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बुरा चरित्र: [विश्वासघात]


मत्ती 27:3-4
[3] यहूदा इस्‍करियोती जे यीशु केँ पकड़बौने छल, से जखन देखलक जे यीशु केँ मृत्‍युदण्‍डक आज्ञा देल गेलनि, तखन ओ बहुत पछतायल। ओ मुख्‍यपुरोहित आ बूढ़-प्रतिष्‍ठित सभ लग चानीक तीस सिक्‍का लऽ कऽ गेल आ हुनका सभ केँ कहलकनि,[4] “हम निर्दोष व्‍यक्‍ति केँ मृत्‍युदण्‍डक लेल पकड़बा कऽ पाप कयलहुँ अछि।” ओ सभ उत्तर देलथिन, “ई बात तोँ जानह, एहि सँ हमरा सभ केँ कोनो मतलब नहि अछि।”

मत्ती 6:14-15
[14] अहाँ सभ जँ लोकक अपराध क्षमा करब तँ अहाँ सभक पिता जे स्‍वर्ग मे छथि सेहो अहूँ सभक अपराध क्षमा करताह।[15] मुदा अहाँ सभ जँ लोकक अपराध क्षमा नहि करबैक, तँ अहाँ सभक पिता सेहो अहाँ सभक अपराध क्षमा नहि करताह।

मरकुस 11:25
और जखन अहाँ प्रार्थनाक लेल ठाढ़ होयब, अहाँक हृदय मे जँ ककरो प्रति विरोध होअय तँ ओकरा क्षमा करू जाहि सँ अहाँक पिता जे स्‍वर्ग मे छथि सेहो अहाँक अपराध क्षमा करताह।”

मत्ती 7:12
“जेहन व्‍यवहार अहाँ चाहैत छी जे लोक अहाँक संग करय, तेहने व्‍यवहार अहूँ लोकक संग करू, किएक तँ धर्म-नियमक आ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता सभक शिक्षाक निचोड़ यैह अछि।

इब्रानी 4:15
किएक तँ अपना सभक महापुरोहित एहन नहि छथि जे अपना सभक कमजोरी मे अपना सभक संग सहानुभूति नहि राखि सकथि। ओहो सभ बात मे अपने सभ जकाँ शैतान द्वारा जाँचल गेलाह, मुदा ओ पाप नहि कयलनि।

रोमी 3:23
सभ केओ पाप कयने अछि आ परमेश्‍वरक महिमा तक पहुँचऽ मे चुकि जाइत अछि।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT