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अतिरिक्त: [नफरत]


प्रकाशित-वाक्‍य 21:27
मुदा कोनो अपवित्र वस्‍तु आ घृणित काज कयनिहार अथवा झूठ पर आचरण कयनिहार व्‍यक्‍ति ओहि नगर मे प्रवेश नहि कऽ पाओत, बल्‍कि मात्र ओ लोक सभ जिनकर नाम बलि-भेँड़ाक जीवनक पुस्‍तक मे लिखल छनि।

मरकुस 13:14
“मुदा जखन अहाँ सभ ‘विनाश करऽ वला घृणित वस्‍तु’ केँ ओहिठाम ठाढ़ देखब जाहि ठाम नहि होयबाक चाही—पढ़ऽ वला ई बात ध्‍यान दऽ कऽ बुझू!—तखन जे सभ यहूदिया प्रदेश मे होअय से सभ पहाड़ पर भागि जाय।

मत्ती 24:15
“तेँ जखन अहाँ सभ ‘विनाश करऽ वला घृणित वस्‍तु’ केँ पवित्र स्‍थान मे ठाढ़ देखब, जकरा विषय मे परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता दानिएल कहने छथि—पढ़ऽ वला ई बात ध्‍यान दऽ कऽ बुझू!—

रोमी 1:26-27
[26] यैह कारण अछि जे परमेश्‍वर ओकरा सभ केँ नीच वासना सभ मे छोड़ि देलथिन। ओकरा सभक स्‍त्रिओ स्‍वभाविक सम्‍बन्‍धक स्‍थान पर अस्‍वभाविक सम्‍बन्‍ध राखऽ लागलि।[27] एही तरहेँ पुरुष सभ सेहो स्‍त्रीक संग होमऽ वला स्‍वभाविक सम्‍बन्‍ध केँ छोड़ि पुरुषक संग वला काम-वासनाक लेल उत्तेजित होमऽ लागल। पुरुष पुरुषेक संग निर्लज्‍ज कर्म कऽ अपने व्‍यक्‍तित्‍व मे अपन दुराचरणक उचित फल पौलक।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT