A A A A A

परमेश्वर: [बिना शर्त प्रेम]


1 यूहन्‍ना 4:16-18
[16] परमेश्‍वरक प्रेम जे अपना सभक प्रति छनि, तकरा अपना सभ जानि गेल छी और ताही पर भरोसा करैत छी। परमेश्‍वर प्रेम छथि। जे केओ प्रेम मे रहैत अछि से परमेश्‍वर मे रहैत अछि, और परमेश्‍वर ओकरा मे।[17] अपना सभ मे प्रेम सिद्ध होयबाक उद्देश्‍य ई अछि जे अपना सभ न्‍यायक दिन मे निर्भय रही, और एहि कारण निर्भय रही जे संसार मे अपना सभ तेहन छी जेहन यीशु छथि।[18] प्रेम मे डर नहि होइत अछि। सिद्ध प्रेम डर केँ भगा दैत अछि, कारण डर दण्‍ड सँ सम्‍बन्‍धित अछि। जे डेराइत अछि, से प्रेम मे सिद्ध नहि भेल अछि।

1 पत्रुस 4:8
सभ सँ पैघ बात ई जे अहाँ सभ आपस मे अटूट प्रेम राखू, किएक तँ प्रेम असंख्‍य पाप केँ झाँपि दैत अछि।

कुलुस्‍सी 3:14
आ सभ सँ पैघ बात ई अछि जे आपस मे प्रेम भाव बनौने रहू। प्रेम सभ केँ एकता मे बान्‍हि कऽ पूर्णता धरि पहुँचा दैत अछि।

इफिसी 2:8
कारण, विश्‍वास द्वारा, हुनकर कृपे सँ, अहाँ सभक उद्धार भेल अछि—ई अहाँ सभक कोनो पुण्‍यक फल नहि, बल्‍कि परमेश्‍वर द्वारा देल गेल दान अछि।

इफिसी 5:25
यौ पति लोकनि, ओहि तरहेँ अपना स्‍त्री सँ प्रेम करू जाहि तरहेँ मसीह मण्‍डली सँ कयलनि और ओकरा लेल अपना केँ अर्पित कऽ देलनि,

यूहन्‍ना 3:16
“हँ, परमेश्‍वर संसार सँ एहन प्रेम कयलनि जे ओ अपन एकमात्र बेटा केँ दऽ देलनि, जाहि सँ जे केओ हुनका पर विश्‍वास करैत अछि से नाश नहि होअय, बल्‍कि अनन्‍त जीवन पाबय।

1 कोरिन्‍थी 13:7
प्रेम सभ बात सहन करैत अछि, सभ स्‍थिति मे विश्‍वास रखैत अछि, सभ स्‍थिति मे आशा रखैत अछि आ सभ स्‍थिति मे लगनशील रहैत अछि।

1 कोरिन्‍थी 13:13
आब विश्‍वास, आशा आ प्रेम, ई तीनू टिकैत अछि मुदा सभ सँ श्रेष्‍ठ अछि प्रेम।

1 यूहन्‍ना 3:1
सोचू! पिता अपना सभ सँ कतेकटा प्रेम कयने छथि, जे अपना सभ परमेश्‍वरक सन्‍तान कहाबी! और वास्‍तव मे सैह छीहो। संसार अपना सभ केँ नहि चिन्‍हैत अछि, से एहि कारणेँ जे हुनको नहि चिन्‍हलकनि।

1 यूहन्‍ना 3:16
प्रेम की अछि, से अपना सभ एहि सँ जनैत छी, जे प्रभु यीशु मसीह अपना सभक लेल अपन प्राण देलनि। और अपना सभ केँ सेहो अपन भाय सभक लेल अपन प्राण देबाक चाही।

1 यूहन्‍ना 4:8
जे प्रेम नहि करैत अछि, से परमेश्‍वर केँ नहि चिन्‍हैत अछि, किएक तँ परमेश्‍वर प्रेम छथि।

यूहन्‍ना 14:21
जे हमर आज्ञा स्‍वीकार करैत अछि और मानैत अछि, सैह हमरा सँ प्रेम करैत अछि। और जे हमरा सँ प्रेम करैत अछि, तकरा सँ हमर पिता प्रेम करथिन, और हमहूँ ओकरा सँ प्रेम करब तथा ओकरा हम अपना केँ देखायब।”

यूहन्‍ना 15:12-13
[12] हमर आदेश ई अछि जे, जेना हम अहाँ सभ सँ प्रेम कयने छी, तेना अहाँ सभ एक-दोसर सँ प्रेम करू।[13] एहि सँ बड़का प्रेम कोनो नहि अछि जे, केओ अपन मित्रक लेल अपन प्राण देअय।

लूका 6:27
“मुदा हम अहाँ सभ केँ, जे हमर बात सुनि रहल छी, कहैत छी जे, अपना शत्रु सभ सँ प्रेम करू; जे सभ अहाँ सँ घृणा करैत अछि, तकरा सभक संग भलाइ करू।

रोमी 3:23
सभ केओ पाप कयने अछि आ परमेश्‍वरक महिमा तक पहुँचऽ मे चुकि जाइत अछि।

रोमी 5:5-8
[5] और ई आशा अपना सभ केँ निराश नहि होमऽ दैत अछि, किएक तँ परमेश्‍वर अपन पवित्र आत्‍मा जे अपना सभ केँ देने छथि, तिनका द्वारा अपन प्रेम अपना सभक हृदय मे भरि देने छथि।[6] सोचू! अपना सभ जखन असहाये छलहुँ तहिए निर्धारित समय पर मसीह अधर्मी सभक लेल मरलाह।[7] दुर्लभ बात अछि जे कोनो धार्मिको मनुष्‍यक लेल केओ अपन प्राण दिअय। हँ, कोनो नीक मनुष्‍यक लेल केओ मरबाक साहस कैओ लिअय।[8] मुदा परमेश्‍वर अपना प्रेम केँ अपना सभक प्रति एहि तरहेँ देखबैत छथि जे, जखन अपना सभ पापिए छलहुँ तखने मसीह अपना सभक लेल मरलाह।

रोमी 8:35
अपना सभ केँ मसीहक प्रेम सँ के अलग कऽ सकैत अछि? की कष्‍ट, वा संकट, वा अत्‍याचार, वा अकाल, वा गरीबी, वा खतरा, वा तरुआरि?

रोमी 12:9-10
[9] अहाँ सभक प्रेम निष्‍कपट होअय। जे किछु अधलाह अछि, ताहि सँ घृणा करू; जे किछु नीक अछि, ताहि सँ प्रेम करू।[10] एक-दोसर सँ भाय-बहिन वला प्रेम राखि एक-दोसराक लेल समर्पित रहू। आपस मे एक-दोसर केँ आदरक संग अपना सँ श्रेष्‍ठ मानू।

तीतुस 3:4-5
[4] मुदा जखन अपना सभक उद्धारकर्ता-परमेश्‍वरक दया आ प्रेम प्रगट भेल,[5] तँ ओ अपना सभक उद्धार कयलनि। ई उद्धार अपना सभक अपन कयल कोनो धर्मक काज सभक आधार पर नहि, बल्‍कि हुनकर दयाक कारणेँ भेल। अर्थात्‌, परमेश्‍वर अपना सभ केँ धो कऽ नव जन्‍म देलनि, अपन पवित्र आत्‍मा द्वारा अपना सभ केँ नव बनौलनि।

1 यूहन्‍ना 4:9-10
[9] परमेश्‍वर अपन प्रेम अपना सभक बीच एहि प्रकारेँ प्रगट कयलनि—ओ अपन एकलौता पुत्र केँ संसार मे पठा देलनि जाहि सँ अपना सभ हुनका द्वारा जीवन प्राप्‍त करी।[10] प्रेमक अर्थ ई नहि, जे अपना सभ परमेश्‍वर सँ प्रेम कयलियनि, बल्‍कि ई, जे ओ अपना सभ सँ प्रेम कयलनि और अपन पुत्र केँ अपना सभक पापक प्रायश्‍चित्त करऽ वला बलि बना कऽ पठा देलनि।

यूहन्‍ना 13:34-35
[34] एक नव आज्ञा हम अहाँ सभ केँ दैत छी—एक-दोसर सँ प्रेम करू। जेना हम अहाँ सभ सँ प्रेम कयने छी तेना अहूँ सभ एक-दोसर सँ प्रेम करू।[35] एहि सँ सभ लोक जानत जे अहाँ सभ हमर शिष्‍य छी, अर्थात्‌ अहाँ सभ जँ एक-दोसर सँ प्रेम करब, ताहि सँ।”

1 कोरिन्‍थी 13:4-7
[4] प्रेम सहनशील आ दयालु होइत अछि। प्रेम डाह नहि करैत अछि, प्रेम अपन बड़ाइ नहि करैत अछि आ ने घमण्‍ड करैत अछि।[5] प्रेम अभद्र व्‍यवहार नहि करैत अछि, ओ स्‍वार्थी नहि अछि, जल्‍दी सँ खौंझाइत नहि अछि आ ने अपराधक हिसाब रखैत अछि।[6] प्रेम अधर्म सँ प्रसन्‍न नहि होइत अछि, बल्‍कि सत्‍य सँ आनन्‍दित होइत अछि।[7] प्रेम सभ बात सहन करैत अछि, सभ स्‍थिति मे विश्‍वास रखैत अछि, सभ स्‍थिति मे आशा रखैत अछि आ सभ स्‍थिति मे लगनशील रहैत अछि।

मत्ती 5:43-48
[43] “अहाँ सभ सुनने छी जे एना कहल गेल छल, ‘अपना पड़ोसी सँ प्रेम करह आ अपन शत्रु सँ दुश्‍मनी राखह।’[44] मुदा हम अहाँ सभ केँ कहैत छी, अपना शत्रु सभ सँ प्रेम करू आ अहाँ केँ जे सभ सतबैत अछि तकरा सभक लेल प्रभु सँ प्रार्थना करू।[45] तखने अहाँ स्‍वर्ग मे रहऽ वला अपन पिताक सन्‍तान बनब। कारण, ओ दुष्‍ट आ सज्‍जन दूनू पर अपन सूर्यक प्रकाश दैत छथि, आ धर्मी और अधर्मी दूनू पर वर्षा करबैत छथि।[46] “जँ अहाँ मात्र ओकरे सभ सँ प्रेम करी जे अहाँ सँ प्रेम करैत अछि तँ अहाँ केँ परमेश्‍वर सँ की इनाम भेटत? की कर असूल कयनिहार ठकहारो सभ एहिना नहि करैत अछि?[47] आ जँ अहाँ मात्र अपने लोक सभक कुशल-मङलक पुछारी करैत छी तँ अहाँ कोन बड़का काज करैत छी? की परमेश्‍वर केँ नहि चिन्‍हऽ वला जातिक लोक सभ सेहो एहिना नहि करैत अछि?[48] तेँ अहाँ सभ सिद्ध बनू जेना स्‍वर्ग मे रहऽ वला अहाँ सभक पिता परमेश्‍वर सिद्ध छथि।

1 कोरिन्‍थी 1:1-13
[1] हम पौलुस, जे परमेश्‍वरक इच्‍छा सँ मसीह यीशुक एक मसीह-दूत होयबाक लेल बजाओल गेल छी, और भाइ सोस्‍थिनेस सेहो,[2] ई पत्र अहाँ सभ केँ लिखि रहल छी, जे सभ कोरिन्‍थ नगर मे परमेश्‍वरक मण्‍डली छी। अहाँ सभ यीशु मसीह द्वारा पवित्र कयल गेल छी और परमेश्‍वरक अपन लोक होयबाक लेल बजाओल गेल छी, जहिना सभ ठामक ओ सभ लोक छथि जे अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक नाम सँ प्रार्थना करैत छथि—ओ तँ हुनका सभक आ अपना सभक, दूनूक प्रभु छथि।[3] अपना सभक पिता परमेश्‍वर आ प्रभु यीशु मसीह अहाँ सभ पर कृपा करथि और अहाँ सभ केँ शान्‍ति देथि।[4] अहाँ सभक लेल हम सदिखन अपना परमेश्‍वर केँ धन्‍यवाद दैत छियनि, किएक तँ ओ मसीह यीशु द्वारा अहाँ सभ पर कृपा कयने छथि।[5] कारण, मसीहक सम्‍बन्‍ध मे जे गवाही अहाँ सभ केँ सुनाओल गेल, से अहाँ सभक बीच एहि बातक द्वारा सत्‍य प्रमाणित भेल जे मसीह मे अहाँ सभ हर क्षेत्र मे सम्‍पन्‍न भऽ गेल छी, अर्थात्‌ सभ बात व्‍यक्‍त करबाक गुण मे आ सभ बातक ज्ञान मे।[6] ***[7] तेँ अहाँ सभ उत्‍सुकतापूर्बक अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक फेर अयबाक बाट तकैत कोनो आत्‍मिक वरदानक अभाव मे नहि छी।[8] एतबे नहि, परमेश्‍वर अन्‍त धरि अहाँ सभ केँ मजगूत कयने रहताह, जाहि सँ अहाँ सभ अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक फेर अयबाक दिन मे निर्दोष पाओल जाइ।[9] परमेश्‍वरे अपन पुत्रक संगति मे, अर्थात्‌ अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक संगति मे, अहाँ सभ केँ बजौने छथि आ ओ विश्‍वासयोग्‍य छथि।[10] यौ भाइ लोकनि, अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक नाम सँ हम अहाँ सभ सँ आग्रह करैत छी जे अहाँ सभ एकमत भऽ कऽ रहू जाहि सँ आपस मे फूट नहि होअय, बल्‍कि अहाँ सभक मोन आ विचार मे पूर्ण एकता होअय।[11] किएक तँ, यौ भाइ लोकनि, हमरा खलोएक घरक किछु लोक द्वारा एहि बातक जानकारी भेटल अछि जे अहाँ सभक बीच झगड़ा चलि रहल अछि।[12] हमर कहबाक मतलब ई अछि जे अहाँ सभ मे सँ केओ कहैत छी जे, “हम पौलुसक चेला छी”, केओ जे, “हम अपुल्‍लोसक”, केओ जे, “हम पत्रुसक,” आ केओ जे, “हम मसीहक चेला छी।”[13] तँ की मसीहक बटबारा कऽ देल गेल छनि? की अहाँ सभक लेल पौलुस केँ क्रूस पर चढ़ाओल गेल? की अहाँ सभ पौलुसक नाम सँ बपतिस्‍मा लेने छलहुँ?

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT