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बुरा चरित्र: [डर]


यूहन्‍ना 14:27
“शान्‍ति हम अहाँ सभ केँ दऽ जाइत छी। अपन शान्‍ति हम अहाँ सभ केँ दैत छी। जेना संसार दैत अछि, तेना हम नहि दैत छी। अहाँ सभ अपना मोन मे नहि घबड़ाउ, आ ने भयभीत होउ।

मत्ती 6:34
“तेँ काल्‍हि की होयत तकर चिन्‍ता नहि करू, किएक तँ काल्‍हि अपन चिन्‍ता अपने कऽ लेत। आजुक लेल तँ अजुके दुःख बहुत अछि।

रोमी 8:38-39
[38] किएक तँ हमरा पूर्ण विश्‍वास अछि जे, ने मृत्‍यु आ ने जीवन, ने स्‍वर्गदूत आ ने नरकदूत, ने वर्तमान आ ने भविष्‍य, ने कोनो तरहक शक्‍ति,[39] ने आकाश आ ने पाताल, और ने सौंसे सृष्‍टि मे आरो कोनो वस्‍तु अपना सभ केँ परमेश्‍वरक ओहि प्रेम सँ अलग कऽ सकत जे ओ अपना सभक प्रभु, मसीह यीशु, द्वारा प्रगट कयलनि।

1 पत्रुस 5:6-7
[6] एहि लेल परमेश्‍वरक सामर्थी हाथक नीचाँ नम्र बनू, जाहि सँ ओ अहाँ सभ केँ उचित समय पर सम्‍मानित करथि।[7] अपन सम्‍पूर्ण चिन्‍ता हुनका पर राखि दिअ, किएक तँ हुनका अहाँ सभक चिन्‍ता छनि।

2 तिमुथियुस 1:7
परमेश्‍वर तँ अपना सभ केँ डरपोकक आत्‍मा नहि, बल्‍कि सामर्थ्‍य, प्रेम आ आत्‍मसंयमक आत्‍मा प्रदान कयने छथि।

मत्ती 10:28
ओकरा सभ सँ नहि डेराउ जे शरीर केँ मारि दैत अछि, मुदा आत्‍मा केँ नहि मारि सकैत अछि, बल्‍कि तिनका सँ डेराउ जे आत्‍मा आ शरीर, दूनू केँ नरक मे नष्‍ट कऽ सकैत छथि।

रोमी 8:15
अहाँ सभ केँ जे आत्‍मा देल गेल छथि, से अहाँ सभ केँ फेर डेराय वला गुलाम नहि बनबैत छथि, बल्‍कि परमेश्‍वरक पुत्र बनौने छथि। ओहि आत्‍माक द्वारा अपना सभ हुनका पुकारि उठैत छियनि जे, “हे बाबूजी! हे पिता!”

1 कोरिन्‍थी 16:13
सतर्क रहू, ओहि सिद्धान्‍त पर अटल रहू जाहि पर अहाँ सभक विश्‍वास आधारित अछि। साहसी आ मजगूत बनल रहू।

इब्रानी 13:5-6
[5] अहाँ सभ धनक लोभ सँ मुक्‍त रहू। जे किछु अहाँ लग अछि ताहि सँ सन्‍तुष्‍ट रहू, कारण परमेश्‍वर कहने छथि, “हम तोहर संग कहियो नहि छोड़बह कहियो तोरा नहि त्‍यागबह।”[6] तेँ अपना सभ साहसक संग कहैत छी, “प्रभु हमर सहायता कयनिहार छथि, हम कोनो बात सँ नहि डेरायब। मनुष्‍य हमरा करत की?”

1 यूहन्‍ना 4:18
प्रेम मे डर नहि होइत अछि। सिद्ध प्रेम डर केँ भगा दैत अछि, कारण डर दण्‍ड सँ सम्‍बन्‍धित अछि। जे डेराइत अछि, से प्रेम मे सिद्ध नहि भेल अछि।

1 पत्रुस 3:13-14
[13] जँ अहाँ सभ वैह करबाक लेल उत्‍सुक छी जे उचित अछि तँ अहाँ सभक हानि के करत?[14] तैयो जँ अहाँ सभ केँ एहि लेल कष्‍ट सहऽ पड़य जे उचित काज करैत छी तँ ई अहाँ सभक लेल सौभाग्‍यक बात अछि। “लोकक धमकी सँ ने तँ भयभीत होउ आ ने घबड़ाउ।”

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT