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यूहन्‍ना 4:21-24
[21] यीशु ओकरा कहलथिन, “हमर विश्‍वास करह। ओ समय आओत जहिया तोँ सभ ने एहि पहाड़ पर पिताक आराधना करबह, ने यरूशलेम मे।[22] तोँ सामरी लोक तकर आराधना करैत छह जकरा जनिते नहि छह। हम सभ जे यहूदी सभ छी तिनकर आराधना करैत छी जिनका जनैत छी, कारण उद्धार यहूदी वंश द्वारा अबैत अछि।[23] मुदा ओ समय आबि रहल अछि, हँ, आबिओ गेल, जे सत्‍य आराधक पिताक आराधना आत्‍मा और सत्‍य सँ करतनि, किएक तँ पिता एहने आराधक चाहैत छथि।[24] परमेश्‍वर आत्‍मा छथि, और ई आवश्‍यक अछि जे हुनकर आराधक आत्‍मा आओर सत्‍य सँ हुनकर आराधना करनि।”

रोमी 12:1-2
[1] तेँ यौ भाइ लोकनि, हम अहाँ सभ सँ आग्रह करैत छी जे, परमेश्‍वरक अपार दयाक कारणेँ जे ओ अपना सभ पर कयने छथि, अहाँ सभ अपना शरीर केँ जीवित, पवित्र आ परमेश्‍वर द्वारा ग्रहणयोग्‍य बलिदानक रूप मे हुनका अर्पित करू। यैह भेल अहाँ सभक लेल परमेश्‍वरक असली आत्‍मिक आराधना कयनाइ।[2] अहाँ सभ एहि संसारक अनुरूप आचरण नहि करू, बल्‍कि परमेश्‍वर केँ अहाँक सोच-विचार केँ नव बनाबऽ दिऔन आ तहिना अहाँ केँ पूर्ण रूप सँ बदलि देबऽ दिऔन। एहि तरहेँ परमेश्‍वर अहाँ सभ सँ की चाहैत छथि, अर्थात् हुनका नजरि मे की नीक अछि, की ग्रहणयोग्‍य अछि आ की सर्वोत्तम अछि, तकरा अहाँ सभ अनुभव सँ जानि जायब।

प्रकाशित-वाक्‍य 4:8-11
[8] एहि चारू प्राणी मे प्रत्‍येक केँ छओ-छओटा पाँखि छल। ओकरा सभक सम्‍पूर्ण शरीर मे आ पाँखिक तर मे सेहो आँखिए-आँखि छल। ओ सभ दिन-राति बिनु अटकि कऽ ई कहैत रहैत अछि, “सर्वशक्‍तिमान प्रभु-परमेश्‍वर, पवित्र, पवित्र, पवित्र छथि। ओ वैह छथि, जे छलाह, जे छथि आ जे आबहो वला समय मे रहताह।”[9] जखन-जखन ओ प्राणी सभ सिंहासन पर विराजमान, युगानुयुग धरि जीवित रहनिहारक स्‍तुति, आदर आ धन्‍यवाद करैत छनि,[10] तखन-तखन चौबीसो धर्मवृद्ध सभ सिंहासन पर विराजमान आ युगानुयुग तक जीवित रहनिहार परमेश्‍वरक सामने दण्‍डवत करैत छथिन, हुनकर वन्‍दना करैत छथिन और सिंहासनक सम्‍मुख अपन मुकुट राखि कऽ ई कहैत छथि जे,[11] “हे हमरा सभक प्रभु, हमरा सभक परमेश्‍वर, अहाँ महिमा, सम्‍मान आ सामर्थ्‍य पयबाक योग्‍य छी, किएक तँ अहीं सभ वस्‍तुक सृष्‍टिकर्ता छी, अहींक इच्‍छा सँ एकरा सभक सृष्‍टि भेलैक, अहींक इच्‍छा सँ ई सभ अस्‍तित्‍व मे अछि।”

इब्रानी 12:28-29
[28] तेँ जखन अपना सभ केँ एहन राज्‍य भेटि रहल अछि जे अटल अछि तँ अबैत जाउ, अपना सभ परमेश्‍वरक धन्‍यवाद करैत श्रद्धा आ भयक संग हुनकर एहन आराधना करी जे हुनका ग्रहणयोग्‍य होनि।[29] कारण, “अपना सभक परमेश्‍वर भस्‍म करऽ वला आगि छथि।”

प्रकाशित-वाक्‍य 14:7
ओ ऊँ‍च स्‍वर मे कहलनि, “परमेश्‍वरक भय मानू आ हुनकर महिमाक गुणगान करू, किएक तँ हुनकर न्‍याय करबाक समय आबि गेल अछि। स्‍वर्ग, पृथ्‍वी, समुद्र आ जलस्रोत सभक जे सृष्‍टि कयने छथि, तिनकर आराधना करू।”

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT