने अछि और अविश्‍वासिओ सँ भ्रष्‍ट अछि।

2 कोरिन्‍थी 4:16
यैह कारण अछि जे हम सभ साहस नहि छोड़ैत छी। ओना तँ हमरा सभक बाहरी शारीरिक बल घटल जा रहल अछि तैयो हमरा सभक भितरी आत्‍मिक बल दिन प्रति दिन नव भेल जा रहल अछि।

फिलेमोन 1:9
प्रेमक आधार पर अहाँ सँ एकटा विनतिए करैत छी—हम पौलुस, जे आब बूढ़ भऽ गेल छी आ मसीह यीशुक लेल एखन जहल मे छी ।

तीतुस 2:3
एही तरहेँ बुढ़ि स्‍त्रीगण सभ केँ सिखबिऔन जे हुनका सभक चालि-चलन प्रभुक श्रद्धा मानऽ वला लोकक अनुरूप होनि। ओ सभ दोसराक निन्‍दा-शिकायत नहि करथि आ शराबी नहि होथि, बल्‍कि नीक बात सिखौनिहारि होथि,

1 तिमुथियुस 5:1-2
[1] वृद्ध पुरुष सभ केँ डाँटि-डपटि कऽ नहि, बल्‍कि हुनका सभ केँ अपन पिता तुल्‍य मानि आग्रहपूर्बक समझाउ-बुझाउ। युवक सभ केँ भाय,[2] वृद्ध स्‍त्रीगण सभ केँ माय, आ युवती सभ केँ बहिन मानि हुनका सभक संग एकदम पवित्र भावना सँ व्‍यवहार राखू।

फिलिप्‍पी 3:20-21
[20] मुदा अपना सभक नागरिकता तँ स्‍वर्गक अछि आ अपना सभ स्‍वर्ग सँ आबऽ वला मुक्‍तिदाताक बाट उत्‍सुकतापूर्बक तकैत रहैत छी, अर्थात्‌, प्रभु यीशु मसीहक।[21] हुनका सभ किछु केँ अपना अधीन कऽ लेबाक जे सामर्थ्‍य छनि, ताहि सामर्थ्‍य द्वारा ओ अपना सभक कमजोर मरणशील शरीर केँ बदलि कऽ अपन महिमामय शरीर जकाँ बना देताह।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT