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परमेश्वर: [आप जिस स्थिति में हैं वैसे ही आ जाएं]


मत्ती 11:27-30
[27] “हमरा पिता द्वारा सभ किछु हमरा हाथ मे सौंपल गेल अछि। पिता केँ छोड़ि पुत्र केँ आओर केओ नहि चिन्‍हैत अछि, आ तहिना पुत्र केँ छोड़ि पिता केँ आओर केओ नहि चिन्‍हैत छनि; हँ, मात्र पुत्र और जकरा सभ पर पुत्र हुनका प्रगट करऽ चाहय, से चिन्‍हैत छनि।[28] “हे थाकल आ बोझ सँ पिचायल लोक सभ, हमरा लग आउ। हम अहाँ सभ केँ विश्राम देब।[29] हमर जुआ अपना उपर उठा लिअ आ हमरा सँ सिखू, किएक तँ हम स्‍वभाव सँ नम्र आ दयालु छी। अहाँ सभ अपना आत्‍माक लेल विश्राम पायब।[30] कारण, हमर जुआ आसान अछि आ हमर भार हल्‍लुक।”

यूहन्‍ना 6:63-65
[63] आत्‍मे जीवन दैत अछि, शरीर सँ किछुओ लाभ नहि। जे किछु हम अहाँ सभ केँ कहलहुँ से आत्‍माक और जीवनक बात अछि।[64] तैयो अहाँ सभ मे अनेक एहन छी जे विश्‍वास नहि करैत छी।” यीशु तँ शुरुए सँ जनैत छलाह जे ओ के सभ अछि जे हमरा पर विश्‍वास नहि करैत अछि, और ओ के अछि जे हमरा पकड़बाओत।[65] ओ आगाँ कहऽ लगलाह, “एहि कारणेँ हम अहाँ सभ केँ कहने छलहुँ जे, केओ हमरा लग ताबत तक नहि आबि सकैत अछि जाबत तक पिता ओकरा अयबाक सामर्थ्‍य नहि दैत छथिन।”

मत्ती 11:28
“हे थाकल आ बोझ सँ पिचायल लोक सभ, हमरा लग आउ। हम अहाँ सभ केँ विश्राम देब।

मत्ती 15:7-9
[7] हे पाखण्‍डी सभ! यशायाह अहाँ सभक सम्‍बन्‍ध मे एकदम ठीक भविष्‍यवाणी कयलनि जे,[8] ‘ई सभ मुँह सँ हमर आदर करैत अछि, मुदा एकर सभक हृदय हमरा सँ दूर छैक।[9] ई सभ बेकार हमर उपासना करैत अछि। ई सभ जे शिक्षा दैत अछि, से मात्र मनुष्‍यक बनाओल नियम सभ अछि।’ ”

मरकुस 10:13-16
[13] तखन लोक सभ यीशु लग अपन बच्‍चा सभ केँ आनऽ लगलनि जे ओ ओकरा सभ पर हाथ राखि आशीर्वाद देथिन। मुदा शिष्‍य सभ ओकरा सभ केँ डँटलनि।[14] ई देखि यीशु बहुत अप्रसन्‍न भऽ गेलाह और शिष्‍य सभ केँ कहलथिन, “बच्‍चा सभ केँ हमरा लग आबऽ दिऔक, ओकरा सभ केँ नहि रोकिऔक, किएक तँ परमेश्‍वरक राज्‍य एहने सभक अछि।[15] हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे, जे बच्‍चा जकाँ परमेश्‍वरक राज्‍य ग्रहण नहि करत से ओहि मे कहियो नहि प्रवेश करत।”[16] तखन बच्‍चा सभ केँ कोरा मे उठा लेलथिन और ओकरा सभ पर हाथ राखि कऽ आशीर्वाद देलथिन।

याकूब 4:6-8
[6] नहि, ओ निरर्थक बात नहि अछि आ तेँ ओ प्रशस्‍त मात्रा मे कृपा कऽ कऽ अपना सभक सहायता करैत छथि। एहि कारणेँ धर्मशास्‍त्रक कथन अछि जे, “परमेश्‍वर घमण्‍डी सभक विरोध करैत छथि, मुदा नम्र लोक सभ पर कृपा करैत छथि।”[7] तेँ अहाँ सभ परमेश्‍वरक अधीन होउ। शैतानक आक्रमण केँ सामना करिऔक तँ ओ अहाँ सभ लग सँ पड़ायत।[8] परमेश्‍वरक लग मे आउ तँ ओहो अहाँ सभक लग मे आबि जयताह। यौ पापी लोक सभ, अपन हाथ शुद्ध करू। यौ दूमतिया लोक सभ, अपन हृदय पवित्र करू।

2 कोरिन्‍थी 5:17
एकर अर्थ अछि जे जँ केओ मसीह मे अछि तँ ओ एक नव सृष्‍टि अछि। पुरान बात सभ समाप्‍त भऽ गेल, आब सभ किछु नव बनि गेल अछि।

यूहन्‍ना 5:24
“हम अहाँ सभ केँ सत्‍ये कहैत छी जे, जे हमर बात सुनैत अछि और हमरा पठाबऽ वला केँ मानैत अछि तकरा अनन्‍त जीवन छैक। ओकरा न्‍यायक सामना नहि करऽ पड़तैक, कारण ओ एखने मृत्‍यु केँ पार भऽ कऽ जीवन मे प्रवेश कऽ लेने अछि।

रोमी 12:1-2
[1] तेँ यौ भाइ लोकनि, हम अहाँ सभ सँ आग्रह करैत छी जे, परमेश्‍वरक अपार दयाक कारणेँ जे ओ अपना सभ पर कयने छथि, अहाँ सभ अपना शरीर केँ जीवित, पवित्र आ परमेश्‍वर द्वारा ग्रहणयोग्‍य बलिदानक रूप मे हुनका अर्पित करू। यैह भेल अहाँ सभक लेल परमेश्‍वरक असली आत्‍मिक आराधना कयनाइ।[2] अहाँ सभ एहि संसारक अनुरूप आचरण नहि करू, बल्‍कि परमेश्‍वर केँ अहाँक सोच-विचार केँ नव बनाबऽ दिऔन आ तहिना अहाँ केँ पूर्ण रूप सँ बदलि देबऽ दिऔन। एहि तरहेँ परमेश्‍वर अहाँ सभ सँ की चाहैत छथि, अर्थात् हुनका नजरि मे की नीक अछि, की ग्रहणयोग्‍य अछि आ की सर्वोत्तम अछि, तकरा अहाँ सभ अनुभव सँ जानि जायब।

इब्रानी 12:1
तेँ जखन गवाही देबऽ वला सभक एहन विशाल समूह सँ अपना सभ घेरल छी तँ अबैत जाउ, अपना सभ प्रत्‍येक विघ्‍न-वाधा उतारि कऽ फेकि दी, आ पापो, जे अपना सभ केँ तुरत्ते ओझरबैत अछि, आ ई दौड़, जाहि मे अपना सभ केँ दौड़बाक अछि, नहि छोड़ि धैर्यपूर्बक अन्‍त तक दौड़ी।

यूहन्‍ना 5:40
और तैयो जीवन प्राप्‍त करबाक लेल अहाँ सभ हमरा लग नहि आबऽ चाहैत छी।

यूहन्‍ना 6:44-45
[44] केओ हमरा लग ताबत तक नहि आबि सकैत अछि जाबत तक हमर पिता जे हमरा पठौलनि, से ओकरा हमरा लग नहि खीचि दैत छथि। और हम ओकरा अन्‍तिम दिन मे जिआ देब।[45] परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता सभक लेख छनि जे, ‘ओ सभ गोटे परमेश्‍वर द्वारा सिखाओल जायत।’ जे केओ पिताक सुनैत छनि और हुनका सँ सिखैत अछि, से हमरा लग अबैत अछि।

यूहन्‍ना 7:37-39
[37] पाबनिक अन्‍तिम दिन, जे पाबनिक सभ सँ पैघ दिन मानल जाइत छल, ओहि दिन यीशु ठाढ़ भऽ गेलाह और जोर सँ कहलनि, “जँ ककरो पियास लागल छैक तँ ओ हमरा लग आबय और पिबय।[38] जे हमरा पर विश्‍वास करैत अछि, जेना धर्मशास्‍त्रक कथन अछि, ओकरा हृदय सँ जीवन-जलक झरना फूटि जायत।”[39] ई बात ओ पवित्र आत्‍माक सम्‍बन्‍ध मे कहलनि, जिनका विश्‍वास कयनिहार सभ प्राप्‍त करऽ वला छल। एखन तक पवित्र आत्‍मा तँ प्रदान नहि कयल गेल छलाह, कारण यीशु एखन तक अपन स्‍वर्गक महिमा मे फिरि कऽ नहि गेल छलाह।

इब्रानी 4:14-16
[14] अपना सभ केँ जखन एतेक पैघ महापुरोहित छथि, अर्थात् परमेश्‍वरक पुत्र यीशु, जे आकाश केँ पार कऽ स्‍वर्ग मे गेल छथि, तँ अबैत जाउ, आ जाहि विश्‍वास केँ खुलि कऽ स्‍वीकार करैत छी, तकरा दृढ़ता सँ पकड़ने रही।[15] किएक तँ अपना सभक महापुरोहित एहन नहि छथि जे अपना सभक कमजोरी मे अपना सभक संग सहानुभूति नहि राखि सकथि। ओहो सभ बात मे अपने सभ जकाँ शैतान द्वारा जाँचल गेलाह, मुदा ओ पाप नहि कयलनि।[16] तेँ अपना सभ निर्भयतापूर्बक परमेश्‍वरक सिंहासन लग, जतऽ कृपा कयल जाइत अछि, ततऽ चलू, जाहि सँ अपना सभ पर दया कयल जाय आ अपना सभ ओ कृपा पाबी जे अपना सभक आवश्‍यकताक समय मे सहायता करत।

प्रकाशित-वाक्‍य 22:16-17
[16] “हम, यीशु, स्‍वयं अपना स्‍वर्गदूत केँ पठौने छी जाहि सँ ओ अहाँ सभ केँ एहि बात सभक गवाही देथि, आ अहाँ सभ मण्‍डली सभ केँ दी। हम दाऊद-वंशक मूल छी, दाऊदक श्रेष्‍ठ वंशज छी, हम भोरक चमकैत तारा छी।”[17] परमेश्‍वरक आत्‍मा आ बलि-भेँड़ाक दुल्‍हिन कहैत छथि, “आउ!” जे सभ सुनैत अछि सेहो सभ कहओ, “आउ!” जे पियासल होअय, से आबओ। जे चाहैत होअय, से बिनु मूल्‍य दऽ कऽ जीवन-जल प्राप्‍त करओ।

यूहन्‍ना 6:37
जकरा पिता हमरा दैत छथि, से सभ हमरा लग आओत, और जे केओ हमरा लग आओत, तकरा हम कहियो नहि अस्‍वीकार करब।

प्रकाशित-वाक्‍य 22:17
परमेश्‍वरक आत्‍मा आ बलि-भेँड़ाक दुल्‍हिन कहैत छथि, “आउ!” जे सभ सुनैत अछि सेहो सभ कहओ, “आउ!” जे पियासल होअय, से आबओ। जे चाहैत होअय, से बिनु मूल्‍य दऽ कऽ जीवन-जल प्राप्‍त करओ।

प्रकाशित-वाक्‍य 12:9
तखन ओ भयंकर अजगर—प्राचीन समयक ओ साँप, जे महादुष्‍ट वा शैतान कहबैत अछि आ सम्‍पूर्ण संसार केँ बहकबैत अछि, तकरा अपन दूत सभक संग पृथ्‍वी पर फेकि देल गेलैक।

फिलिप्‍पी 1:6
हमरा एहि बातक निश्‍चयता अछि जे, जे परमेश्‍वर अहाँ सभ मे नीक काज शुरू कयने छथि, से मसीह यीशुक अयबाक दिन धरि ओकरा पूरा सेहो करताह।

प्रकाशित-वाक्‍य 21:4
ओ ओकरा सभक आँखिक सभ नोर पोछि देथिन। तकरबाद ने मृत्‍यु रहत, ने शोक, ने विलाप आ ने कष्‍ट, किएक तँ पहिलुका बात सभ समाप्‍त भऽ गेल अछि।”

इब्रानी 10:19-22
[19] एहि कारणेँ, यौ भाइ लोकनि, यीशुक खून द्वारा अपना सभ केँ सोझे परमपवित्र स्‍थान मे निडर भऽ कऽ जयबाक साहस अछि।[20] कारण, ओ अपना शरीरक बलिदान द्वारा अपना सभक लेल ओहि परदा बाटे नव आ जीवित रस्‍ता खोलि देलनि।[21] संगहि अपना सभक एहन महान्‌ पुरोहित छथि जे परमेश्‍वरक घरक अधिकारी छथि,[22] तेँ आउ, निष्‍कपट मोन सँ पूर्ण विश्‍वास आ भरोसाक संग परमेश्‍वर लग चली, ई जानि जे हृदय पर मसीहक खून छिटल गेला सँ अपना सभक भितरी मोन सभ दोष सँ शुद्ध भऽ गेल अछि आ शरीर शुद्ध पानि सँ साफ भऽ गेल अछि।

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