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अच्छा चरित्र : [ईमानदार]


2 कोरिन्‍थी 8:21
किएक तँ हम सभ मात्र प्रभुएक दृष्‍टि मे नहि, बल्‍कि मनुष्‍य सभक दृष्‍टि मे सेहो ठीक सँ काज करबाक ध्‍यान रखैत छी।

2 तिमुथियुस 2:15
अहाँ अपना केँ परमेश्‍वर द्वारा ग्रहणयोग्‍य व्‍यक्‍तिक रूप मे परमेश्‍वरक समक्ष प्रस्‍तुत करबाक पूरा प्रयत्‍न करू, अर्थात्‌ एहन कार्यकर्ताक रूप मे जकरा लज्‍जित होयबाक कोनो कारण नहि होइक और जे सत्‍यक सिद्धान्‍त ठीक सँ सिखबैत होअय।

कुलुस्‍सी 3:9
एक-दोसर सँ झूठ नहि बाजू, किएक तँ अहाँ सभ अपन पुरान स्‍वभाव केँ ओकर अधलाह आचरण समेत त्‍यागि देने छी,

इफिसी 4:25
एहि लेल, अहाँ सभ मे सँ प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति झूठ बजनाइ छोड़ू, और एक-दोसर सँ सत्‍य बाजू, कारण, अपना सभ एके शरीरक अंग भऽ कऽ एक-दोसराक छी।

याकूब 1:26
जँ केओ अपना केँ धार्मिक बुझैत अछि मुदा अपन मुँह काबू मे नहि रखैत अछि तँ ओ अपना केँ धोखा दैत अछि और ओकर ओ धर्म बेकार छैक।

याकूब 3:17
मुदा जे बुद्धि ऊपर सँ अबैत अछि से सभ सँ पहिने पवित्र होइत अछि, तकरबाद ओ शान्‍तिप्रिय, नम्र, विचारशील, आ करुणा सँ भरल अछि आ नीक काज द्वारा प्रगट होइत अछि। ओहि मे कोनो पक्षपात वला बात वा छल-कपट नहि रहैत अछि।

लूका 6:31
जेहन व्‍यवहार अहाँ चाहैत छी जे लोक अहाँक संग करय, तेहने व्‍यवहार अहूँ लोकक संग करू।

मत्ती 5:8
धन्‍य अछि ओ सभ जकर हृदय शुद्ध छैक, किएक तँ ओ सभ परमेश्‍वर केँ देखत।

यूहन्‍ना 1:3
वचने द्वारा सभ वस्‍तु उत्‍पन्‍न कयल गेल, और जे किछु उत्‍पन्‍न भेल ओहि मे सँ एकोटा वस्‍तु हुनका बिना उत्‍पन्‍न नहि भेल।

यूहन्‍ना 3:18
जे व्‍यक्‍ति हुनका पर विश्‍वास करैत अछि से दोषी नहि ठहराओल जाइत अछि, मुदा जे व्‍यक्‍ति हुनका पर विश्‍वास नहि करैत अछि, से दोषी ठहराओल जा चुकल अछि, किएक तँ ओ परमेश्‍वरक एकलौता बेटा पर विश्‍वास नहि कयने अछि।

फिलिप्‍पी 4:8-9
[8] अन्‍त मे, यौ भाइ लोकनि, जे बात सभ सत्‍य अछि, जे बात सभ प्रतिष्‍ठित अछि, जे बात सभ न्‍यायसंगत अछि, जे बात सभ पवित्र अछि, जे बात सभ प्रेम करबाक योग्‍य अछि, जे बात सभ आदरयोग्‍य अछि, अर्थात्, जे कोनो बात उत्तम वा प्रशंसनीय अछि ताही पर ध्‍यान लगौने रहू।[9] अहाँ सभ जे बात सभ हमरा सँ सिखलहुँ, पौलहुँ, सुनलहुँ आ हमरा मे देखलहुँ, तकरे अनुरूप आचरण करू। आ परमेश्‍वर जे शान्‍तिक स्रोत छथि, से अहाँ सभक संग रहताह।

1 पत्रुस 3:10-12
[10] जेना धर्मशास्‍त्र कहैत अछि, “जे केओ जीवन मे आनन्‍द उठाबऽ चाहैत अछि आ नीक दिन देखऽ चाहैत अछि, से अपना जीह केँ अधलाह बात सभ बाजऽ सँ आ अपना ठोर केँ कपटपूर्ण बात सभ बाजऽ सँ रोकय।[11] ओ दुष्‍टता सँ दूर रहय आ भलाइक काज करय, ओ पूरा मोन सँ सभक संग शान्‍ति सँ रहबाक कोशिश करय।[12] किएक तँ प्रभुक कृपादृष्‍टि धार्मिक लोक सभ पर रहैत अछि, आ हुनकर कान ओकरा सभक प्रार्थनाक दिस लागल रहैत अछि, मुदा जे सभ अधलाह काज करैत अछि, तकरा सभक दिस सँ प्रभु मुँह फेरि लैत छथि।”

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT