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अच्छा चरित्र : [धीरज]


1 कोरिन्‍थी 13:4
प्रेम सहनशील आ दयालु होइत अछि। प्रेम डाह नहि करैत अछि, प्रेम अपन बड़ाइ नहि करैत अछि आ ने घमण्‍ड करैत अछि।

फिलिप्‍पी 4:6
कोनो बातक चिन्‍ता-फिकिर नहि करू, बल्‍कि प्रत्‍येक परिस्‍थिति मे परमेश्‍वर सँ प्रार्थना आ निवेदन करू; अपन विनती धन्‍यवादक संग हुनका सम्‍मुख प्रस्‍तुत करू।

रोमी 12:12
आशा राखि आनन्‍दित रहू, विपत्ति मे धैर्य राखू, प्रार्थना मे लागल रहू।

इफिसी 4:2
पूर्ण रूप सँ विनम्र भऽ कऽ कोमलताक संग एक-दोसराक संग धैर्य राखू। प्रेम सँ एक-दोसराक संग सहनशील होउ।

गलाती 6:9
अपना सभ भलाइक काज करऽ सँ थाकी नहि, किएक तँ जँ अपना सभ हिम्‍मत नहि हारब तँ उचित समय पर कटनी काटब।

लूका 15:11-24
[11] यीशु आगाँ कहलथिन, “एक आदमी केँ दूटा बेटा रहनि।[12] छोटका अपना बाबू केँ कहलकनि, ‘यौ बाबूजी! हमर अंश-सम्‍पत्ति जे-जतेक होयत, से एखने हमरा बाँटि कऽ दऽ दिअ।’ एहि पर बाबू दूनू बेटा मे अपन धन-सम्‍पत्ति बाँटि देलथिन।[13] “किछु दिनक बाद छोटका बेटा अपन सभ धन-सम्‍पत्ति लऽ कऽ दूर परदेश चल गेल। ओतऽ ओ भोग-विलास मे अपन सभ धन उड़ा लेलक।[14] ओकर सभ धन खर्च भऽ गेलाक बाद, ओहि देश मे बहुत भारी रौदी पड़लैक, और ओ बड़का विपत्ति मे पड़ि गेल।[15] तखन ओ ओहि देशक एक आदमीक शरण मे गेल, जे ओकरा अपना खेत मे सुगर चरयबाक लेल पठौलकैक।[16] ओकरा बड्ड इच्‍छा भेलैक जे, जे खोंइचा सुगर सभ खा रहल अछि ताहि सँ हम अपनो पेट भरितहुँ, मुदा ओकरा केओ किछु नहि दैत छलैक।[17] “तखन ओकरा होश अयलैक, और ओ सोचऽ लागल जे, हमर बाबूजीक ओतेक नोकर-चाकर सभ भरि पेट भोजन पबैत अछि, और हम एतऽ भूख सँ मरऽ-मरऽ पर छी।[18] हम अपना बाबूक ओहिठाम जा कऽ ई कहबनि जे, बाबूजी, हम परमेश्‍वरक विरोध मे और अहाँक विरोध मे पाप कयने छी।[19] हम आब अहाँक बालक कहयबा जोगरक नहि छी। अपना नोकर सभ जकाँ हमरो एकटा नोकर मानू।[20] “एना विचार कऽ कऽ ओ उठल आ अपना बाबूक ओहिठाम जयबाक लेल विदा भऽ गेल। ओ घर सँ दूरे छल कि ओकर बाबू ओकरा चिन्‍हि गेलथिन और हुनकर हृदय दया सँ भरि गेलनि। ओ दौड़ि कऽ अपना बेटा केँ भरि पाँज पकड़ि ओकरा चुम्‍मा लेबऽ लगलथिन।[21] बेटा हुनका कहलकनि, ‘बाबूजी, हम परमेश्‍वरक विरोध मे और अहाँक विरोध मे पाप कयने छी। हम आब अहाँक पुत्र कहयबा जोगरक नहि छी।’[22] मुदा पिता अपना नोकर सभ केँ कहलथिन, ‘जल्‍दी सँ बढ़ियाँ-बढ़ियाँ कपड़ा आनि कऽ एकरा पहिरा दहक, हाथ मे औँठी लगा दहक, पयर मे जुत्ता सेहो पहिरा दहक,[23] और ओ मोटका पशु जे पोसि कऽ रखने छी, तकरा काटह! हम सभ भोज कऽ कऽ खुशी मनायब,[24] किएक तँ ई हमर बेटा मरि गेल छल आ फेर जीबि गेल! ई हेरायल छल आ फेर भेटि गेल!’ तकरबाद ओ सभ खुशी मनाबऽ लगलाह।

रोमी 8:24-30
[24] जहिया सँ अपना सभक उद्धार भेल, तहिया सँ अपना सभ मे ई आशा बनल रहल अछि। मुदा जँ अपना सभ ओहि वस्‍तु केँ प्राप्‍त कैए लेने छी जकर आशा रखैत छी, तँ ओकरा “आशा” नहि कहल जाइत अछि। जकरा कोनो वस्‍तु प्राप्‍त भऽ गेल छैक, से तकर आशा किएक करत?[25] मुदा अपना सभ ओहि वस्‍तुक आशा करैत छी जे देखैत नहि छी, आ तेँ धैर्यपूर्बक ओकर प्रतीक्षा करैत छी।[26] एही तरहेँ पवित्र आत्‍मा सेहो अपना सभक दुर्बलता मे सहायता करैत छथि, किएक तँ अपना सभ नहि जनैत छी जे अपना सभ केँ प्रार्थना कोन तरहेँ करबाक चाही, मुदा आत्‍मा अपने कुहरि-कुहरि कऽ अपना सभक लेल विनती करैत छथि, जकरा शब्‍द मे व्‍यक्‍त नहि कयल जा सकैत अछि।[27] और परमेश्‍वर, जे अपना सभक हृदयक भेद केँ जनैत छथि, से जनैत छथि जे आत्‍माक अभिप्राय की छनि, कारण, आत्‍मा परमेश्‍वरक इच्‍छाक अनुसार हुनकर लोक सभक लेल विनती करैत छथि।[28] अपना सभ जनैत छी जे परमेश्‍वर सँ प्रेम कयनिहार लोक, अर्थात् हुनका उद्देश्‍यक अनुरूप बजाओल गेल लोक सभक लेल प्रत्‍येक परिस्‍थिति मे परमेश्‍वर भलाइ उत्‍पन्‍न करैत छथि।[29] परमेश्‍वर अपना लोक केँ शुरुए सँ चिन्‍हैत छलाह, आ ओकरा सभक लेल ओ ई निश्‍चित कयलनि जे ओ सभ हुनकर पुत्रक समरूप बनय, जाहि सँ यीशु मसीह बहुतो भाय सभक जेठ भाय ठहरथि।[30] जकरा सभक लेल ओ ई निश्‍चित कयलनि जे ओ सभ हुनकर पुत्रक समरूप बनय, तकरा सभ केँ ओ बजौलनि सेहो, आ जकरा सभ केँ बजौलनि तकरा सभ केँ धार्मिक सेहो ठहरौलनि। जकरा सभ केँ ओ धार्मिक ठहरौलनि, तकरा सभ केँ ओ अपन महिमा मे सहभागी सेहो बनौलनि।

2 थिसलुनिकी 1:4-5
[4] एहि लेल परमेश्‍वरक आन मण्‍डली सभक बीच हम सभ अहाँ सभक बड़ाइ करैत छी जे, जतेक कष्‍ट आ अत्‍याचार अहाँ सभ सहि रहल छी ताहि सभ मे सेहो अहाँ सभक धैर्य आ विश्‍वास स्‍थिर रहैत अछि।[5] ई सभ एहि बातक प्रमाण अछि जे परमेश्‍वरक न्‍याय उचित होइत छनि; आ एकर फल ई अछि जे अहाँ सभ परमेश्‍वरक राज्‍यक योग्‍य ठहरब, जाहि राज्‍यक लेल अहाँ सभ एखन दुःख सहि रहल छी।

इब्रानी 11:13-16
[13] जाहि बात सभक बारे मे परमेश्‍वर वचन देने छलाह, से बात सभ बिनु पौने ई सभ लोक विश्‍वास करितहि मरलाह मुदा ओहि बात सभ केँ दूरे सँ देखि आनन्‍दित छलाह। ई सभ खुलि कऽ मानि लेलनि जे, “ई संसार हमरा सभक वास्‍तविक घर नहि अछि; हम सभ एतऽ परदेशी भऽ रहि रहल छी।”[14] जे केओ एहन बात कहैत अछि से स्‍पष्‍ट देखबैत अछि जे ओ एक एहन देशक बाट ताकि रहल अछि जे ओकर अपन होइक।[15] ओ सभ ओहि देशक सम्‍बन्‍ध मे नहि सोचैत छलाह जाहि देश सँ ओ सभ निकलल छलाह, कारण जँ से बात रहैत तँ ओतऽ घूमि कऽ फेर जा सकैत छलाह।[16] मुदा नहि। ओ सभ ताहि सँ उत्तम एक देश, अर्थात् “स्‍वर्ग-देश”, मे पहुँचबाक अभिलाषी छलाह। एहि कारणेँ परमेश्‍वर हुनका सभक परमेश्‍वर कहयबा मे कोनो संकोच नहि मानैत छथि। ओ तँ हुनका सभक लेल एक नगर तैयार कऽ लेने छथि।

रोमी 5:2-4
[2] यैह यीशु मसीह अपना सभ केँ परमेश्‍वरक संग एहि नव सम्‍बन्‍ध मे अनने छथि जे सम्‍बन्‍ध हुनका कृपा पर आधारित अछि आ जाहि सम्‍बन्‍ध मे अपना सभ स्‍थिर छी। और परमेश्‍वरक महिमा मे सहभागी होयबाक आशा मे आनन्‍दित छी।[3] एतबे नहि, बल्‍कि कष्‍टक समय सभ मे सेहो आनन्‍दित होइत छी, किएक तँ अपना सभ जनैत छी जे कष्‍ट सँ धैर्य उत्‍पन्‍न होइत अछि,[4] धैर्य सँ सच्‍चरित्रता आ सच्‍चरित्रता सँ आशा उत्‍पन्‍न होइत अछि।

प्रकाशित-वाक्‍य 6:9-11
[9] जखन बलि-भेँड़ा पाँचम छाप खोललनि तखन हम वेदीक नीचाँ मे ओहि लोक सभक आत्‍मा सभ केँ देखलहुँ, जे सभ परमेश्‍वरक वचन पर अटल रहबाक कारणेँ आ तकर गवाही देबाक कारणेँ मारल गेल छलाह।[10] ओ सभ जोर सँ आवाज देलनि जे, “हे स्‍वामी, अहाँ जे पवित्र आ सत्‍य छी, अहाँ कहिया तक पृथ्‍वीक निवासी सभक न्‍याय कऽ कऽ हमरा सभक खूनक बदला नहि लेब?”[11] हुनका सभ मे प्रत्‍येक केँ उज्‍जर वस्‍त्र देल गेलनि आ कहल गेलनि जे, “किछु समय तक आओर विश्राम करह, जाबत धरि तोरा सभक ओहि संगी-सेवक आ भाय सभक संख्‍या नहि पुरि जाइत छह, जे सभ तोरे सभ जकाँ मारल जायत।”

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT