A A A A A
×

Maithili Bible 2010

प्रकाशित-वाक्‍य 8

1
जखन बलि-भेँड़ा सातम छाप खोललनि, तँ करीब आधा घण्‍टा धरि स्‍वर्ग मे कोनो आवाज नहि सुनाइ पड़ल; सभ शान्‍त रहल।
2
तकरबाद हम ओहि सातटा स्‍वर्गदूत केँ देखलियनि, जे सभ परमेश्‍वरक सम्‍मुख ठाढ़ रहैत छथि। हुनका सभ केँ सातटा धुतहू देल गेलनि।
3
तखन एकटा आरो स्‍वर्गदूत सोनाक धूपदानी लऽ कऽ अयलाह आ वेदी लग मे ठाढ़ भऽ गेलाह। हुनका बहुत रास धूप देल गेलनि, जाहि सँ ओ ओकरा सिंहासनक समक्ष स्‍थित सोनाक वेदी पर परमेश्‍वरक सभ लोकक प्रार्थनाक संग चढ़बथि।
4
स्‍वर्गदूतक हाथ सँ धूपक धुआँ परमेश्‍वरक लोकक प्रार्थना सभक संग परमेश्‍वरक सम्‍मुख ऊपर पहुँचलनि।
5
तकरबाद स्‍वर्गदूत धूपदानी लेलनि आ वेदी परक आगि सँ भरि कऽ ओकरा पृथ्‍वी पर फेकि देलथिन। एहि पर मेघ तड़कऽ आ गोंगिआय लागल, बिजुली चमकऽ लागल आ भूकम्‍‍प भेल।
6
आब ओ सातो स्‍वर्गदूत, जिनका सभ लग सातटा धुतहू छलनि, ओकरा फुकबाक लेल तैयार भऽ गेलाह।
7
पहिल स्‍वर्गदूत धुतहू फुकलनि। एहि पर खूनक संग पाथर आ आगि पृथ्‍वी पर बरसाओल गेल। एहि सँ पृथ्‍वीक एक तिहाइ भाग आ गाछ-वृक्ष सभक एक तिहाइ भाग भस्‍म भऽ गेल, और सभ हरियर घास-पात भस्‍म भऽ गेल।
8
दोसर स्‍वर्गदूत धुतहू फुकलनि, तँ आगि सँ जरैत एक विशाल पहाड़ सन वस्‍तु समुद्र मे फेकल गेल। एहि सँ समुद्रक एक तिहाइ भाग खून बनि गेल।
9
समुद्र मेहक एक तिहाइ प्राणी मरि गेल आ एक तिहाइ पानि जहाज सभ नष्‍ट भऽ गेल।
10
तेसर स्‍वर्गदूत धुतहू फुकलनि, तँ एक विशाल तारा, मशाल जकाँ जरैत, आकाश सँ टुटल आ नदी सभक और जलस्रोत सभक एक तिहाइ भाग पर खसि पड़ल।
11
ओहि ताराक नाम “चिरैंता”, अर्थात् तिताह, अछि। ओहि सँ जलक एक तिहाइ भाग तीत भऽ गेल आ जल केँ तीत भऽ जयबाक कारणेँ बहुतो लोक मरि गेल।
12
चारिम स्‍वर्गदूत धुतहू फुकलनि, तँ सूर्यक एक तिहाइ भाग, चन्‍द्रमाक एक तिहाइ भाग आ तारा सभक एक तिहाइ भाग पर प्रहार भेल, जाहि सँ ओकरा सभक एक तिहाइ भाग अन्‍हार भऽ गेलैक। दिनक एक तिहाइ भाग मे इजोत नहि रहल आ तहिना रातिक एक तिहाइ भागक सेहो वैह अवस्‍था भऽ गेलैक।
13
हम फेर नजरि उठौलहुँ तँ बीच आकाश मे एकटा गरुड़ केँ उड़ैत देखलहुँ, जे जोर सँ ई घोषणा कऽ रहल छल, “कष्‍ट! कष्‍ट! कष्‍ट! पृथ्‍वीक निवासी सभ पर धुतहूक बाँकी आवाजक कारणेँ, जकरा तीनटा स्‍वर्गदूत फुकऽ वला छथि कतेक भयानक विपत्ति औतैक! हाय! हाय! हाय!”
प्रकाशित-वाक्‍य 8:1
प्रकाशित-वाक्‍य 8:2
प्रकाशित-वाक्‍य 8:3
प्रकाशित-वाक्‍य 8:4
प्रकाशित-वाक्‍य 8:5
प्रकाशित-वाक्‍य 8:6
प्रकाशित-वाक्‍य 8:7
प्रकाशित-वाक्‍य 8:8
प्रकाशित-वाक्‍य 8:9
प्रकाशित-वाक्‍य 8:10
प्रकाशित-वाक्‍य 8:11
प्रकाशित-वाक्‍य 8:12
प्रकाशित-वाक्‍य 8:13
प्रकाशित-वाक्‍य 1 / प्रवा 1
प्रकाशित-वाक्‍य 2 / प्रवा 2
प्रकाशित-वाक्‍य 3 / प्रवा 3
प्रकाशित-वाक्‍य 4 / प्रवा 4
प्रकाशित-वाक्‍य 5 / प्रवा 5
प्रकाशित-वाक्‍य 6 / प्रवा 6
प्रकाशित-वाक्‍य 7 / प्रवा 7
प्रकाशित-वाक्‍य 8 / प्रवा 8
प्रकाशित-वाक्‍य 9 / प्रवा 9
प्रकाशित-वाक्‍य 10 / प्रवा 10
प्रकाशित-वाक्‍य 11 / प्रवा 11
प्रकाशित-वाक्‍य 12 / प्रवा 12
प्रकाशित-वाक्‍य 13 / प्रवा 13
प्रकाशित-वाक्‍य 14 / प्रवा 14
प्रकाशित-वाक्‍य 15 / प्रवा 15
प्रकाशित-वाक्‍य 16 / प्रवा 16
प्रकाशित-वाक्‍य 17 / प्रवा 17
प्रकाशित-वाक्‍य 18 / प्रवा 18
प्रकाशित-वाक्‍य 19 / प्रवा 19
प्रकाशित-वाक्‍य 20 / प्रवा 20
प्रकाशित-वाक्‍य 21 / प्रवा 21
प्रकाशित-वाक्‍य 22 / प्रवा 22