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अतिरिक्त: [नरभक्षण का]


यिर्मयाह १९:९
शत्रु अपनी सेना को नगर के चारों ओर लाएगा। वह सेना लोगों को भोजन लेने बाहर नहीं आने देगी। अत: नगर में लोग भूखों मरने लगेंगे। वे इतने भूखे हो जाएंगे कि अपने पुत्र और पुत्रियों के शरीर को खाने लगेंगे और तब वे एक दूसरे को खाने लगेंगे।”

यहेजकेल ५:१०
यरूशलेम में लोग भूख से इतने तड़पेंगे कि माता-पिता अपने बच्चों को खा जाएंगें और बच्चे अपने माता-पिता को खा जाएंगे। मैं तुम्हें कई प्रकार से दण्ड दूँगा और जो लोग जीवित बचे हैं, उन्हें मैं हवा में बिखेर दूँगा।”

लैव्यव्यवस्था २६:२९
तुम अपने पुत्र पुत्रियों के शरीरों को खाओगे।

२ राजा ६:२८-२९
[२८] तब इस्राएल के राजा ने उस स्त्री से पूछा, “तुम्हारी परेशानी क्या है” स्त्री ने जवाब दिया, “इस स्त्री ने मुझसे कहा, ‘अपने पुत्र को मुझे दो जिससे हम उसे मार डाले और उसे आज खा ले। तब हम अपने पुत्र को कल खायेंगे।’[२९] अत: हम ने अपने पुत्र को पकाया और खाया। तब दूसरे दिन मैंने इस स्त्री से कहा, ‘अपने पुत्र को दो जिससे हम उसे मार सकें और खा सकें।’ किन्तु उसने अपने पुत्र को छिपा दिया है।”

विलापगीत ४:१०
उन दिनों ऐसी स्त्रियों ने भी जो बहुत अच्छी हुआ करती थी, अपने ही बच्चों के मांस को पकाया था। वे बच्चे अपनी ही माँओं का आहार बने। ऐसा तब हुआ था जब मेरे लोगों का विनाश हुआ था।

विलापगीत २:२०
हे यहोवा, मुझ पर दृष्टि कर! देख कौन है वह जिसके साथ तूने ऐसा किया! तू मुझको यह प्रश्न पूछने दे: क्या माँ उन बच्चों को खा जाये जिनको वह जनती है? क्या माँ उन बच्चों को खा जाये जिनको वे पोसती रही है? क्या यहोवा के मन्दिर में याजक और नबियों के प्राणों को लिया जाये?

व्यवस्था विवरण २८:५३-५७
[५३] जब तक तुम्हारा शत्रु तुम्हारे नगर का घेरा डाले रहेगा तब तक तुम्हारी बड़ी हानि होगी। तुम इतने भूखे होगें कि अपने बच्चों को भी खा जाओगे। तुम अपने पुत्र और पुत्रियों का माँस खाओगे जिन्हें यहोवा तुम्हारे परमेश्वर ने तुम्हे दिया है।[५४] तुम्हारा बहुत विनम्र सज्जन पुरुष भी अपने बच्चों, भाईयों, अपनी प्रिय पत्नी तथा बचे हुए बच्चों के साथ बहुत क्रूरता के बर्ताव करेगा।[५५] उसके पास कुछ भी खाने को नहीं होगा क्योंकि तुम्हारे नगरों के विरूद्ध आने वाले शत्रु इतनी अधिक हानि पहुँचा देंगे। इसलिए वह अपने बच्चों को खायेगा। किन्तु वह अपने परिवार के शेष लोगों को कुछ भी नहीं देगा![५६] “तुम्हारे बीच सबसे अधिक विनम्र और कोमल स्त्री भी वही करेगी। ऐसी सम्पन्न और कोमल स्त्री भी जिसने कहीं जाने के लिये जमीन पर कभी पैर भी न रखा हो। वह अपने प्रिय पति या अपने पुत्र-पुत्रियों के साथ हिस्सा बँटाने से इन्कार करेगी।[५७] वह अपने ही गर्भ की झिल्ली को खायेगी और उस बच्चे को भी जिसे वह जन्म देगी। वह उन्हें गुप्त रूप से खायेगी। क्यों? क्योंकी वहाँ कोई भी भोजन नहीं बचा है। यह तब होगा जब तुम्हारा शत्रु तुम्हारे नगरों के विरुद्ध आयेगा और बहुत अधिक कष्ट पहुँचायेगा।

उत्पत्ति १:२६-२७
[२६] तब परमेश्वर ने कहा, “अब हम मनुष्य बनाएं। हम मनुष्य को अपने स्वरूप जैसा बनाएगे। मनुष्य हमारी तरह होगा। अह समुद्र की सारी मछलियों पर और आकाश के पक्षियों पर राज करेगा। वह पृथ्वी के सभी बड़े जानवरों और छोटे रेंगनेवाले जीवों पर राज करेगा।”[२७] इसलिए परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में बनाया। परमेश्वर ने मनुष्य को अपने ही स्वरुप में सृजा। परमेश्वर ने उन्हें नर और नारी बनाया।

२ कुरिन्थियों ५:८
हमें विश्वास है, इसी से मैं कहता हूँ कि हम अपनी देह को त्याग कर प्रभु के साथ रहने को अच्छा समझते है।

लूका 16:19-26
[19] “अब देखो, एक व्यक्ति था जो बहुत धनी था। वह बैंगनी रंग की उत्तम मलमल के वस्त्र पहनता था और हर दिन विलासिता के जीवन का आनन्द लेता था।[20] वहीं लाजर नाम का एक दीन दुखी उसके द्वार पर पड़ा रहता था। उसका शरीर घावों से भरा हुआ था।[21] उस धनी पुरुष की जूठन से ही वह अपना पेट भरने को तरसता रहता था। यहाँ तक कि कुत्ते भी आते और उसके घावों को चाट जाते।[22] और फिर ऐसा हुआ कि वह दीन-हीन व्यक्ति मर गया। सो स्वर्गदूतों ने ले जाकर उसे इब्राहीम की गोद में बैठा दिया। फिर वह धनी पुरुष भी मर गया और उसे दफ़ना दिया गया।[23] नरक में तड़पते हुए उसने जब आँखें उठा कर देखा तो इब्राहीम उसे बहुत दूर दिखाई दिया किन्तु उसने लाज़र को उसकी गोद में देखा।[24] तब उसने पुकार कर कहा, ‘पिता इब्राहीम, मुझ पर दया कर और लाजर को भेज कि वह पानी में अपनी उँगली डुबो कर मेरी जीभ ठंडी कर दे, क्योंकि मैं इस आग में तड़प रहा हूँ।’[25] किन्तु इब्राहीम ने कहा, ‘हे मेरे पुत्र, याद रख, तूने तेरे जीवन काल में अपनी अच्छी वस्तुएँ पा लीं जबकि लाज़र को बुरी वस्तुएँ ही मिली। सो अब वह यहाँ आनन्द भोग रहा है और तू यातना।[26] और इस सब कुछ के अतिरिक्त हमारे और तुम्हारे बीच एक बड़ी खाई डाल दी गयी है ताकि यहाँ से यदि कोई तेरे पास जाना चाहे, वह जा न सके और वहाँ से कोई यहाँ आ न सके।’

प्रकाशित वाक्य 20:11-15
[11] I vidjeh veliki bijel prijestol, i onoga što sjeđaše na njemu, od čijega lica bježaše nebo i zemlja, i mjesta im se ne nađe.[12] I vidjeh mrtvace male i velike gdje stoje pred Bogom, i knjige se otvoriše; i druga se knjiga otvori, koja je knjiga života; i sud primiše mrtvaci kao što je napisano u knjigama, po djelima svojima.[13] I more dade svoje mrtvace, i smrt i pakao dadoše svoje mrtvace; i sud primiše po djelima svojima.[14] I smrt i pakao bačeni biše u jezero ognjeno. I ovo je druga smrt.[15] I ko se ne nađe napisan u knjizi života, bačen bi u jezero ognjeno.

व्यवस्था विवरण 28:53
Te ćeš u tjeskobi i u nevolji kojom će ti pritužiti neprijatelji tvoji jesti plod utrobe svoje, meso od sinova svojih i od kćeri svojih, koje ti da Gospod Bog tvoj.

१ कुरिन्थियों 14:34-35
[34] Žene vaše da ćute u crkvama; jer se njima ne dopusti da govore, nego da slušaju, kao što i zakon govori.[35] Ako li hoće čemu da se nauče, kod kuće muževe svoje neka pitaju; jer je ružno ženi da govori u crkvi.

लूका 1:37
Jer u Boga sve je moguće što reče.

यूहन्ना 1:1
U početku bješe riječ, i riječ bješe u Boga, i Bog bješe riječ.

व्यवस्था विवरण 28:57
I posteljici, koja izide između nogu njezinijeh, i djeci koju rodi; jer će ih jesti krišom u oskudici svakoj od nevolje i od tjeskobe, kojom će ti pritužiti neprijatelj tvoj po svijem mjestima tvojim.

१ तीमुथियुस 2:11-15
[11] Žena na miru da se uči sa svakom pokornošću.[12] Ali ženi ne dopuštam da uči niti da vlada mužem, nego da bude mirna.[13] Jer je Adam najprije sazdan pa onda Eva;[14] I Adam se ne prevari, a žena prevarivši se postade prestupnica;[15] Ali će se spasti rađanjem djece, ako ostane u vjeri i ljubavi i u svetinji s poštenjem.

१ तीमुथियुस 5:3-16
[3] Udovice poštuj, koje su prave udovice.[4] Ako li koja udovica ima djecu ili unučad, da se uče najprije svoj dom poštovati, i zajam vraćati roditeljima; jer je ovo ugodno pred Bogom.[5] A prava udovica i usamljena uzda se u Boga, i živi u molitvama i u moljenju dan i noć.[6] A koja živi u sladostima, živa je umrla.[7] I ovo zapovijedaj, da budu bez mane.[8] Ako li ko za svoje a osobito za domaće ne promišlja, odrekao se vjere, i gori je od neznabošca.[9] A udovica da se ne prima mlađa od šezdeset godina, i koja je bila jednome mužu žena;[10] I koja ima svjedočanstvo u dobrijem djelima, ako je djecu odgajila, ako je gostoljubiva bila, ako je svetima noge prala, ako je nevoljnima pomagala, ako je išla za svakijem dobrijem djelom.[11] A mladijeh udovica prođi se; jer kad pobjesne protiv Hrista, hoće da se udaju,[12] I imaju grijeh što prvu vjeru odbaciše.[13] A k tome i besposlene uče se skitati po kućama, ne samo pak besposlene, nego i jezične i sveznale, pa govore što ne treba.[14] Hoću dakle da se mlade udovice udaju, djecu rađaju, kuću kuće, a nikakva uzroka da ne daju protivniku za huljenje.[15] Jer se evo neke okrenuše za sotonom.[16] Ako koji vjerni ili vjerna ima udovice, neka se stara za njih, i da ne dosađuju crkvi da one koje su prave udovice može zadovoljiti.

१ कुरिन्थियों 11:2-16
[2] Hvalim vas pak, braćo, što sve moje pamtite i držite zapovijesti kao što vam predadoh.[3] Ali hoću da znate da je svakome mužu glava Hristos; a muž je glava ženi; a Bog je glava Hristu.[4] Svaki muž koji se s pokrivenom glavom moli Bogu ili prorokuje, sramoti glavu svoju.[5] I svaka žena koja se gologlava moli Bogu ili prorokuje, sramoti glavu svoju; jer je sve jedno kao da je obrijana.[6] Ako se dakle ne pokriva žena, neka se striže; ako li je ružno ženi strići se ili brijati se, neka se pokriva.[7] Ali muž da ne pokriva glave, jer je obličje i slava Božija; a žena je slava muževlja.[8] Jer nije muž od žene nego žena od muža.[9] Jer muž nije sazdan žene radi nego žena muža radi.[10] Zato žena treba da ima vlast na glavi, anđela radi.[11] Ali niti je muž bez žene ni žena bez muža u Gospodu.[12] Jer kako je žena od muža, tako je i muž iz žene; a sve je od Boga.[13] Sami među sobom sudite je li lijepo da se žena gologlava moli Bogu?[14] Ili ne uči li vas i sama priroda da je mužu sramota ako gaji dugačku kosu;[15] A ženi je slava ako gaji dugačku kosu? Jer joj je kosa dana mjesto pokrivala.[16] Ako li je ko svadljiv, mi takovoga običaja nemamo, niti crkve Božije.

Serbian Bible (Latin) DK 1865
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