A A A A A

अच्छा चरित्र : [दया]


कुलुस्‍सी 3:12
तेँ अहाँ सभ परमेश्‍वरक चुनल लोक, हुनकर पवित्र और प्रिय लोक सभ भऽ कऽ, दयालुता, करुणा, नम्रता, कोमलता आ सहनशीलता केँ धारण करू।

याकूब 5:11
स्‍मरण राखू जे, जे सभ कष्‍ट सहि कऽ स्‍थिर बनल रहलाह, तिनका सभ केँ अपना सभ धन्‍य कहैत छियनि। अहाँ सभ अय्‍यूबक धैर्यक बारे मे सुनने छी और अहाँ सभ केँ इहो बुझल अछि जे प्रभु अन्‍त मे हुनका लेल की कयलनि। प्रभु तँ बड्ड करुणामय आ दयालु छथि।

रोमी 9:15
किएक तँ परमेश्‍वर मूसा केँ कहलथिन, “हम जकरा पर चाहब तकरा पर कृपा करब, आ जकरा पर चाहब तकरा पर दया करब।”

2 कोरिन्‍थी 1:3-4
[3] अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक जे परमेश्‍वर आ पिता छथि, तिनकर स्‍तुति होनि, जे दया करऽ वला पिता छथि आ सभ प्रकारक सान्‍त्‍वना देबऽ वला परमेश्‍वर छथि।[4] ओ अपना सभ केँ सभ प्रकारक दुःख-तकलीफ मे सान्‍त्‍वना दैत छथि जाहि सँ अपनो सभ परमेश्‍वर सँ प्राप्‍त एहि सान्‍त्‍वना द्वारा सभ प्रकारक दुःख मे पड़ल लोक सभ केँ सान्‍त्‍वना दऽ सकिऐक।

फिलिप्‍पी 2:1-3
[1] एहि लेल, जखन मसीह सँ संयुक्‍त रहला सँ अहाँ सभ केँ प्रोत्‍साहन भेटैत अछि, जखन हुनका प्रेम सँ सान्‍त्‍वना भेटैत अछि, जखन पवित्र आत्‍माक संग संगति अछि, जखन स्‍नेहक भावना आ सहानुभूति अछि,[2] तँ अहाँ सभ एक-दोसर सँ सहमत रहू, एक-दोसर सँ प्रेम करू, एकचित्त रहि एके लक्ष्‍य राखू और एहि तरहेँ हमर आनन्‍द पूर्ण करू।[3] स्‍वार्थपूर्ण अभिलाषा सँ वा अपना केँ किछु बनयबाक लेल कोनो काज नहि करू, बल्‍कि नम्र भऽ कऽ दोसर केँ अपना सँ श्रेष्‍ठ मानू।

मत्ती 9:35-38
[35] यीशु नगर-नगर, गाम-गाम घुमऽ लगलाह। ओ यहूदी सभक सभाघर सभ मे उपदेश दैत छलाह, परमेश्‍वरक राज्‍यक शुभ समाचार सुनबैत छलाह आ लोक सभ केँ सभ तरहक कष्‍ट-बिमारी सँ मुक्‍त करैत छलाह।[36] लोकक भीड़ केँ देखि कऽ हुनका दया होइत छलनि, कारण ओ सभ पीड़ित आ असहाय छल—ओहि भेँड़ी सभ जकाँ जकर केओ चरबाह नहि होइक।[37] तखन ओ अपना शिष्‍य सभ केँ कहलथिन, “पाकल फसिल तँ बहुत अछि, मुदा काटऽ वला मजदूर कम अछि।[38] तेँ खेतक मालिक सँ प्रार्थना करिऔन जे ओ अपना खेत मे आरो मजदूर पठबथि।”

मत्ती 20:29-34
[29] यीशु आ हुनकर शिष्‍य सभ जखन यरीहो नगर सँ बहरयलाह तँ लोकक बड़का भीड़ हुनका पाछाँ आबि रहल छलनि।[30] रस्‍ताक कात मे बैसल दू आन्‍हर व्‍यक्‍ति जखन सुनलक जे एहि बाटे यीशु जा रहल छथि, तँ ओ सभ सोर पारि कऽ कहऽ लागल जे, “हे प्रभु, दाऊदक पुत्र, हमरा सभ पर दया करू!”[31] भीड़क लोक सभ ओकरा दूनू केँ डाँटि देलकैक जे, “चुप होइ जाइ जो,” मुदा ओ सभ आओर जोर सँ हल्‍ला कऽ कऽ कहऽ लागल, “यौ प्रभु, दाऊदक पुत्र, हमरा सभ पर दया करू!”[32] यीशु ठाढ़ भऽ गेलाह आ ओकरा सभ केँ बजा कऽ पुछलथिन, “तोँ सभ की चाहैत छह, हम तोरा सभक लेल की करिअह?”[33] ओ सभ बाजल, “हे प्रभु, हम सभ देखऽ चाहैत छी।”[34] यीशु केँ ओकरा सभ पर दया आबि गेलनि, आ ओकरा सभक आँखि केँ छुबि देलथिन। तखने सँ ओकरा सभ केँ देखाइ देबऽ लगलैक और ओ सभ हुनका पाछाँ चलऽ लगलनि।

मत्ती 14:13-21
[13] यीशु ई समाचार सुनि एकटा नाव पर बैसि कऽ चुप-चाप कोनो एकान्‍त स्‍थानक लेल विदा भऽ गेलाह। लोक सभ जखन ई बात बुझलक तँ नगर-नगर सँ बहुतो लोक पैदले हुनका पाछाँ विदा भऽ गेल।[14] यीशु जखन नाव सँ उतरलाह आ लोकक बड़का भीड़ केँ जमा देखलनि तँ हुनका ओहि लोक सभ पर दया आबि गेलनि और ओकरा सभ मे जे रोगी-बिमार सभ छलैक तकरा सभ केँ ओ स्‍वस्‍थ कऽ देलथिन।[15] जखन साँझ पड़ऽ लागल तँ यीशुक शिष्‍य सभ हुनका लग आबि कहलथिन, “ई जगह बस्‍ती सँ दूर अछि आ साँझ पड़ऽ वला अछि, तेँ एकरा सभ केँ विदा कऽ दिऔक जाहि सँ ई सभ लग-पासक गाम सभ मे जा कऽ अपना लेल किछु खयबाक वस्‍तु किनि सकत।”[16] मुदा यीशु शिष्‍य सभ केँ उत्तर देलथिन, “एकरा सभ केँ एतऽ सँ पठयबाक कोनो आवश्‍यकता नहि अछि। अहीं सभ एकरा सभ केँ भोजन करबिऔक।”[17] शिष्‍य सभ कहलथिन, “हमरा सभ लग, बस, पाँचेटा रोटी आ दुइएटा माछ अछि।”[18] यीशु कहलथिन, “ओ सभ हमरा लग आनू।”[19] तकरबाद ओ लोक सभ केँ घास पर बैसि जयबाक आज्ञा देलथिन। ओहि पाँचटा रोटी आ दूटा माछ केँ ओ हाथ मे लेलनि और स्‍वर्ग दिस तकैत परमेश्‍वर केँ धन्‍यवाद देलनि। तखन ओ रोटी केँ तोड़ि-तोड़ि कऽ शिष्‍य सभ केँ देलथिन आ शिष्‍य सभ लोक सभ मे परसि देलनि।[20] सभ केओ भरि इच्‍छा भोजन कयलक और शिष्‍य सभ जखन उबरल टुकड़ा सभ बिछलनि तँ ओ बारह पथिया भेल।[21] भोजन करऽ वला मे स्‍त्रीगण आ बच्‍चा सभ केँ छोड़ि पुरुषक संख्‍या लगभग पाँच हजार छल।

मत्ती 15:29-39
[29] यीशु ओतऽ सँ विदा भऽ कऽ गलील झीलक काते-कात चललाह। तखन एक पहाड़ पर चढ़ि कऽ बैसि रहलाह।[30] झुण्‍डक-झुण्‍ड लोक हुनका लग अयलनि। ओ सभ अपना संग लुल्‍ह, आन्‍हर, नाङड़, बौक और बहुतो दोसर तरहक बिमार लोक सभ केँ लऽ कऽ आयल आ यीशुक चरण मे राखि देलकनि। यीशु ओहि सभ बिमार केँ स्‍वस्‍थ कऽ देलथिन।[31] जमा भेल लोक सभ जखन देखलक जे बौक सभ बाजि रहल अछि, लुल्‍ह सभ स्‍वस्‍थ भऽ गेल अछि, नाङड़ सभ चलि रहल अछि आ आन्‍हर सभ देखि रहल अछि तखन ओ सभ आश्‍चर्यित भऽ इस्राएलक परमेश्‍वर केँ स्‍तुति करऽ लगलनि।[32] यीशु अपन शिष्‍य सभ केँ बजा कऽ कहलथिन, “हमरा एहि लोक सभ पर दया अबैत अछि। ई सभ तीन दिन सँ हमरा संग अछि आ एकरा सभ लग भोजन करबाक लेल किछु नहि छैक। हम एकरा सभ केँ भूखले घर नहि पठाबऽ चाहैत छी। कतौ एना नहि भऽ जाइक जे ई सभ रस्‍ते मे भूखक मारे मुर्छित भऽ जाय।”[33] शिष्‍य सभ कहलथिन, “एहि निर्जन स्‍थान मे अपना सभ केँ एतेक भोजनक वस्‍तु कतऽ सँ भेटत जे अपना सभ एतेकटा भीड़ केँ भोजन करा सकबैक?”[34] यीशु हुनका सभ सँ पुछलथिन, “अहाँ सभ लग कयटा रोटी अछि?” ओ सभ कहलथिन, “सातटा, आ किछु छोटकी माछ।”[35] यीशु लोक सभ केँ जमीन पर बैसि जयबाक लेल आदेश देलथिन।[36] तकरबाद यीशु ओ सातो रोटी आ माछ सभ लऽ कऽ परमेश्‍वर केँ धन्‍यवाद देलनि, तखन तोड़ि-तोड़ि कऽ शिष्‍य सभ केँ परसबाक लेल देलथिन। शिष्‍य सभ ओकरा लोक सभ मे बाँटि देलथिन।[37] सभ केओ भरि पेट भोजन कयलक। भोजनक बाद शिष्‍य सभ उबरल टुकड़ा सभ सात टोकरी मे भरि कऽ जमा कयलनि।[38] भोजन करऽ वला लोक मे स्‍त्रीगण आ बच्‍चा सभ केँ छोड़ि पुरुषक संख्‍या चारि हजार छल।[39] भोजन करौलाक बाद लोकक भीड़ केँ विदा कऽ कऽ यीशु नाव पर चढ़ि कऽ मगदन क्षेत्र चल गेलाह।

मत्ती 6:30-44
[30] जँ परमेश्‍वर मैदानक घास, जे आइ अछि आ काल्‍हि आगि मे जराओल जायत, तकरा एहि तरहेँ हरियरी सँ भरल रखैत छथि, तँ ओ अहाँ सभ केँ आओर किएक नहि पहिरौताह-ओढ़ौताह? अहाँ सभ केँ कतेक कम विश्‍वास अछि![31] “एहि लेल चिन्‍ता नहि करू जे हम सभ की खायब, की पीब वा की पहिरब।[32] कारण, एहि सभ बातक पाछाँ तँ परमेश्‍वर केँ नहि चिन्‍हऽ वला जातिक लोक सभ पड़ल रहैत अछि। अहाँ सभक पिता जे स्‍वर्ग मे छथि से जनैत छथि जे अहाँ सभ केँ एहि बात सभक आवश्‍यकता अछि।[33] बल्‍कि सभ सँ पहिने परमेश्‍वरक राज्‍य पर, आ परमेश्‍वर जाहि प्रकारक धार्मिकता अहाँ सँ चाहैत छथि, ताहि पर मोन लगाउ, तँ ई सभ वस्‍तु सेहो अहाँ केँ देल जायत।[34] “तेँ काल्‍हि की होयत तकर चिन्‍ता नहि करू, किएक तँ काल्‍हि अपन चिन्‍ता अपने कऽ लेत। आजुक लेल तँ अजुके दुःख बहुत अछि।[35] “ककरो दोषी नहि ठहराउ जाहि सँ अहूँ सभ दोषी नहि ठहराओल जाइ।[36] जाहि तरहेँ अहाँ दोषी ठहरायब ताहि तरहेँ अहूँ दोषी ठहराओल जायब, आ जाहि नाप सँ अहाँ नापब, सैह नाप अहूँ पर लागू होयत।[37] “अहाँ अपन भायक आँखि मेहक काठक कुन्‍नी किएक देखैत छी? की अपना आँखि मेहक ढेंग नहि सुझाइत अछि?[38] अहाँ अपना भाय केँ कोना कहैत छी जे, ‘आउ, हम अहाँक आँखि मे सँ कुन्‍नी निकालि दैत छी,’ जखन कि अहाँक अपने आँखि मे ढेंग अछि?[39] हे पाखण्‍डी, पहिने अपना आँखि मेहक ढेंग निकालि लिअ, तखने अपन भायक आँखि मेहक कुन्‍नी निकालबाक लेल अहाँ ठीक सँ देखि सकब।[40] “पवित्र वस्‍तु कुकुर सभ केँ नहि दिअ, आ ने अपन हीरा-मोती सुगरक आगाँ फेकू, नहि तँ एना नहि होअय जे ओ सभ पयर सँ ओकरा धाँगि दय आ घूमि कऽ अहाँ सभ केँ चीरि-फाड़ि दय।[41] “माँगू तँ अहाँ सभ केँ देल जायत। ताकू तँ अहाँ सभ केँ भेटत। ढकढकाउ तँ अहाँ सभक लेल खोलल जायत।[42] कारण, जे केओ मँगैत अछि, से प्राप्‍त करैत अछि; जे केओ तकैत अछि, तकरा भेटैत छैक, और जे केओ ढकढकबैत अछि, तकरा लेल खोलल जाइत छैक।[43] “की अहाँ सभ मे सँ केओ एहन लोक छी जे जँ अहाँक बेटा अहाँ सँ रोटी माँगय तँ ओकरा पाथर दिऐक?[44] वा माछ माँगय तँ साँप दिऐक?

लूका 15:11-32
[11] यीशु आगाँ कहलथिन, “एक आदमी केँ दूटा बेटा रहनि।[12] छोटका अपना बाबू केँ कहलकनि, ‘यौ बाबूजी! हमर अंश-सम्‍पत्ति जे-जतेक होयत, से एखने हमरा बाँटि कऽ दऽ दिअ।’ एहि पर बाबू दूनू बेटा मे अपन धन-सम्‍पत्ति बाँटि देलथिन।[13] “किछु दिनक बाद छोटका बेटा अपन सभ धन-सम्‍पत्ति लऽ कऽ दूर परदेश चल गेल। ओतऽ ओ भोग-विलास मे अपन सभ धन उड़ा लेलक।[14] ओकर सभ धन खर्च भऽ गेलाक बाद, ओहि देश मे बहुत भारी रौदी पड़लैक, और ओ बड़का विपत्ति मे पड़ि गेल।[15] तखन ओ ओहि देशक एक आदमीक शरण मे गेल, जे ओकरा अपना खेत मे सुगर चरयबाक लेल पठौलकैक।[16] ओकरा बड्ड इच्‍छा भेलैक जे, जे खोंइचा सुगर सभ खा रहल अछि ताहि सँ हम अपनो पेट भरितहुँ, मुदा ओकरा केओ किछु नहि दैत छलैक।[17] “तखन ओकरा होश अयलैक, और ओ सोचऽ लागल जे, हमर बाबूजीक ओतेक नोकर-चाकर सभ भरि पेट भोजन पबैत अछि, और हम एतऽ भूख सँ मरऽ-मरऽ पर छी।[18] हम अपना बाबूक ओहिठाम जा कऽ ई कहबनि जे, बाबूजी, हम परमेश्‍वरक विरोध मे और अहाँक विरोध मे पाप कयने छी।[19] हम आब अहाँक बालक कहयबा जोगरक नहि छी। अपना नोकर सभ जकाँ हमरो एकटा नोकर मानू।[20] “एना विचार कऽ कऽ ओ उठल आ अपना बाबूक ओहिठाम जयबाक लेल विदा भऽ गेल। ओ घर सँ दूरे छल कि ओकर बाबू ओकरा चिन्‍हि गेलथिन और हुनकर हृदय दया सँ भरि गेलनि। ओ दौड़ि कऽ अपना बेटा केँ भरि पाँज पकड़ि ओकरा चुम्‍मा लेबऽ लगलथिन।[21] बेटा हुनका कहलकनि, ‘बाबूजी, हम परमेश्‍वरक विरोध मे और अहाँक विरोध मे पाप कयने छी। हम आब अहाँक पुत्र कहयबा जोगरक नहि छी।’[22] मुदा पिता अपना नोकर सभ केँ कहलथिन, ‘जल्‍दी सँ बढ़ियाँ-बढ़ियाँ कपड़ा आनि कऽ एकरा पहिरा दहक, हाथ मे औँठी लगा दहक, पयर मे जुत्ता सेहो पहिरा दहक,[23] और ओ मोटका पशु जे पोसि कऽ रखने छी, तकरा काटह! हम सभ भोज कऽ कऽ खुशी मनायब,[24] किएक तँ ई हमर बेटा मरि गेल छल आ फेर जीबि गेल! ई हेरायल छल आ फेर भेटि गेल!’ तकरबाद ओ सभ खुशी मनाबऽ लगलाह।[25] “ई सभ होइत काल जेठका बेटा खेत मे रहनि। जखन ओ घर लग पहुँचल तँ घर मे नाच-गान सुनलक।[26] ओ एकटा नोकर केँ बजा कऽ पुछलक, ‘ई की भऽ रहल अछि?’[27] नोकर कहलकैक, ‘अहाँक भाय अयलाह अछि, आओर अहाँक बाबूजी एहि खुशी मे जे हमर बेटा हमरा फेर सकुशल भेटि गेल अछि, मोटका पशु जे पोसल छलैक, तकरा कटबौलनि अछि।’[28] “ई सुनि कऽ ओकरा ततेक तामस भेलैक जे ओ भीतरो नहि गेल। बाबूजी ई बात बुझि, बाहर आबि कऽ ओकरा मनाबऽ लगलथिन।[29] मुदा ओ अपना बाबू केँ उत्तर देलकनि जे, ‘देखू! एतेक वर्ष सँ हम मरि-मरि कऽ अहाँक सेवा कऽ रहल छी, आ कहियो अहाँक बात नहि टारलहुँ। तैयो आइ धरि हमरा संगी सभक संग खुशी मनयबाक लेल एकोटा पठरू तक काटऽ नहि देलहुँ,[30] मुदा अहाँक ई बेटा वेश्‍या सभ लग अहाँक सभ धन-सम्‍पत्ति उड़ा कऽ जखन घर आयल अछि, तँ अहाँ ओकरा लेल पोसल मोटका पशु कटबबैत छी!’[31] “बाबू कहलथिन, ‘बौआ! अहाँ सभ दिन हमरा संग छी, आ जे-जतेक हमर सम्‍पत्ति अछि, से सभ अहींक अछि।[32] मुदा एहि शुभ अवसर पर खुशी तँ मनाबहि पड़ल, किएक तँ ई अहाँक भाय मरि गेल छल आ फेर जीबि गेल, हेरा गेल छल आ फेर भेटि गेल!’ ”

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT