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स्वर्गदूत और राक्षस: [शैतान]


1 यूहन्‍ना 4:4
प्रिय बौआ सभ, अहाँ सभ ओहि झुट्ठा शिक्षक सभ पर विजयी भऽ गेल छी, कारण अहाँ सभ परमेश्‍वरक छी, और जे अहाँ सभ मे छथि, से तकरा सँ शक्‍तिशाली छथि जे संसार मे अछि।

1 तिमुथियुस 4:1
परमेश्‍वरक आत्‍मा स्‍पष्‍ट कहैत छथि जे अन्‍तिम समय मे एहनो लोक सभ होयत जे सभ बहकाबऽ वला आत्‍मा सभ केँ आ दुष्‍टात्‍मा सभक शिक्षा सभ केँ मानि कऽ विश्‍वास त्‍यागि देत।

2 कोरिन्‍थी 2:11
जाहि सँ शैतान अपना सभक स्‍थिति सँ लाभ नहि उठाबय। अपना सभ शैतानक चालि सँ अनजान नहि छी।

2 कोरिन्‍थी 4:4
शैतान, जे एहि संसारक ईश्‍वर अछि, से ओहि अविश्‍वासी सभक बुद्धि केँ आन्‍हर बना देने छैक जाहि सँ ओ सभ परमेश्‍वरक प्रतिरूप, जे मसीह छथि, तिनकर महिमाक इजोत जे सुसमाचार द्वारा प्रगट कयल गेल अछि, से नहि देखय।

याकूब 2:19
अहाँक विश्‍वास अछि जे परमेश्‍वर एकेटा छथि। बड्ड बढ़ियाँ! दुष्‍टात्‍मा सभ सेहो यैह बात विश्‍वास करैत अछि आ थर-थर कँपैत अछि।

मत्ती 8:31
दुष्‍टात्‍मा सभ यीशु सँ विनती कयलकनि, “जँ अहाँ हमरा सभ केँ भगाइए रहल छी तँ हमरा सभ केँ ओहि सुगरक झुण्‍ड मे पठा दिअ।”

मत्ती 12:45
तखन ओ जा कऽ अपनो सँ दुष्‍टाह सातटा आरो दुष्‍टात्‍मा केँ अपना संग लऽ अनैत अछि आ ओहि घर मे अपन डेरा खसा लैत अछि। एहि तरहेँ ओहि मनुष्‍यक ई दशा पहिलुको दशा सँ खराब भऽ जाइत छैक। एहि भ्रष्‍ट पीढ़ीक लोकक संग सेहो तहिना होयतैक।”

लूका 8:30
यीशु ओकरा सँ पुछलथिन, “तोहर नाम की छह?” ओ उत्तर देलकनि, “सेना” कारण, ओकरा मे बहुते दुष्‍टात्‍मा वास करैत छलैक।

प्रकाशित-वाक्‍य 20:10
तखन शैतान, जे ओकरा सभ केँ बहकौने छलैक, तकरा आगि आ गन्‍धकक कुण्‍ड मे फेकि देल गेलैक, जाहिठाम जानबर आ झुट्ठा भविष्‍यवक्‍ता केँ फेकल गेल छलैक। ओ सभ दिन-राति अनन्‍त काल धरि अत्‍यन्‍त कष्‍ट भोगैत रहत।

1 कोरिन्‍थी 10:20-21
[20] नहि! हमर कहबाक अर्थ ई अछि जे, जे बलि मुरुत पर चढ़ाओल जाइत अछि से परमेश्‍वर केँ नहि, बल्‍कि दुष्‍टात्‍मा सभ केँ चढ़ाओल जाइत अछि, आ हम नहि चाहैत छी जे अहाँ सभ दुष्‍टात्‍मा सभक सहभागी बनू।[21] अहाँ सभ प्रभुक बाटी आ दुष्‍टात्‍मा सभक बाटी, दूनू मे सँ नहि पिबि सकैत छी। अहाँ सभ प्रभुक भोज आ दुष्‍टात्‍मा सभक भोज, दूनू मे सहभागी नहि बनि सकैत छी।

इफिसी 6:10-12
[10] अन्‍त मे ई जे, प्रभुक असीम सामर्थ्‍य द्वारा हुनका मे बलवन्‍त होउ।[11] परमेश्‍वर सँ भेटल सम्‍पूर्ण अस्‍त्र-शस्‍त्र धारण करू जाहि सँ शैतानक छल-कपट वला चालि सभक सामना कऽ सकी।[12] कारण, अपना सभक संघर्ष मनुष्‍य सँ नहि अछि, बल्‍कि एहि अन्‍हार संसारक अदृश्‍य अधिपति सभ, अधिकारी सभ आ शासन करऽ वला सभ सँ अछि, आत्‍मिक क्षेत्र सभक दुष्‍ट शक्‍ति सभ सँ अछि।

मसीह-दूत 19:13-16
[13] एहि पर एम्‍हर-ओम्‍हर घुम-फिर करऽ वला किछु यहूदी ओझा-गुनी दुष्‍टात्‍मा सँ ग्रसित लोक सभ पर यीशुक नामक प्रयोग करबाक कोशिश कयलक। ओ सभ दुष्‍टात्‍मा सभ केँ एना कहैत छलैक, “यीशुक नाम सँ, जिनकर प्रचार पौलुस करैत छथि, हम तोरा आज्ञा दैत छिऔ—तोँ एकरा मे सँ निकल!”[14] एहि ओझा-गुनी सभ मे यहूदी सभक एक मुख्‍यपुरोहित, जिनकर नाम स्‍कीवा छलनि, तिनकर सातटा बेटा सेहो छल।[15] एक बेर दुष्‍टात्‍मा ओकरा सभ केँ उत्तर देलकैक, “यीशु केँ हम जनैत छियनि, आ पौलुस केँ चिन्‍हैत छियनि, लेकिन तोँ सभ के छेँ?”[16] तखन ओ दुष्‍टात्‍मा लागल आदमी ओकरा सभ पर झपटि कऽ सभ केँ पछाड़ि देलकैक, आ ततेक मारलकैक-पिटलकैक, जे ओ सभ नंगटे आ घायल भऽ कऽ ओहि घर सँ भागि गेल।

2 पत्रुस 2:4-10
[4] मोन राखू जे, जे स्‍वर्गदूत सभ पाप कयलक तकरा सभ केँ परमेश्‍वर नहि छोड़लनि, बल्‍कि ओकरा सभ केँ नरकक अन्‍हार मे जंजीर सँ जकड़ि कऽ न्‍यायक दिनक प्रतीक्षा करबाक लेल राखि देलनि।[5] ओ प्राचीन कालक संसार केँ नहि छोड़ि, ओहि मेहक अधर्मी लोक केँ जल-प्रलय द्वारा नष्‍ट कऽ देलथिन, मुदा धार्मिकताक प्रचार करऽ वला नूह आ हुनका संग सात आरो व्‍यक्‍तिक रक्षा कयलथिन।[6] ओ सदोम आ गमोरा नगर सभ केँ भस्‍म कऽ विनाशक दण्‍ड देलथिन, जाहि सँ ई घटना भविष्‍यक अधर्मी सभक लेल एक चेतावनी होअय।[7] मुदा ओ लूत केँ बचौलथिन, जे धर्मी लोक छलाह आ ओहि अधर्मी लोक सभक कुकर्मी व्‍यवहारक कारणेँ दुखी छलाह।[8] कारण, ओ धर्मी पुरुष ओहि लोक सभक बीच मे रहि कऽ दिन प्रति दिन ओकरा सभक जे अधर्मक काज केँ देखैत आ सुनैत छलाह ताहि सँ हुनकर धर्मनिष्‍ठ आत्‍मा केँ घोर कष्‍ट होइत छलनि।[9] एहि तरहेँ अपना सभ देखैत छी जे प्रभु धर्मी लोक केँ संकट मे सँ बचौनाइ आ अधर्मी सभ केँ दण्‍ड देबाक लेल न्‍यायक दिन तक रखनाइ जनैत छथि,[10] विशेष रूप सँ तकरा सभ केँ, जे सभ अपना पापी स्‍वभावक अशुद्ध इच्‍छा सभक वश मे भऽ तकर सभक पूर्ति करैत अछि आ किनको अधीन मे नहि रहैत अछि। ई झुट्ठा शिक्षक सभ उदण्‍ड आ घमण्‍डी अछि, और स्‍वर्गिक प्राणी सभक निन्‍दा करऽ सँ सेहो नहि डेराइत अछि,

प्रकाशित-वाक्‍य 9:1-7
[1] जखन पाँचम स्‍वर्गदूत धुतहू फुकलनि, तँ हम एकटा तारा देखलहुँ जे आकाश सँ पृथ्‍वी पर खसल छल। ओहि तारा केँ अथाह कुण्‍डक कुंजी देल गेलैक।[2] ओ अथाह कुण्‍ड केँ खोललक। एहि पर ओहि कुण्‍डक धुआँ, जे बड़का भट्ठाक धुआँ सन छल, बहरायल। ओहि धुआँ सँ सूर्य छेका गेल आ आकाश अन्‍हार भऽ गेल।[3] ओहि धुआँ मे सँ पृथ्‍वी पर फनिगा सभ बाहर आयल। ओकरा सभ केँ एहन शक्‍ति देल गेलैक, जेहन पृथ्‍वी परक बिच्‍छु सभक होइत छैक।[4] ओकरा सभ केँ ई आदेश देल गेलैक जे ओ सभ घास अथवा कोनो गाछ-वृक्ष केँ हानि नहि पहुँचाबय, बल्‍कि मात्र ओहि मनुष्‍य सभ केँ, जकरा कपार पर परमेश्‍वरक मोहरक छाप नहि लागल होइक।[5] फनिगा सभ केँ ओहि मनुष्‍य सभक वध करबाक नहि, बल्‍कि ओकरा सभ केँ पाँच महिना तक भयंकर कष्‍ट देबाक अनुमति देल गेलैक। ई एहन कष्‍ट छल जेहन बिच्‍छुक डंक मारला सँ मनुष्‍य केँ होइत छैक।[6] ओहि समय मे लोक सभ मृत्‍युक खोज करत, मुदा ओकरा सभ केँ मृत्‍यु नहि भेटतैक। ओ सभ मरबाक अभिलाषा करत, मुदा मृत्‍यु ओकरा सभ लग सँ दूर भागि जयतैक।[7] एहि फनिगा सभक रूप युद्ध करबाक लेल तैयार कयल घोड़ा सन छलैक। ओकरा सभक मूड़ी पर सोनाक मुकुट सन कोनो वस्‍तु छलैक। ओकरा सभक मुँह मनुष्‍यक मुँह जकाँ छलैक।

मरकुस 1:21-27
[21] ओ सभ कफरनहूम नगर गेलाह। विश्रामक दिन मे यीशु सभाघर मे जा कऽ उपदेश देबऽ लगलाह।[22] हुनकर शिक्षा सुनि लोक सभ चकित भेल किएक तँ ओ धर्मशिक्षक सभ जकाँ नहि, बल्‍कि अधिकारपूर्बक शिक्षा दैत छलाह।[23] एकाएक सभाघर मे एकटा दुष्‍टात्‍मा लागल आदमी हल्‍ला करऽ लागल जे,[24] “यौ नासरतक निवासी यीशु! अहाँ केँ हमरा सभ सँ कोन काज? हमरा सभ केँ नष्‍ट करऽ अयलहुँ की? हम अहाँ केँ चिन्‍हैत छी। अहाँ परमेश्‍वरक पवित्र दूत छी।”[25] यीशु दुष्‍टात्‍मा केँ डाँटि कऽ कहलथिन, “चुप रह! तोँ एकरा मे सँ निकल!”[26] दुष्‍टात्‍मा ओहि आदमी केँ झकझोड़ैत आ जोर सँ चिचियाइत ओकरा मे सँ निकलि गेल।[27] ई देखि सभ आदमी ततेक आश्‍चर्य-चकित भेल जे एक-दोसर केँ कहऽ लागल जे, “ई की बात? ई कोन प्रकारक नव उपदेश अछि? ई आदमी तँ अधिकारपूर्बक दुष्‍टात्‍मा सभ केँ सेहो आज्ञा दैत छथि और ओ सभ हिनकर बात मानैत छनि!”

मत्ती 7:14-20
[14] मुदा छोट अछि ओ द्वारि आ कम चौड़ा अछि ओ बाट जे जीवन मे लऽ जाइत अछि। और थोड़बे लोक ओहि द्वारि केँ ताकि पबैत अछि।[15] “ओहन लोक सँ सावधान रहू जे झूठ बाजि कऽ अपना केँ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता कहैत अछि। ओ सभ अहाँ सभक बीच भेँड़ाक वेष मे अबैत अछि, मुदा भीतर मे ओ सभ चीरि-फाड़ि देबऽ वला जंगली जानबर अछि।[16] ओकर सभक काज सभ सँ अहाँ सभ ओकरा चिन्‍हि जायब। की काँटक गाछ सँ अंगूर तोड़ल जा सकैत अछि, वा कबछुआक लत्ती सँ अंजीर-फल?[17] एहि तरहेँ प्रत्‍येक नीक गाछ मे नीक फल आ खराब गाछ मे खराब फल फड़ैत अछि।[18] ई तँ भइए नहि सकैत अछि जे नीक गाछ मे खराब फल फड़ैक आ खराब गाछ मे नीक फल।[19] जे गाछ नीक फल नहि दैत अछि से काटि कऽ आगि मे फेकल जाइत अछि।[20] तहिना एहन लोक सभ केँ अहाँ सभ ओकर सभक काज सभ सँ चिन्‍हि जायब।

लूका 4:31-41
[31] तखन यीशु कफरनहूम गेलाह, जे गलील प्रदेशक एक नगर अछि, और विश्राम-दिन मे लोक सभ केँ उपदेश देबऽ लगलथिन।[32] हुनकर शिक्षा सँ लोक सभ चकित भेल, कारण, ओ अधिकारक संग शिक्षा दैत छलाह।[33] सभाघर मे एक आदमी छल जे दुष्‍टात्‍मा, अर्थात्‌ अशुद्ध आत्‍मा, सँ ग्रसित छल। ओ जोर सँ चिकरि कऽ बाजल,[34] “यौ! नासरतक निवासी यीशु! अहाँ केँ हमरा सभ सँ कोन काज? हमरा सभ केँ नष्‍ट करऽ अयलहुँ की? हम अहाँ केँ चिन्‍हैत छी। अहाँ परमेश्‍वरक पवित्र दूत छी।”[35] यीशु दुष्‍टात्‍मा केँ डाँटि कऽ कहलथिन, “चुप रह! तोँ एकरा मे सँ निकल!” तखन ओ दुष्‍टात्‍मा ओहि आदमी केँ सभक सामने मे पटकि देलकैक आ बिनु हानि पहुँचौने ओकरा मे सँ निकलि गेल।[36] एहि पर सभ लोक चकित होइत एक-दोसर केँ कहऽ लागल जे, “ई केहन उपदेश अछि? ई आदमी शक्‍ति आ अधिकारक संग दुष्‍टात्‍मा सभ केँ आज्ञा दैत छथि और ओ सभ निकलि जाइत अछि!”[37] एहि सभ सँ हुनकर चर्चा ओहि क्षेत्रक चारू कात पसरि गेलनि।[38] यीशु सभाघर सँ बाहर भऽ कऽ सिमोनक ओहिठाम गेलाह। सिमोनक सासु केँ बहुत जोर बोखार छलनि। लोक सभ हुनका मदति करबाक लेल यीशु सँ विनती कयलकनि।[39] सिमोनक सासुक लग मे जा कऽ यीशु बोखार केँ उतरि जयबाक आज्ञा देलथिन, तँ हुनकर बोखार उतरि गेलनि। ओ तुरत उठि कऽ हिनका सभक सेवा-सत्‍कार करऽ मे लागि गेलीह।[40] सूर्यास्‍त भेला पर जकरा-जकरा ओहिठाम विभिन्‍न बिमारी सँ पीड़ित लोक सभ छलैक, से सभ ओकरा सभ केँ यीशु लग आनऽ लागल। प्रत्‍येक पर हाथ राखि कऽ ओ ओकरा सभ केँ स्‍वस्‍थ कऽ देलथिन।[41] बहुत लोक मे सँ दुष्‍टात्‍मा सभ सेहो एना चिकरि कऽ कहैत निकलि आयल जे, “अहाँ परमेश्‍वरक पुत्र छी!” मुदा ओ ओहि दुष्‍टात्‍मा सभ केँ डँटलथिन आ बाजऽ नहि देलथिन, कारण ओ सभ जनैत छल जे ई उद्धारकर्ता-मसीह छथि।

इफिसी 6:1-18
[1] हौ धिआ-पुता सभ! तोँ सभ प्रभुक लोक होयबाक कारणेँ अपन माय-बाबूक आज्ञा मानह, किएक तँ यैह उचित छह।[2] धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि, “अपन माय-बाबूक आदर करह”—ई पहिल आज्ञा अछि जकरा संग एक वचनो देल गेल अछि।[3] ओ वचन ई अछि जे, “...जाहि सँ तोहर कल्‍याण होअओ और तोँ बहुतो साल धरि पृथ्‍वी पर जीबैत रहह।”[4] यौ पिता लोकनि, अहाँ सभ अपन बच्‍चा सभक संग एहन व्‍यवहार नहि करू जाहि सँ ओ सभ तंग भऽ कऽ खिसिआयल रहि जाय, बल्‍कि ओकरा सभक पालन-पोषण प्रभुक शिक्षा आ निर्देशक अनुसार करिऔक।[5] यौ दास सभ! अहाँ सभ जहिना मसीहक सेवा करितहुँ तहिना निष्‍कपट मोन सँ भय आ आदरक संग तिनका सभक आज्ञा मानू जे सभ एहि संसार मे अहाँ सभक मालिक छथि।[6] मालिक केँ खुश करबाक उद्देश्‍य सँ, जखन ओ देखैत छथि तखने मात्र अपन काज नहि करू, बल्‍कि पूरा मोन सँ परमेश्‍वरक इच्‍छा पूरा करैत अपना केँ मसीहेक दास बुझि कऽ करू।[7] अपन सेवा-काज खुशी मोन सँ करू, ई बुझैत जे मनुष्‍यक लेल नहि, बल्‍कि प्रभुक लेल करैत छी,[8] कारण, अहाँ सभ तँ जनिते छी जे प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति, ओ चाहे दास होअय वा स्‍वतन्‍त्र, ओ जे कोनो नीक काज करत, तकर प्रतिफल प्रभु सँ पाओत।[9] आब अहाँ सभ, जे मालिक छी, अहूँ सभ उचिते व्‍यवहार अपन दास सभक संग करू। डेरौनाइ-धमकौनाइ छोड़ि दिअ, एहि बातक मोन रखैत जे स्‍वर्ग मे ओकरा सभक आ अहाँ सभक एके मालिक छथि, और ओ ककरो संग पक्षपात नहि करैत छथि।[10] अन्‍त मे ई जे, प्रभुक असीम सामर्थ्‍य द्वारा हुनका मे बलवन्‍त होउ।[11] परमेश्‍वर सँ भेटल सम्‍पूर्ण अस्‍त्र-शस्‍त्र धारण करू जाहि सँ शैतानक छल-कपट वला चालि सभक सामना कऽ सकी।[12] कारण, अपना सभक संघर्ष मनुष्‍य सँ नहि अछि, बल्‍कि एहि अन्‍हार संसारक अदृश्‍य अधिपति सभ, अधिकारी सभ आ शासन करऽ वला सभ सँ अछि, आत्‍मिक क्षेत्र सभक दुष्‍ट शक्‍ति सभ सँ अछि।[13] एहि लेल, परमेश्‍वरक सम्‍पूर्ण अस्‍त्र-शस्‍त्र धारण करू, जाहि सँ दुष्‍ट वला दुर्दिन जखन आओत, तँ अहाँ सभ दुष्‍टताक सामना कऽ सकी, आ अन्‍त धरि लड़ि कऽ ठाढ़ रहि सकी।[14] तेँ डाँड़ मे सत्‍यक फाँड़ बान्‍हि कऽ, धार्मिकताक कवच धारण कऽ आ शान्‍तिक सुसमाचार सुनयबाक लेल उत्‍साहक जुत्ता पयर मे पहिरि दृढ़ भऽ कऽ ठाढ़ होउ।[15] ***[16] संगहि विश्‍वासक ढाल हाथ मे लेने रहू, जकरा द्वारा अहाँ सभ दुष्‍ट शैतानक सभ अग्‍निवाण मिझा सकब।[17] उद्धारक टोप लगाउ आ पवित्र आत्‍माक तरुआरि, अर्थात् परमेश्‍वरक वचन, सेहो लऽ लिअ।[18] हर समय मे परमेश्‍वरक आत्‍माक सहायता सँ सभ प्रकारक प्रार्थना और विनती प्रभु सँ करैत रहू। प्रार्थना करऽ मे सदिखन सचेत आ लगनशील रहू। परमेश्‍वरक सभ लोकक लेल प्रार्थना कयनाइ नहि छोड़ू।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT