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बुरा चरित्र: [संघर्ष]


इब्रानी 10:32
बितल समयक स्‍मरण करू जहिया इजोत प्राप्‍त कयलाक बाद अहाँ सभ महा कष्‍टक संघर्ष मे स्‍थिर रहलहुँ।

मत्ती 18:15
“अहाँक भाय जँ अहाँक संग अपराध करय तँ असगरे ओकरा लग जाउ आ एकान्‍त मे ओकर दोष ओकरा बुझा दिऔक। ओ जँ अहाँक बात सुनलक, तँ एकटा भाय अहाँ केँ फेर भेटि गेल से बुझू।

1 तिमुथियुस 3:15
जँ हमरा अयबा मे विलम्‍ब भऽ जाय, तँ अहाँ एहि बात केँ जानि ली जे परमेश्‍वरक परिवार मे लोकक चालि-चलन केहन रहबाक चाही। परमेश्‍वरक परिवार जे अछि, से जीवित परमेश्‍वरक मण्‍डलिए अछि। वैह सत्‍यक खाम्‍ह आ न्‍यो अछि।

यूहन्‍ना 8:32
तखन अहाँ सभ सत्‍य केँ जानब, और सत्‍य अहाँ सभ केँ स्‍वतन्‍त्र कऽ देत।”

मत्ती 5:23-24
[23] “तेँ जँ अहाँ अपन चढ़ौना प्रभुक वेदी पर अर्पण कऽ रहल छी आ ओतहि अहाँ केँ मोन पड़ल जे अहाँक भाय केँ अहाँ सँ कोनो सिकायत छैक,[24] तँ अपन चढ़ौना वेदीक कात मे राखि दिअ आ पहिने जा कऽ अपना भाय सँ मेल करू और तकरबाद आबि कऽ अपन चढ़ौना चढ़ाउ।

यूहन्‍ना 6:54
जे हमर माँसु खाइत अछि और हमर खून पिबैत अछि, तकरा अनन्‍त जीवन छैक, और हम ओकरा अन्‍तिम दिन मे जिआ देबैक।

मरकुस 6:3
की ई लकड़ी मिस्‍तिरी नहि अछि? की ई मरियमक बेटा और याकूब, योसेस, यहूदा और सिमोनक भाय नहि अछि? की एकर बहिन सभ अपना सभक बीच नहि रहैत अछि?” ओ सभ यीशु सँ डाह करऽ लागल।

इफिसी 5:25
यौ पति लोकनि, ओहि तरहेँ अपना स्‍त्री सँ प्रेम करू जाहि तरहेँ मसीह मण्‍डली सँ कयलनि और ओकरा लेल अपना केँ अर्पित कऽ देलनि,

इब्रानी 12:14
सभक संग मेल-मिलाप सँ रहबाक लेल आ पवित्र जीवन बितयबाक लेल पूरा मोन सँ प्रयत्‍न करू, कारण, पवित्रताक बिना केओ परमेश्‍वर केँ नहि देखऽ पाओत।

मत्ती 18:15-17
[15] “अहाँक भाय जँ अहाँक संग अपराध करय तँ असगरे ओकरा लग जाउ आ एकान्‍त मे ओकर दोष ओकरा बुझा दिऔक। ओ जँ अहाँक बात सुनलक, तँ एकटा भाय अहाँ केँ फेर भेटि गेल से बुझू।[16] मुदा जँ ओ अहाँक बात नहि सुनैत अछि तँ अपना संग एक-दू आदमी केँ लऽ कऽ जाउ आ ओकरा बुझबिऔक, जाहि सँ, जहिना धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि, ‘हर बात दू वा तीन साक्षीक गवाही पर आधारित रहय’।[17] मुदा ओ जँ ओकरो सभक बात सुनबाक लेल तैयार नहि भेल, तँ तकर जानकारी विश्‍वासी मण्‍डली केँ दिऔक। आ जँ ओ विश्‍वासी मण्‍डलीक बात सेहो नहि सुनत, तँ ओकरा संग एहन व्‍यवहार करू जेना ओ अविश्‍वासी वा कर असूल कयनिहार ठकहारा होअय।

याकूब 5:16
तेँ अहाँ सभ एक-दोसराक सम्‍मुख अपन-अपन पाप मानि लिअ और एक-दोसराक लेल प्रार्थना करू जाहि सँ अहाँ सभ स्‍वस्‍थ कयल जाइ। धार्मिक लोकक प्रार्थना सँ बहुत प्रभावशाली परिणाम होइत अछि।

गलाती 1:19
मुदा प्रभुक भाय याकूब केँ छोड़ि हमरा आरो मसीह-दूत मे सँ किनको सँ भेँट नहि भेल।

फिलिप्‍पी 1:30
अर्थात्, अहूँ सभ ओहने संघर्ष मे लागल छी जेहन अहाँ सभ हमरा करैत देखलहुँ आ सुनैत होयब जे एखनो कऽ रहल छी।

कुलुस्‍सी 2:1
हम चाहैत छी जे अहाँ सभ ई बात जानि ली जे हम अहाँ सभक लेल, लौदीकिया नगरक विश्‍वासी सभक लेल आ ओहि सभ लोकक लेल जे सभ हमरा व्‍यक्‍तिगत रूप सँ कहियो नहि देखने छथि, केहन संघर्ष करैत रहैत छी।

रोमी 12:18
जहाँ तक भऽ सकय, और जहाँ तक अहाँक वश मे होअय, सभ लोकक संग मेल सँ रहू।

यूहन्‍ना 14:6
यीशु बजलाह, “रस्‍ता हमहीं छी, हँ, और सत्‍य और जीवन सेहो छी। हमरा बिनु केओ पिता लग नहि अबैत अछि।

इफिसी 4:26
“जँ क्रोधित भऽ जाइ, तँ अपना क्रोध केँ पापक कारण नहि बनऽ दिअ” —सूर्य डुबऽ सँ पहिनहि अपना क्रोध सँ मुक्‍त होउ।

याकूब 1:19
यौ हमर प्रिय भाइ सभ, अहाँ सभ एहि बात केँ जानि राखू जे प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति केँ सुनबाक लेल तत्‍पर रहबाक चाही और बाजऽ आ क्रोध करऽ मे देरी करबाक चाही।

मत्ती 5:9
धन्‍य अछि ओ सभ जे मेल-मिलाप करबैत अछि, किएक तँ ओ सभ परमेश्‍वरक पुत्र कहाओत।

यूहन्‍ना 3:3-5
[3] यीशु हुनका उत्तर देलथिन, “हम अहाँ केँ सत्‍ये कहैत छी जे, जाबत तक केओ नव जन्‍म नहि लेत ताबत तक ओ परमेश्‍वरक राज्‍य नहि देखि सकत।”[4] निकोदेमुस हुनका कहलथिन, “केओ बूढ़ भऽ कऽ कोना जन्‍म लेत? की ओ मायक गर्भ मे दोसर बेर प्रवेश कऽ फेर जन्‍म लऽ सकत?!”[5] यीशु उत्तर देलथिन, “हम अहाँ केँ विश्‍वास दिअबैत छी जे, जाबत तक केओ जल और आत्‍मा सँ जन्‍म नहि लेत ताबत तक ओ परमेश्‍वरक राज्‍य मे प्रवेश नहि कऽ सकत।

याकूब 1:19-20
[19] यौ हमर प्रिय भाइ सभ, अहाँ सभ एहि बात केँ जानि राखू जे प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति केँ सुनबाक लेल तत्‍पर रहबाक चाही और बाजऽ आ क्रोध करऽ मे देरी करबाक चाही।[20] कारण, मनुष्‍यक क्रोध ओहि धार्मिक जीवन केँ उत्‍पन्‍न नहि करैत अछि जे परमेश्‍वर देखऽ चाहैत छथि।

गलाती 4:19
यौ हमर बौआ सभ, जाबत धरि मसीहक स्‍वरूप अहाँ सभ मे नहि बनि जायत, ताबत धरि हम अहाँ सभक लेल फेर प्रसव-पीड़ा सहि रहल छी।

मत्ती 16:18
हम अहाँ केँ कहैत छी जे, अहाँ ‘पत्रुस’ छी। हम एहि चट्टान पर अपन मण्‍डलीक स्‍थापना करब आ मृत्‍युक सामर्थ्‍य एहि पर विजयी नहि होयत।

मत्ती 18:15-18
[15] “अहाँक भाय जँ अहाँक संग अपराध करय तँ असगरे ओकरा लग जाउ आ एकान्‍त मे ओकर दोष ओकरा बुझा दिऔक। ओ जँ अहाँक बात सुनलक, तँ एकटा भाय अहाँ केँ फेर भेटि गेल से बुझू।[16] मुदा जँ ओ अहाँक बात नहि सुनैत अछि तँ अपना संग एक-दू आदमी केँ लऽ कऽ जाउ आ ओकरा बुझबिऔक, जाहि सँ, जहिना धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि, ‘हर बात दू वा तीन साक्षीक गवाही पर आधारित रहय’।[17] मुदा ओ जँ ओकरो सभक बात सुनबाक लेल तैयार नहि भेल, तँ तकर जानकारी विश्‍वासी मण्‍डली केँ दिऔक। आ जँ ओ विश्‍वासी मण्‍डलीक बात सेहो नहि सुनत, तँ ओकरा संग एहन व्‍यवहार करू जेना ओ अविश्‍वासी वा कर असूल कयनिहार ठकहारा होअय।[18] हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, अहाँ सभ जे किछु पृथ्‍वी पर बान्‍हब, से स्‍वर्ग मे बान्‍हल गेल रहत, आ जे किछु अहाँ सभ पृथ्‍वी पर खोलब से स्‍वर्ग मे खोलल गेल रहत।

इफिसी 1:22-23
[22] परमेश्‍वर सभ किछु हुनका अधीन मे कऽ देलथिन, और हुनका सभ बात पर सर्वोच्‍च प्रभु बना कऽ मण्‍डली केँ दऽ देलथिन।[23] मण्‍डली मसीहक देह अछि, आ तिनका सँ परिपूर्ण अछि जे सभ किछु केँ सभ तरहेँ परिपूर्णता धरि लऽ जाइत छथि।

इफिसी 5:23-24
[23] कारण, जाहि तरहेँ मसीह अपन शरीरक, अर्थात्‌ मण्‍डलीक, सिर छथि और ओकर मुक्‍तिदाता छथि, तहिना पति अपन स्‍त्रीक उपर, अर्थात् ओकर सिर, अछि।[24] तँ जाहि तरहेँ मण्‍डली मसीहक अधीन रहैत अछि, ताहि तरहेँ स्‍त्री सभ केँ सभ बात मे अपना-अपना पतिक अधीन रहबाक छैक।

मसीह-दूत 4:32
विश्‍वासी सभक समूह एक मोन एक प्राण छल। आ केओ अपना सम्‍पत्ति केँ अपने नहि बुझैत छलाह, बल्‍कि सभक सझिआ मानैत छलाह।

1 कोरिन्‍थी 1:10
यौ भाइ लोकनि, अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक नाम सँ हम अहाँ सभ सँ आग्रह करैत छी जे अहाँ सभ एकमत भऽ कऽ रहू जाहि सँ आपस मे फूट नहि होअय, बल्‍कि अहाँ सभक मोन आ विचार मे पूर्ण एकता होअय।

यूहन्‍ना 12:48
जे हमरा अस्‍वीकार करैत अछि और हमर वचन ग्रहण नहि करैत अछि, तकर न्‍याय करऽ वला एक अछि—जे वचन हम कहने छी, वैह अन्‍तिम दिन मे ओकर न्‍याय करतैक।

मत्ती 7:12
“जेहन व्‍यवहार अहाँ चाहैत छी जे लोक अहाँक संग करय, तेहने व्‍यवहार अहूँ लोकक संग करू, किएक तँ धर्म-नियमक आ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता सभक शिक्षाक निचोड़ यैह अछि।

यूहन्‍ना 14:28
“अहाँ सभ हमरा कहैत सुनलहुँ जे, हम जा रहल छी आ फेर अहाँ सभ लग आबि रहल छी। जँ अहाँ सभ हमरा सँ प्रेम करितहुँ तँ आनन्‍द मनबितहुँ जे हम पिता लग जा रहल छी, कारण पिता हमरा सँ पैघ छथि।

1 थिसलुनिकी 2:2
अहाँ सभ केँ तँ बुझल अछि जे एहि सँ पहिने हमरा सभ केँ फिलिप्‍पी नगर मे दुर्व्‍यवहार और अपमान सहऽ पड़ल छल। तैयो अपना परमेश्‍वरक सहायता सँ हम सभ घोर विरोधक सामना करितो अहाँ सभ केँ परमेश्‍वरक शुभ समाचार सुनयबाक लेल साहस कयलहुँ।

1 कोरिन्‍थी 13:4
प्रेम सहनशील आ दयालु होइत अछि। प्रेम डाह नहि करैत अछि, प्रेम अपन बड़ाइ नहि करैत अछि आ ने घमण्‍ड करैत अछि।

रोमी 1:20
किएक तँ परमेश्‍वरक अदृश्‍य गुण, अर्थात् हुनकर अनन्‍त कालीन शक्‍ति आ ईश्‍वरीय स्‍वभाव, संसारक सृष्‍टिएक समय सँ हुनका रचना मे साफ-साफ देखाइ दैत अछि। तेँ ओकरा सभ केँ अपन आचरणक सफाइ देबाक कोनो बहाना नहि चलतैक।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT