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अतिरिक्त: [शराब]


1 पत्रुस 4:3
अहाँ सभ बितल समय मे ओहन काज सभ जे सांसारिक लोक कयनाइ पसन्‍द करैत अछि, ताहि मे जतबा समय व्‍यतीत कयलहुँ सैह बहुत भेल—अर्थात्, निर्लज्‍जता वला विचार-व्‍यवहार कयनाइ, शारीरिक इच्‍छा सभ मे लीन रहनाइ, पिबि कऽ मातल भेनाइ, भोग-विलास आ मौज-मजा कयनाइ, आ मूर्तिपूजा वला घृणित काज कयनाइ।

1 तिमुथियुस 5:23
आब अहाँ मात्र पानि नहि पिबू, बल्‍कि पाचन-शक्‍तिक लेल आ बारम्‍बार अस्‍वस्‍थ रहबाक कारणेँ कनेक-कनेक मदिराक सेवन सेहो करू।

इफिसी 5:18
दारू पिबि कऽ मतवाला नहि होउ, किएक तँ मतवालापन मात्र दुराचार वला मार्ग पर लऽ जाइत अछि, बल्‍कि परमेश्‍वरक आत्‍मा सँ परिपूर्ण होउ।

रोमी 13:13
अपना सभ उचित आचरण करी, जे दिनक समय मे शोभनीय होइत अछि। अपना सभ भोग-विलास आ नशेबाजी सँ, गलत शारीरिक सम्‍बन्‍ध आ निर्लज्‍जता सँ, झगड़ा आ ईर्ष्‍याक बात सभ सँ दूरे रही।

1 कोरिन्‍थी 10:23-24
[23] “सभ किछु करबाक स्‍वतन्‍त्रता अछि”—मुदा सभ किछु हितकर नहि अछि। “सभ किछु करबाक स्‍वतन्‍त्रता अछि”—मुदा सभ किछु लाभदायक नहि अछि।[24] सभ केँ अपन नहि, बल्‍कि दोसर लोकक हितक ध्‍यान रखबाक चाही।

गलाती 5:19-21
[19] आब देखू, पापी स्‍वभावक काज सभ स्‍पष्‍ट अछि, जेना गलत शारीरिक सम्‍बन्‍ध, अशुद्ध विचार-व्‍यवहार, निर्लज्‍जता,[20] मुरुतक पूजा, जादू-टोना, दुश्‍मनी, लड़ाइ-झगड़ा, ईर्ष्‍या, क्रोध, स्‍वार्थ, मनमोटाब, दलबन्‍दी,[21] द्वेष, मतवालापन आ भोग-विलास आ एहि प्रकारक आन बात सभ। हम अहाँ सभ केँ एहि विषय सभ मे चेतावनी दैत छी, जेना कि पहिनो दऽ चुकल छी जे, एहन काज करऽ वला लोक सभ परमेश्‍वरक राज्‍यक उत्तराधिकारी नहि होयत।

1 कोरिन्‍थी 9:19-23
[19] हम ककरो बन्‍हन मे नहि, स्‍वतन्‍त्रे छी, तैयो हम अपना केँ सभक गुलाम बना लेने छी जाहि सँ हम बेसी सँ बेसी लोक केँ प्रभु लग आनि सकी।[20] यहूदी सभक बीच हम यहूदी सनक बनि गेलहुँ जाहि सँ यहूदी सभ केँ प्रभु लग आनि सकी। जे लोक सभ मूसाक धर्म-नियमक अधीन अछि, तकरा सभक बीच हम धर्म-नियमक अधीन नहिओ रहैत स्‍वयं धर्म-नियमक अधीन सनक बनि गेलहुँ जाहि सँ धर्म-नियमक अधीन मे रहऽ वला लोक सभ केँ प्रभु लग आनि सकी।[21] जाहि समाजक लोक लग मूसाक धर्म-नियम नहि अछि तकरा सभ केँ प्रभु लग अनबाक लेल हम ओकरे सभ सनक बनि गेलहुँ, ओना तँ हम मसीहक नियमक अधीन रहबाक कारणेँ वास्‍तव मे परमेश्‍वरक नियम सँ स्‍वतन्‍त्र नहि छी।[22] हम दुर्बल सभक बीच दुर्बल बनि गेलहुँ जाहि सँ हम ओकरा सभ केँ प्रभु लग आनि सकी। हम सभक लेल सभ किछु बनि गेल छी जाहि सँ कोनो ने कोनो तरहेँ हम किछु लोक केँ बँचा सकी।[23] हम ई सभ बात शुभ समाचारक प्रभाव केँ बढ़यबाक लेल करैत छी जाहि सँ शुभ समाचारक आशिष मे हम सहभागी बनि जाइ।

रोमी 14:15-21
[15] अहाँ जे वस्‍तु खाइत छी ताहि कारणेँ जँ अहाँक भाय केँ चोट लगैत छैक तँ अहाँ अपना भायक संग प्रेमपूर्ण आचरण नहि कऽ रहल छी। ओहि भायक लेल मसीह अपन प्राण देलनि, तँ अहाँ अपन भोजन द्वारा ओकर विनाशक कारण नहि बनू।[16] जे बात अहाँ नीक मानैत छी तकरा निन्‍दाक विषय नहि बनऽ दिअ।[17] कारण, परमेश्‍वरक राज्‍य खयनाइ-पिनाइक बात नहि अछि, बल्‍कि परमेश्‍वरक पवित्र आत्‍मा सँ प्राप्‍त धार्मिकता, शान्‍ति आ आनन्‍दक बात अछि।[18] जे केओ एहि तरहेँ मसीहक सेवा करैत अछि, तकरा सँ परमेश्‍वर प्रसन्‍न रहैत छथिन आ ओकरा लोको सभ नीक मानैत छैक।[19] तेँ अपना सभ एही प्रयत्‍न मे रही जे ओहने बात सभ करी जाहि बात सभ सँ मेल-मिलापक वृद्धि होइत अछि आ जाहि द्वारा अपना सभ एक-दोसराक आत्‍मिक उन्‍नति कऽ सकब।[20] परमेश्‍वर जे काज कऽ रहल छथि तकरा भोजनक कारणेँ नहि बिगाड़ू। ई सत्‍य अछि जे सभ भोजन अपने मे शुद्ध अछि मुदा जँ कोनो वस्‍तु खयबाक कारणेँ दोसर व्‍यक्‍ति ओ खयबाक लेल प्रेरित भऽ जाइत अछि जे ओ गलत मानैत अछि, तँ खयनिहारक लेल ओ वस्‍तु खयनाइ गलत भऽ जाइत अछि।[21] जँ अहाँक माँसु-मदिराक सेवन सँ वा अहाँक आन कोनो काज कयनाइ अहाँक भायक लेल पाप करबाक कारण बनत, तँ उचित ई होयत जे अहाँ तकर परहेज करब।

यूहन्‍ना 2:3-11
[3] अंगूरक मदिरा घटला पर माय यीशु केँ कहलथिन, “हिनका सभ केँ आब मदिरा नहि छनि।”[4] यीशु हुनका कहलथिन, “अहाँ हमरा ई किएक कहैत छी? हमर समय एखन नहि आयल अछि।”[5] तखन हुनकर माय बारिक सभ केँ कहलनि, “ई जे किछु तोरा सभ केँ कहथुन से करिहह!”[6] लग मे यहूदी सभक रीतिक अनुसार शुद्ध करबाक लेल छओटा पाथरक घैल राखल छल। प्रत्‍येक मे करीब सौ-सवासौ लीटर अँटैत छल।[7] यीशु बारिक सभ केँ कहलथिन, “घैल सभ मे पानि भरि दहक।”[8] ओ सभ घैल केँ कानो-कान भरि देलक। तखन ओकरा सभ केँ कहलथिन, “आब किछु निकालि कऽ भण्‍डारी केँ दऽ अबहुन।” ओ सभ दऽ आयल,[9] और भण्‍डारी ओहि पानि केँ चिखलनि जे आब मदिरा बनि गेल छल। हुनका नहि बुझल छलनि जे ई मदिरा कतऽ सँ आबि गेल (मुदा बारिक सभ जे पानि निकालने छल, तकरा सभ केँ बुझल छलैक), तेँ भण्‍डारी वर केँ बजा कऽ कहलथिन,[10] “सभ आदमी तँ बढ़ियाँ वला मदिरा पहिनहि परसैत अछि, और बाद मे जखन लोक सभ बहुते पिबि लेने रहैत अछि तखने साधारण वला परसैत अछि, मुदा अहाँ बढ़ियाँ वला एखनो धरि रखनहि छलहुँ!”[11] एहि तरहेँ गलीलक काना गाम मे यीशु अपन चमत्‍कारपूर्ण चिन्‍ह सभ शुरू कऽ कऽ अपन महिमा प्रगट कयलनि और हुनकर शिष्‍य सभ हुनका पर विश्‍वास कयलनि।

Maithili Bible 2010
©2010 The Bible Society of India and WBT