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चर्च: [Példák Jézustól]


मत्ती 5:14-16
[14] Ti vagytok a világ világossága. Nem lehet elrejteni a hegyre épült várost.[15] Lámpát sem azért gyújtanak, hogy aztán a véka alá tegyék, hanem a lámpatartóra, hogy világítson mindenkinek, aki a házban van.[16] Úgy világítson a ti világosságotok az emberek előtt, hogy lássák jótetteiteket és dicsőítsék Atyátokat, aki a mennyekben van.

मत्ती 7:1-5
[1] “ककरो दोषी नहि ठहराउ जाहि सँ अहूँ सभ दोषी नहि ठहराओल जाइ।[2] जाहि तरहेँ अहाँ दोषी ठहरायब ताहि तरहेँ अहूँ दोषी ठहराओल जायब, आ जाहि नाप सँ अहाँ नापब, सैह नाप अहूँ पर लागू होयत।[3] “अहाँ अपन भायक आँखि मेहक काठक कुन्‍नी किएक देखैत छी? की अपना आँखि मेहक ढेंग नहि सुझाइत अछि?[4] अहाँ अपना भाय केँ कोना कहैत छी जे, ‘आउ, हम अहाँक आँखि मे सँ कुन्‍नी निकालि दैत छी,’ जखन कि अहाँक अपने आँखि मे ढेंग अछि?[5] हे पाखण्‍डी, पहिने अपना आँखि मेहक ढेंग निकालि लिअ, तखने अपन भायक आँखि मेहक कुन्‍नी निकालबाक लेल अहाँ ठीक सँ देखि सकब।

मत्ती 9:16-17
[16] केओ पुरान कपड़ा पर नयाँ कपड़ाक चेफरी नहि लगबैत अछि, कारण, ओ चेफरी घोकचि कऽ पुरान कपड़ा केँ खिचत और ओ कपड़ा पहिनहु सँ बेसी फाटि जायत।[17] एहि तरहेँ लोक नव दारू पुरान चमड़ाक थैली मे नहि रखैत अछि। कारण, एना जँ करत तँ चमड़ाक थैली फाटि जयतैक; दारू बहि जयतैक, आ थैलिओ नष्‍ट भऽ जयतैक। नहि! नव दारू नये थैली मे राखल जाइत अछि। एहि तरहेँ दारू आ थैली दूनू सुरक्षित रहैत अछि।”

मत्ती 12:24-30
[24] मुदा फरिसी सभ जखन लोकक ई बात सुनलनि तँ ओ सभ कहऽ लगलाह, “ओ तँ मात्र दुष्‍टात्‍मा सभक मुखिया बालजबूलक शक्‍ति सँ दुष्‍टात्‍मा सभ केँ निकालैत अछि।”[25] यीशु हुनकर सभक मोनक विचार जानि कहलथिन, “जाहि राज्‍य मे फूट पड़ि जाय से नष्‍ट भऽ जायत, आ जाहि नगर वा घर मे फूट भऽ जाय से नहि टिकत।[26] जँ शैताने शैतान केँ निकालऽ लागत तँ मतलब भेल जे ओकरा मे फूट भऽ गेलैक, तखन ओकर राज्‍य कोना टिकल रहतैक?[27] ठीक अछि, जँ हम बालजबूलक शक्‍ति सँ दुष्‍टात्‍मा सभ केँ निकालैत छी तँ अहाँ सभक लोक ककरा शक्‍ति सँ निकालैत अछि? वैह सभ अहाँ सभक फैसला करत।[28] मुदा जँ हम परमेश्‍वरक आत्‍माक शक्‍ति सँ दुष्‍टात्‍मा सभ केँ निकालैत छी तँ परमेश्‍वरक राज्‍य अहाँ सभक बीच आबि गेल अछि, से जानि लिअ।[29] “वा कोनो डकैत, बलगर आदमीक घर मे पैसि कऽ जाबत तक ओ ओकरा बान्‍हि कऽ काबू मे नहि कऽ लेत, की ताबत तक ओकर सम्‍पत्ति लुटि कऽ लऽ जा सकत? बान्‍हि कऽ काबू मे कयलाक बादे ओकरा लुटि सकैत अछि।[30] “जे केओ हमरा संग नहि अछि, से हमरा विरोध मे अछि। आ जे केओ हमरा संग जमा नहि करैत अछि, से छिड़िअबैत अछि।

मत्ती 13:1-23
[1] ओही दिन यीशु घर सँ बहरा कऽ झीलक कछेर पर जा कऽ बैसलाह।[2] हुनका लग लोकक एतेक विशाल भीड़ आबि कऽ जमा भऽ गेल जे ओ नाव पर चढ़ि कऽ बैसलाह आ लोकक भीड़ झीलक कछेर पर ठाढ़ रहल।[3] यीशु विभिन्‍न तरहक दृष्‍टान्‍त सभक द्वारा लोक सभ केँ बहुतो बात सभ कहलथिन। ओ कहलथिन, “एक किसान बीया बाउग करबाक लेल गेल।[4] बीया बाउग करैत काल किछु बीया रस्‍ताक कात मे खसल आ चिड़ै सभ आबि ओकरा खा लेलकैक।[5] किछु बीया पथराह जमीन पर खसल जतऽ बेसी माटि नहि होयबाक कारणेँ ओ जल्‍दी जनमि गेल।[6] मुदा रौद लगिते ओ झरकि गेल आ जड़ि नहि पकड़ि सकबाक कारणेँ सुखा गेल।[7] फेर दोसर बीया काँट-कुशक बीच मे खसल मुदा काँट-कुश बढ़ि कऽ ओकरा दबा देलकैक।[8] किछु बीया नीक जमीन पर पड़ल आ फड़ल-फुलायल, कोनो सय गुना फसिल देलक, कोनो साठि गुना आ कोनो तीस गुना।[9] जकरा कान होइक, से सुनओ।”[10] यीशुक शिष्‍य सभ हुनका लग आबि कऽ पुछलथिन, “अहाँ लोक सभ सँ दृष्‍टान्‍त सभ मे किएक बात करैत छी?”[11] यीशु उत्तर देलथिन, “स्‍वर्गक राज्‍य जे अछि तकर रहस्‍यक ज्ञान तँ अहाँ सभ केँ देल गेल अछि, मुदा एकरा सभ केँ नहि देल गेल छैक।[12] तेँ जकरा छैक तकरा आओर देल जयतैक आ ओकरा लग बहुते भऽ जयतैक। मुदा जकरा नहि छैक तकरा सँ जेहो छैक सेहो लऽ लेल जयतैक।[13] हम एकरा सभ सँ दृष्‍टान्‍त सभ मे एहि लेल बात करैत छी जे, ‘ई सभ तकितो देखैत नहि अछि; आ सुनितो ने सुनैत अछि आ ने बुझैत अछि।’[14] एकरा सभ मे यशायाहक ई भविष्‍यवाणी पूरा होइत अछि जे, ‘तोँ सभ सुनैत तँ रहबह मुदा बुझबह नहि, तोँ सभ देखैत तँ रहबह मुदा देखाइ देतह नहि।’[15] ‘कारण, एहि लोक सभक मोन मे ठेला पड़ि गेल छैक, ई सभ कान सँ उच्‍च सुनैत अछि, ई सभ अपन आँखि मुनि लेने अछि, जाहि सँ कतौ एना नहि होअय जे आँखि सँ देखय, कान सँ सुनय, मोन सँ बुझय, आ घूमि कऽ हमरा लग आबय, आ हम ओकरा सभ केँ स्‍वस्‍थ कऽ दिऐक।’[16] “मुदा धन्‍य छी अहाँ सभ जे आँखि सँ देखैत छी आ कान सँ सुनैत छी।[17] हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे, अपना समय मे परमेश्‍वरक एहन बहुतो प्रवक्‍ता आ धार्मिक लोक सभ रहथि जे सभ चाहलनि जे, जाहि बात सभ केँ अहाँ सभ देखि रहल छी, तकरा देखी, मुदा नहि देखलनि; और जाहि बात सभ केँ अहाँ सभ सुनि रहल छी, से सुनी, मुदा नहि सुनलनि।[18] “आब अहाँ सभ बाउग कयनिहार वला दृष्‍टान्‍तक अर्थ सुनू।[19] जखन केओ परमेश्‍वरक राज्‍यक शुभ समाचार सुनैत अछि मुदा बुझैत नहि अछि, तखन शैतान आबि कऽ जे किछु ओकरा हृदय मे बाउग कयल गेल रहैत अछि से ओकरा सँ छिनि कऽ लऽ लैत अछि। ई वैह बीया भेल जे रस्‍ताक कात मे बाउग कयल गेल छल।[20] पथराह जमीन पर बाउग कयल बीया ओ व्‍यक्‍ति भेल जे परमेश्‍वरक शुभ समाचार सुनि कऽ तुरत आनन्‍दपूर्बक ओकरा ग्रहण कऽ लैत अछि,[21] मुदा ओ वचन ओकरा मे जड़ि नहि पकड़ैत छैक आ ओ कनेके काल स्‍थिर रहैत अछि। जखन शुभ समाचारक कारणेँ ओकरा कष्‍ट सहऽ पड़ैत छैक वा ओकरा संग अत्‍याचार होमऽ लगैत छैक तँ ओ तुरत विश्‍वास केँ छोड़ि दैत अछि।[22] काँट-कुशक बीच खसल बीया ओ मनुष्‍य भेल जे शुभ समाचार केँ सुनैत अछि मुदा सांसारिक चिन्‍ता आ धन-सम्‍पत्तिक मोह-माया ओहि शुभ समाचार केँ दबा दैत छैक और ओ वचन ओकरा जीवन मे कोनो फल नहि दैत अछि।[23] नीक जमीन मे बाउग कयल बीया ओ सभ अछि जे सभ शुभ समाचार सुनैत अछि और बुझैत अछि। ओ फड़ि-फुला कऽ फसिल दैत अछि, केओ सय गुना, केओ साठि गुना आ केओ तीस गुना।”

मत्ती 13:24-30
[24] यीशु लोक सभक समक्ष दोसर दृष्‍टान्‍त रखलनि जे, “स्‍वर्गक राज्‍यक तुलना ओहि मनुष्‍य सँ कयल जा सकैत अछि जे अपना खेत मे नीक बीया बाउग कयलनि।[25] मुदा जखन सभ केओ सुति रहल छल तखन हुनकर दुश्‍मन अयलनि आ ओहि बाउग कयल गहुमक खेत मे जंगली बीया बाउग कऽ चल गेल।[26] जखन बाउग कयल गहुमक बीया जनमल आ ओहि मे बालि निकलल तखन जंगलिआ घास सेहो देखाइ देलक।[27] ई देखि नोकर सभ मालिक केँ कहलकनि, ‘मालिक, की अपने अपना खेत मे बढ़ियाँ बीया बाउग नहि कयने छलहुँ? तँ एहि मे जंगलिआ घास कतऽ सँ आबि गेल?’[28] मालिक कहलथिन, ‘ई कोनो दुश्‍मनक काज अछि!’ नोकर सभ कहलकनि, ‘तँ की, ओकरा उखाड़ि दिऐक?’[29] ओ कहलथिन, ‘नहि। कतौ एना नहि भऽ जाओ जे जंगलिआ घास उखाड़ैत काल तोँ सभ गहुमोक गाछ सभ केँ उखाड़ि दहक।[30] गहुम कटयबाक समय तक दूनू केँ संग-संग बढ़ऽ दहक। कटनी करयबाक समय मे हम कटनिहार सभ केँ कहबैक जे, पहिने जंगलिआ घासक गाछ सभ केँ जमा कऽ कऽ जरयबाक लेल बोझ बान्‍हि लैह, तखन गहुम केँ हमरा बखारी मे जमा करह।’ ”

मत्ती 13:31-32
[31] यीशु लोक सभ केँ एक आओर दृष्‍टान्‍त दैत कहलथिन, “स्‍वर्गक राज्‍य सरिसोक दाना जकाँ अछि, जकरा केओ लेलक आ अपना खेत मे बाउग कऽ देलक।[32] दाना सभ मे सरिसोक दाना सभ सँ छोट होइत अछि मुदा जनमि कऽ बढ़लाक बाद सभ साग-पात सँ पैघ भऽ तेहन गाछ भऽ जाइत अछि जे आकाशक चिड़ै सभ आबि कऽ ओकरा ठाढ़ि-पात मे अपन खोंता बना लैत अछि।”

मत्ती 13:33-34
[33] यीशु एकटा आओर दृष्‍टान्‍त ओकरा सभ केँ देलथिन—“स्‍वर्गक राज्‍य रोटी फुलाबऽ वला खमीर जकाँ अछि, जकरा एक स्‍त्री तीन पसेरी आँटा मे मिला कऽ सनलक; बाद मे खमीरक शक्‍ति सँ पूरा आँटा फुलि गेलैक।”[34] यीशु अपना लग जमा भेल लोकक भीड़ केँ ई सभ बात दृष्‍टान्‍त दऽ-दऽ कऽ कहलथिन। बिनु दृष्‍टान्‍त देने ओ ओकरा सभ केँ किछु नहि कहलथिन।

मत्ती 13:44
“स्‍वर्गक राज्‍य खेत मे गाड़ल धन जकाँ अछि, जकरा कोनो मनुष्‍य पौलक आ फेर माटि सँ झाँपि देलक। ओ एतेक खुश भेल जे ओ अपन सभ धन-सम्‍पत्ति बेचि कऽ ओहि खेत केँ किनि लेलक।

मत्ती 13:45-46
[45] “फेर, स्‍वर्गक राज्‍य ओहि व्‍यापारी सन अछि जे नीक मोतीक खोज मे छल।[46] जखन ओकरा एक बहुत बहुमूल्‍य मोती भेटलैक तँ जा कऽ अपन सभ किछु बेचि देलक आ ओहि मोती केँ किनि लेलक।

मत्ती 13:47-50
[47] “फेर दोसर दृष्‍टिएँ स्‍वर्गक राज्‍य ओहि महाजाल सन अछि जे समुद्र मे खसाओल गेल आ सभ प्रकारक माछ ओहि मे घेरायल।[48] जखन जाल भरि गेल तँ लोक सभ ओकरा कछेर पर अनलक आ बैसि कऽ नीक माछ सभ केँ डाली मे जमा कयलक मुदा खराब माछ सभ केँ फेकि देलक।[49] एहि संसारक अन्‍त मे सेहो एहिना होयतैक। स्‍वर्गदूत सभ आबि कऽ दुष्‍ट सभ केँ धर्मी सभ सँ अलग करताह[50] आ आगिक भट्ठी मे फेकि देताह, जतऽ लोक कानत आ दाँत कटकटाओत।”

मत्ती 15:10-20
[10] यीशु भीड़क लोक केँ अपना लग बजा कऽ कहलथिन, “अहाँ सभ सुनू आ बुझू।[11] जे कोनो वस्‍तु मुँह मे जाइत अछि, से मनुष्‍य केँ अशुद्ध नहि करैत अछि, बल्‍कि जे मुँह सँ बहराइत अछि से ओकरा अशुद्ध करैत अछि।”[12] एहि पर हुनकर शिष्‍य सभ हुनका लग आबि कहलथिन, “अहाँ जे कहलहुँ से फरिसी सभ केँ बड्ड खराब लगलनि, से अहाँ केँ बुझल अछि?”[13] यीशु हुनका सभ केँ उत्तर देलथिन, “प्रत्‍येक गाछ जे हमर स्‍वर्गीय पिता नहि लगौने छथि, से जड़ि सँ उखाड़ल जायत।[14] छोड़ू ओकर सभक बात! ओ सभ तँ अपने आन्‍हर अछि आ आन्‍हर सभ केँ बाट देखबैत अछि। आन्‍हरे जँ आन्‍हर केँ बाट देखाओत तँ दूनू अवश्‍य खधिया मे खसत।”[15] एहि पर पत्रुस कहलथिन, “एहि दृष्‍टान्‍तक अर्थ हमरा सभ केँ बुझा दिअ।”[16] यीशु कहलथिन, “की अहूँ सभ एखन तक नहि बुझलहुँ?[17] की अहाँ सभ नहि बुझैत छी जे, जे किछु मुँह मे जाइत अछि से पेट मे जा कऽ देह सँ बाहर भऽ जाइत अछि?[18] मुदा जे बात मुँह सँ बहराइत अछि से हृदय सँ निकलि कऽ अबैत अछि आ से मनुष्‍य केँ अशुद्ध बनबैत अछि।[19] कारण, हृदय सँ निकलैत अछि विभिन्‍न तरहक गलत विचार, हत्‍या, परस्‍त्रीगमन, अनैतिक शारीरिक सम्‍बन्‍ध, चोरी, झूठ गवाही, निन्‍दाक बात,[20] आ यैह बात सभ मनुष्‍य केँ अशुद्ध करैत अछि, नहि कि बिनु हाथ धोने भोजन करब, से।”

मत्ती 18:10-14
[10] “अहाँ सभ एहि पर ध्‍यान राखू जे एहि बच्‍चा सभ मे सँ एकोटा केँ तुच्‍छ नहि बुझब। हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, स्‍वर्ग मे एकर सभक रक्षा कयनिहार दूत सभ सदिखन हमर स्‍वर्गीय पिताक मुँह दिस तकैत रहैत छथि।[11] [मनुष्‍य-पुत्र हेरायल सभ केँ बचयबाक लेल आयल छथि।][12] “अहाँ सभ की सोचैत छी? जँ ककरो लग एक सय भेँड़ा छैक आ ओहि मे सँ एकटा भेँड़ा भटकि जाइक, तँ की ओ अपन निनान्‍नबे भेँड़ा केँ पहाड़ पर छोड़ि कऽ ओहि भटकल भेँड़ा केँ खोजबाक लेल नहि जायत?[13] हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे, जँ ओ ओकरा भेटि जयतैक, तँ ओहि निनान्‍नबे भेँड़ाक कारणेँ, जे नहि भटकल छलैक, ताहि सँ बेसी आनन्‍द ओकरा एही भेँड़ाक कारणेँ होयतैक।[14] एही तरहेँ स्‍वर्ग मे रहऽ वला अहाँ सभक पिताक इच्‍छा ई छनि जे एहि बच्‍चा सभ मे सँ एकोटा नष्‍ट नहि होनि।

मत्ती 18:23-35
[23] “कारण, स्‍वर्गक राज्‍यक तुलना एहन राजा सँ कयल जा सकैत अछि जे अपन राज्‍यक कर्मचारी सभ सँ हिसाब-किताब लेबऽ चाहलनि।[24] जखन ओ हिसाब-किताब लेबऽ लगलाह तँ हुनका लग एक कर्मचारी केँ लाओल गेल, जकरा पर दस हजार सोनक रुपैया ऋण छलनि।[25] ओहि कर्मचारी लग ऋण सधयबाक लेल किछु नहि छलैक तेँ ओकर मालिक आज्ञा दऽ देलथिन जे, एकरा, एकर स्‍त्री आ बाल-बच्‍चा केँ और एकर सभ सामान बेचि कऽ एकरा सँ ऋण असूल कयल जाय।[26] ई सुनि ओ कर्मचारी अपना मालिकक पयर पर खसि कऽ विनती करऽ लागल जे, ‘यौ सरकार, धैर्य राखल जाओ, हम अपनेक सम्‍पूर्ण ऋण सधा देब।’[27] मालिक ओकरा पर दया कऽ कऽ ओकरा छोड़ि देलथिन आ ओकर सम्‍पूर्ण ऋण माफ कऽ देलथिन।[28] मुदा ओ कर्मचारी जखन ओतऽ सँ बाहर भेल तँ ओकरा संग काज करऽ वला एक दोसर कर्मचारी भेटलैक जे ओकरा सँ एक सय तामक रुपैया ऋण लेने छलैक। ओ ओकरा पकड़ि कऽ गरदनि चभैत कहलकैक, ‘जे किछु तोरा पर हमर ऋण अछि, से तुरत ला!’[29] ओ कर्मचारी ओकरा पयर पर खसि कऽ विनती करऽ लागल, ‘धैर्य राखू, हम अहाँक ऋण सधा देब।’[30] मुदा ओ नहि मानलक आ जा कऽ ओकरा जहल मे रखबा देलकैक जे जाबत तक ऋण नहि सधाओत ताबत तक जहल मे रहओ।[31] ई देखि दोसर कर्मचारी सभ केँ बहुत दुःख भेलैक आ ओ सभ जा कऽ सम्‍पूर्ण घटना मालिक केँ कहि सुनौलकनि।[32] तकरबाद मालिक ओहि कर्मचारी केँ बजबा कऽ कहलथिन, ‘है दुष्‍ट नोकर, तोँ हमरा सँ विनती कयलेँ तँ हम तोहर सम्‍पूर्ण ऋण माफ कऽ देलिऔक।[33] तँ की ई उचित नहि छल जे जहिना हम तोरा संग दया कयलिऔ, तहिना तोहूँ अपन संगी-कर्मचारीक संग दया करिते?’[34] मालिक केँ ओहि कर्मचारी पर बहुत क्रोध भऽ गेलनि आ ओ ओकरा दण्‍ड देबाक लेल जहल मे पठबा देलथिन जे जाबत तक ओ पूरा ऋण सधा नहि दय ताबत तक जहल मे रहओ।[35] तेँ जँ अहूँ सभ अपना भाय केँ हृदय सँ क्षमा नहि करबैक तँ हमर स्‍वर्गीय पिता अहूँ सभक संग ओहने व्‍यवहार करताह।”

मत्ती 20:1-16
[1] “स्‍वर्गक राज्‍य एहन एक गृहस्‍थ जकाँ अछि जे अपन अंगूरक बगान मे काज करयबाक लेल भोरे-भोर मजदूर तकबाक लेल गेलाह।[2] ओ मजदूर सभक संग एक दिनक चानीक एक रुपैया मजदूरी देबाक व्‍यवस्‍था कऽ ओकरा सभ केँ अपन अंगूरक बगान मे काज करबाक लेल पठौलनि।[3] ओ फेर नौ बजे बाहर गेलाह तँ आरो मजदूर सभ केँ बजार मे निरर्थक ठाढ़ देखलनि।[4] ओ ओकरा सभ केँ कहलथिन, ‘तोहूँ सभ हमर अंगूरक बगान मे जा कऽ काज करह। जे उचित होयतह से हम तोरो सभ केँ देबह।’[5] मजदूर सभ जा कऽ काज करऽ लागल। मालिक फेर बारह बजे आ तीन बजे बाहर जा-जा कऽ ओहिना कयलनि।[6] साँझ पाँच बजे फेर ओ बहरयलाह। ओ किछु आओर मजदूर सभ केँ ओहिना ठाढ़ देखि पुछलथिन, ‘तोँ सभ एतऽ दिन भरि किएक निरर्थक ठाढ़ रहलह?’[7] ओ सभ कहलकनि, ‘हमरा सभ केँ केओ नहि काजक लेल अढ़ौलक।’ मालिक ओकरा सभ केँ कहलथिन, ‘तोहूँ सभ हमर बगान मे जा कऽ काज करह।’[8] “साँझ भऽ गेला पर अंगूर-बगानक मालिक अपन मुख्‍य नोकर केँ बजा कऽ कहलथिन, ‘मजदूर सभ केँ बजाबह आ सभ सँ अन्‍तिम पहर मे जे सभ आयल तकरा सभ सँ शुरू कऽ कऽ सभ सँ पहिल पहर मे आबऽ वला धरि, सभ केँ मजदूरी दऽ दहक।’[9] जखन ओ सभ, जे साँझ लगभग पाँच बजे सँ काज शुरू कयने छल, से सभ आयल तँ ओकरा सभ केँ चानीक एक-एक रुपैया देल गेलैक।[10] जे मजदूर सभ भोरे सँ काज कयने छल जखन ई बात देखलक, तँ ओ सभ बुझलक जे हमरा सभ केँ बेसी मजदूरी भेटत। मुदा ओकरो सभ केँ चानीक एक-एक रुपैया मजदूरी भेटलैक।[11] ओ सभ अपन मजदूरी पाबि मालिक पर कुड़बुड़ाय लागल।[12] ओ सभ बाजल, ‘सभ सँ पाछाँ आबऽ वला ई मजदूर सभ, जे सभ एके घण्‍टा काज कयलक, तकरो अहाँ हमरा सभक बराबरि बुझलहुँ। हम सभ तँ घाम-पसिना सहि दिन भरि खटलहुँ!’[13] “मालिक ओहि मे सँ एक गोटे केँ उत्तर देलथिन, ‘हौ मित्र, हम तोरा संग कोनो तरहक अन्‍याय तँ नहि कऽ रहल छिअह। की तोँ हमरा संग चानीक एक रुपैया मजदूरी लेबाक व्‍यवस्‍था नहि कयने छलह?[14] अपन पाइ लैह आ जाह। ई तँ हमर इच्‍छाक बात अछि जे जतबा तोरा देलिअह ततेक पछो सँ आबऽ वला मजदूर सभ केँ सेहो दिऐक।[15] की हमर ई अधिकार नहि अछि जे, जे हमर वस्‍तु अछि तकरा हम जेना चाही, तेना प्रयोग कऽ सकी? हम जँ अपना खुशी सँ ककरो बेसिओ दैत छी तँ की से तोरा अखड़ैत छह?’ ”[16] तखन यीशु आगाँ कहलनि, “एहि तरहेँ जे अन्‍तिम अछि से पहिल होयत, आ जे पहिल अछि से अन्‍तिम।”

मत्ती 21:28-32
[28] “अच्‍छा, अहाँ सभक की विचार अछि? एक गोटे केँ दूटा बेटा छलनि। ओ जेठका केँ कहलथिन, ‘बौआ, आइ अंगूरक बाड़ी मे काज करऽ जाह।’[29] बेटा कहलकनि, ‘हम नहि जायब,’ मुदा बाद मे ओकरा पछतावा भेलैक आ ओ काज करबाक लेल गेल।[30] तखन बाबू दोसरो बेटा लग जा कऽ यैह बात कहलथिन। ओ उत्तर देलकनि, ‘ठीक अछि, बाबूजी, हम जाइत छी।’ मुदा ओ नहि गेल।[31] आब कहू, एकरा सभ मे सँ के अपन बाबूक इच्‍छानुरूप कयलक?” ओ सभ कहलथिन, “पहिल वला।” यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी, कर असूल कयनिहार आ वेश्‍या सभ परमेश्‍वरक राज्‍य मे अहाँ सभ सँ आगाँ प्रवेश कऽ रहल अछि।[32] यूहन्‍ना धार्मिकताक बाट देखबैत अहाँ सभ लग अयलाह और अहाँ सभ हुनकर बातक विश्‍वास नहि कयलहुँ, मुदा कर असूल कयनिहार आ वेश्‍या सभ विश्‍वास कयलक। अहाँ सभ ई बात देखलाक बादो अपना पापक लेल पश्‍चात्ताप और हृदय-परिवर्तन कऽ कऽ हुनकर बातक विश्‍वास नहि कयलहुँ।

मत्ती 21:33-45
[33] “एक आओर दृष्‍टान्‍त सुनू। एक गृहस्‍थ लोक छलाह। ओ एक अंगूरक बगान लगौलनि आ चारू कात सँ ओकरा घेरि देलनि। अंगूरक रस जमा करबाक लेल ओ एक रसकुण्‍ड बनौलनि आ रखबारीक लेल मचान बनौलनि। तकरबाद किसान सभ केँ बटाइ पर दऽ कऽ परदेश चल गेलाह।[34] फलक समय अयला पर ओ अपन हिस्‍सा लेबाक लेल नोकर सभ केँ बटाइदार सभ लग पठौलथिन।[35] मुदा बटाइदार सभ हुनकर नोकर सभ केँ पकड़ि, एकटा केँ पिटलक, एकटाक हत्‍या कऽ देलक और एकटा केँ पथरबाहि कयलक।[36] तखन मालिक पहिल बेर सँ बेसी, आरो नोकर सभ केँ पठौलथिन। मुदा बटाइदार सभ ओकरो सभक संग वैह व्‍यवहार कयलक।[37] अन्‍त मे मालिक अपना बेटा केँ ओकरा सभ लग पठौलथिन, ई सोचि जे, ओ सभ हमरा बेटाक आदर करत।[38] “मुदा बटाइदार सभ जखन मालिकक बेटा केँ देखलक तँ ओ सभ अपना मे कहऽ लागल जे, ‘ई अपन बापक उत्तराधिकारी अछि। चलू एकरा मारि कऽ समाप्‍त कऽ दी, और ई सम्‍पत्ति जे एकरा भेटऽ वला छैक ताहि पर अधिकार कऽ ली।’[39] एना सोचि ओ सभ हुनका पकड़ि लेलकनि आ बगान सँ बाहर लऽ जा कऽ जान सँ मारि देलकनि।[40] “आब कहू, बगानक मालिक जहिया औताह तँ ओ एहि बटाइदार सभ केँ की करथिन?”[41] ओ सभ उत्तर देलथिन, “ओ ओहि दुष्‍ट बटाइदार सभक सर्वनाश करताह आ अंगूरक बगान ओहन बटाइदार सभ केँ दऽ देथिन जे फलक समय अयला पर हुनकर हिस्‍सा देतनि।”[42] यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “की अहाँ सभ धर्मशास्‍त्र मे ई कहियो नहि पढ़ने छी?— ‘जाहि पाथर केँ राजमिस्‍तिरी सभ बेकार बुझि कऽ फेकि देलक, वैह पाथर मकानक प्रमुख पाथर भऽ गेल। ई काज प्रभु-परमेश्‍वर कयलनि, और ई हमरा सभक नजरि मे अद्‌भुत बात अछि!’[43] एहि लेल हम अहाँ सभ केँ कहैत छी, परमेश्‍वरक राज्‍यक अधिकार अहाँ सभ सँ छिनि लेल जायत आ ताहि समूहक लोक सभक जिम्‍मा मे देल जयतैक जे एकर उचित फल लाओत।[44] [जे केओ एहि पाथर पर खसत से चकना-चूर भऽ जायत, और जकरा पर ई पाथर खसतैक से थकुचा-थकुचा भऽ जायत।]”[45] मुख्‍यपुरोहित आ फरिसी सभ हुनकर दृष्‍टान्‍त सभ सुनि कऽ बुझि गेलाह जे, ई हमरे सभक सम्‍बन्‍ध मे ई सभ बात कहि रहल अछि।

मत्ती 22:1-14
[1] यीशु फेर दृष्‍टान्‍त दऽ कऽ हुनका सभ केँ कहलथिन,[2] “स्‍वर्गक राज्‍यक तुलना एक एहन राजा सँ कयल जा सकैत अछि जे अपन पुत्रक विवाहक उत्‍सव पर भोजक आयोजन कयलनि।[3] ओ अपन नोकर सभ केँ पठौलनि जे उत्‍सव मे निमन्‍त्रित लोक सभ केँ बिझो करा लाबय। मुदा निमन्‍त्रित लोक सभ नहि आबऽ चाहलक।[4] राजा फेर दोसरो नोकर सभ केँ ई कहि कऽ पठौलनि जे, ‘आमन्‍त्रित लोक सभ केँ ई कहि दिऔन जे, देखू, भोजक लेल सभ वस्‍तु तैयार भऽ गेल अछि, हमर पालल-मोटायल पशु सभक वध कऽ सभ किछु बना लेल गेल अछि, तेँ भोज खयबाक लेल चलै जाइ जाउ।’[5] मुदा नोतल लोक सभ राजाक आग्रह पर कोनो ध्‍यान नहि देलक। ओकरा सभ मे सँ केओ अपन खेतक काजक लेल तँ केओ अपन व्‍यापारक काजक लेल चल गेल।[6] बाँकी लोक राजाक नोकर सभ केँ पकड़ि कऽ ओकरा सभक संग दुर्व्‍यवहार कयलक आ जान सँ मारि देलक।[7] “एहि पर राजा क्रोधित भऽ अपन सैनिक सभ केँ पठा कऽ ओहि हत्‍यारा सभ केँ मरबा देलथिन आ ओकरा सभक नगर केँ जरबा देलथिन।[8] तकरबाद ओ अपन नोकर सभ केँ कहलथिन, ‘विवाहक भोज तँ तैयार अछि, मुदा निमन्‍त्रित लोक सभ एहि भोज मे खाय ताहि जोगरक नहि छल।[9] तेँ तोँ सभ चौबट्टिआ सभ पर जाह आ जे केओ भेटह, तकरा सभ केँ भोज मे बजा आनह।’[10] नोकर सभ चौबट्टिआ आ सड़क सभ पर गेल आ नीक-अधलाह जे केओ भेटलैक, सभ केँ बजा अनलक। एतेक लोक आयल जे विवाह-भोजक घर ओकरा सभ सँ भरि गेलैक।[11] “राजा उपस्‍थित लोक सभ केँ देखबाक लेल भीतर अयलाह तँ हुनकर नजरि एक एहन व्‍यक्‍ति पर पड़लनि जे विवाह-उत्‍सवक लेल अनुकूल वस्‍त्र नहि पहिरने छल।[12] राजा ओकरा पुछलथिन, ‘यौ मित्र, अहाँ बिनु विवाह-उत्‍सवक वस्‍त्र पहिरने भीतर कोना आबि गेलहुँ?’ ओ व्‍यक्‍ति राजा केँ कोनो उत्तर नहि दऽ सकलनि।[13] एहि पर राजा अपन सेवक सभ केँ कहलथिन, ‘एकरा हाथ-पयर बान्‍हि कऽ बाहर अन्‍हार मे फेकि दैह जतऽ लोक कनैत आ दाँत कटकटबैत रहैत अछि।’ ”[14] तकरबाद यीशु कहलथिन, “बजाओल लोक तँ बहुत अछि, मुदा ओहि मे चुनल लोक किछुए अछि।”

मत्ती 24:32-35
[32] “आब अंजीरक गाछ सँ एकटा बात सिखू। जखन ओकर ठाढ़ि कोमल होमऽ लगैत छैक आ ओहि मे नव पात निकलऽ लगैत छैक तँ अहाँ सभ बुझि जाइत छी जे गर्मीक समय आबि रहल अछि।[33] तहिना जखन अहाँ सभ ई सभ बात होइत देखब तँ बुझि लिअ जे समय लगचिआ गेल, हँ, ई बुझू जे ओ घरक मुँह पर आबि गेल अछि।[34] हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे एहि पीढ़ी केँ समाप्‍त होमऽ सँ पहिने ई सभ घटना निश्‍चित घटत।[35] आकाश और पृथ्‍वी समाप्‍त भऽ जायत, मुदा हमर वचन अनन्‍त काल तक रहत।

मत्ती 24:45-51
[45] “के अछि ओहन विश्‍वासपात्र आ बुद्धिमान सेवक जकरा मालिक अपन घरक आरो सेवक सभक मुखिया बनौथिन जे ओ ठीक सँ ओकरा सभक देख-रेख करैक आ समय पर भोजन-भातक व्‍यवस्‍था करैक?[46] ओहि सेवकक लेल कतेक नीक होयत, जकरा मालिक आबि कऽ ओहिना करैत पौताह।[47] हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी जे, मालिक अपन सम्‍पूर्ण सम्‍पत्तिक जबाबदेही ओकरा जिम्‍मा मे दऽ देथिन।[48] मुदा ओ सेवक जँ दुष्‍ट अछि आ एना सोचय जे, ‘हमर मालिक आबऽ मे बहुत देरी कऽ रहल अछि,’[49] आ ई सोचि ओ मालिकक आरो सेवक सभ केँ मारय-पिटय आ स्‍वयं पिअक्‍कड़ सभक संग खाय-पिबऽ लागय,[50] तँ ओहि सेवकक मालिक एहन दिन मे घूमि औताह जहिया ओ अपन मालिकक बाट नहि तकैत रहत आ एहन समय मे औताह जकरा ओ नहि जानत।[51] मालिक आबि कऽ ओकरा खण्‍ड-खण्‍ड कटबा देथिन आ ओकरा ताहि ठाम राखि देथिन जतऽ पाखण्‍डी लोक अपन दण्‍ड भोगैत अछि। ओतऽ लोक कनैत आ दाँत कटकटबैत रहैत अछि।

मत्ती 25:1-13
[1] “ओहि समय मे स्‍वर्गक राज्‍य ओहि दस कुमारि कन्‍याक घटना वला बात जकाँ होयत जे सभ अपन-अपन दीप लऽ कऽ वरक स्‍वागत करबाक लेल निकलल।[2] ओहि मे पाँचटा मूर्ख आ पाँचटा बुद्धिआरि छलि।[3] मूर्ख कन्‍या सभ दीप तँ लेलक मुदा फाजिल तेल अपना संग नहि रखलक।[4] मुदा बुद्धिआरि कन्‍या सभ अपन दीप आ अलग बर्तन मे तेल सेहो लऽ गेलि।[5] वर केँ आबऽ मे जखन देरी भेलनि तँ सभ औँघाय लागलि आ सुति रहलि।[6] “आधा राति बितला पर हो-हल्‍ला होमऽ लागल जे, ‘चलू, चलू, वर आबि गेलाह! हुनका सँ भेँट करऽ चलू!’[7] ई सुनि सभ कुमारि कन्‍या उठलि आ अपन-अपन दीप सभ ठीक करऽ लागलि।[8] मूर्ख कन्‍या सभ बुद्धिआरि कन्‍या सभ केँ कहलकैक, ‘देखह, हमर सभक दीप मिझाय लागल। तोँ सभ अपना मे सँ कनेक तेल हमरा सभ केँ दैह।’[9] मुदा ओ बुद्धिआरि कन्‍या सभ उत्तर देलकैक जे, ‘नहि, कहीं ई तेल अपना सभ गोटेक लेल पूरा नहि ने होअय। तेँ नीक ई जे तोँ सभ तेल बेचऽ वला सँ किनि कऽ लऽ आनह।’[10] “ओ सभ जखन तेल किनबाक लेल गेलि तखने वर आबि गेलाह। जे सभ तैयार छलि, से सभ वरक संग विवाह-भोज मे भीतर गेलि आ केबाड़ बन्‍द कयल गेल।[11] बाद मे ओ तेल किनऽ वाली मूर्ख कन्‍या सभ आयल आ कहऽ लागलि, ‘यौ प्रभु, यौ प्रभु! हमरा सभक लेल केबाड़ खोलि दिअ!’[12] मुदा वर उत्तर देलथिन, ‘हम अहाँ सभ केँ सत्‍य कहैत छी, हम अहाँ सभ केँ नहि चिन्‍हैत छी।’ ”[13] तखन यीशु कहलनि, “तेँ अहाँ सभ होसियार रहू, कारण अहाँ सभ ओहि दिन आ ओहि समय केँ नहि जनैत छी।

मत्ती 25:14-30
[14] “स्‍वर्गक राज्‍य परदेश जाय लागल एक गोटेक यात्रा वला बात जकाँ अछि। परदेश जाय सँ पहिने ओ अपन सेवक सभ केँ बजौलनि आ अपन सम्‍पत्तिक देख-रेख करबाक भार ओकरा सभक जिम्‍मा देलथिन।[15] ओ अपन सेवक सभक गुणक अनुसार एकटा केँ पाँच हजार, दोसर केँ दू हजार आ तेसर केँ एक हजार सोनक रुपैया जिम्‍मा दऽ परदेश चल गेलाह।[16] जकरा पाँच हजार भेटल छलैक, से ओकरा तुरत व्‍यापार मे लगौलक आ ओहि सँ पाँच हजार आओर कमायल।[17] एहि तरहेँ जकरा दू हजार भेटल छलैक से दू हजार आओर कमायल।[18] मुदा जकरा एक हजार भेटल छलैक से खधिया खुनि कऽ अपन मालिकक रुपैया ओहि मे नुका कऽ धयलक।[19] “बहुत समय बितला पर मालिक परदेश सँ घूमि अयलाह आ अपन सेवक सभ सँ हिसाब-किताब लेबऽ लगलाह।[20] जकरा पाँच हजार भेटल छलैक से दस हजार रुपैया आनि कऽ अपना मालिक केँ कहलकनि, ‘मालिक, अपने हमरा पाँच हजार देने छलहुँ, देखल जाओ, हम एहि सँ पाँच हजार आरो कमयलहुँ।’[21] मालिक ओहि सेवक केँ कहलथिन, ‘चाबस! तोँ नीक आ भरोसमन्‍द सेवक छह! थोड़बो वस्‍तु मे तोँ विश्‍वसनीय रहलह। हम आब तोरा बहुत वस्‍तु पर अधिकार देबह। अपन मालिकक आनन्‍द मे सहभागी बनह!’[22] “जकरा दू हजार भेटल छलैक सेहो आबि कऽ कहलकनि, ‘मालिक, अपने हमरा दू हजार देने छलहुँ, देखल जाओ, हम एहि सँ दू हजार आरो कमयलहुँ।’[23] मालिक ओहू सेवक केँ कहलथिन, ‘चाबस! तोँ नीक आ भरोसमन्‍द सेवक छह! थोड़बो वस्‍तु मे तोँ विश्‍वसनीय रहलह। हम आब तोरा बहुत वस्‍तु पर अधिकार देबह। अपन मालिकक आनन्‍द मे सहभागी होअह!’[24] “तकरबाद जकरा एक हजार भेटल छलैक से आयल आ कहलक, ‘मालिक, हम अपने केँ जनैत छी जे अपने कठोर आदमी छी। जाहि खेत मे रोपने नहि छी, ताहि मे कटनी करबैत छी। जतऽ अपनेक वस्‍तु छिटायल नहि रहैत अछि, ततऽ समटबैत छी।[25] तेँ हमरा डर भेल आ अपनेक देल एक हजार रुपैया हम जमीन मे गाड़ि कऽ रखने छलहुँ। लेल जाओ अपन ओ रुपैया।’[26] मालिक ओहि सेवक केँ कहलथिन, ‘है दुष्‍ट आ आलसी सेवक! जखन तोँ जनैत छलेँ जे हम जाहि मे रोपने नहि छी ताहि मे कटनी करैत छी आ जतऽ हमर छिटायल नहि अछि ततऽ हम समटैत छी,[27] तँ तोँ हमर पाइ कोनो महाजनक जिम्‍मा लगा दिते, जाहि सँ हम आबि कऽ अपन पाइ कम सँ कम व्‍याजक संग पबितहुँ।[28] हौ, एकरा सँ इहो पाइ लऽ लैह आ जकरा लग दस हजार छैक तकरा दऽ दहक।[29] किएक तँ जकरा लग छैक तकरा आरो देल जयतैक, जाहि सँ ओकरा बहुते भऽ जायत। मुदा जकरा लग नहि छैक, तकरा सँ जेहो छैक सेहो लऽ लेल जयतैक।[30] और एहि निकम्‍मा सेवक केँ बाहर अन्‍हार मे फेकि दैह जतऽ लोक कनैत आ दाँत कटकटबैत रहैत अछि।’

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT