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Maithili Bible 2010

प्रकाशित-वाक्‍य 22

1
आब ओ स्‍वर्गदूत हमरा जीवन-जलक नदी देखौलनि, जे आर-पार देखाय वला सीसाक समान साफ छल आ जे परमेश्‍वर और बलि-भेँड़ाक सिंहासन सँ निकलि कऽ,
2
नगरक मुख्‍य सड़कक बीच बाटे बहि रहल छल। नदीक दूनू कात मे जीवनक गाछ छल जे साल मे बारह बेर फड़ैत छल—हर मास मे एक बेर। ओहि गाछक पात जाति-जातिक लोक सभ केँ स्‍वस्‍थता प्रदान करबाक लेल छल।
3
ओतऽ आब कोनो सरापित बात नहि रहत। परमेश्‍वरक आ बलि-भेँड़ाक सिंहासन ओहि नगर मे रहत, आ हुनकर सेवक सभ हुनकर आराधना करथिन।
4
ओ सभ हुनकर मुँह देखथिन आ हुनका सभक कपार पर हुनकर नाम लिखल रहतनि।
5
ओतऽ फेर कखनो राति नहि होयत। ओकरा सभ केँ डिबियाक इजोत वा सूर्यक प्रकाशक आवश्‍यकता नहि होयतैक, किएक तँ प्रभु-परमेश्‍वर ओकरा सभक प्रकाश रहथिन, आ ओ सभ युगानुयुग राज्‍य करैत रहताह।
6
तकरबाद स्‍वर्गदूत हमरा कहलनि, “ई बात सभ सत्‍य अछि और एहि पर भरोसा राखल जा सकैत अछि। प्रभु-परमेश्‍वर, जे अपन प्रवक्‍ता सभ केँ प्रेरित करैत छथि, से अपना स्‍वर्गदूत केँ पठौलनि जाहि सँ ओ अपना सेवक सभ केँ ओ घटना सभ देखबथि जे जल्‍दी होमऽ वला अछि।”
7
“देखू, हम जल्‍दिए आबऽ वला छी। धन्‍य छथि ओ सभ, जे सभ एहि पुस्‍तकक भविष्‍यवाणीक बात सभ केँ मानैत छथि।”
8
हम, यूहन्‍ना, अपने ई बात सभ देखलहुँ आ सुनलहुँ। ई बात सभ देखि कऽ आ सुनि कऽ हम एहि बात सभ केँ देखाबऽ वला स्‍वर्गदूतक आराधना करबाक लेल हुनका चरण पर खसि पड़लहुँ।
9
मुदा ओ हमरा कहलनि, “एना नहि करू! हम तँ अहाँ जकाँ आ अहाँक भाय सभ, अर्थात्, ओ सभ जे प्रभुक प्रवक्‍ता सभ छथि, तिनका सभ जकाँ आ एहि पुस्‍तकक बात सभ केँ माननिहार सभ लोक जकाँ दासे छी। अहाँ परमेश्‍वरेक आराधना करू!”
10
ओ हमरा आगाँ कहलनि, “अहाँ एहि पुस्‍तकक भविष्‍यवाणीक बात सभ केँ गुप्‍त नहि राखू, किएक तँ समय लगचिआ गेल अछि।
11
जे अन्‍याय करैत अछि से अन्‍याये करैत रहओ, जे भ्रष्‍ट अछि से भ्रष्‍टे बनल रहओ, जे नीक काज करैत अछि, से नीके करैत रहओ, आ जे पवित्र अछि से पवित्रे बनल रहओ।”
12
“देखू, हम जल्‍दिए आबि रहल छी। हमरा लग प्रत्‍येक मनुष्‍य केँ ओकरा कर्मक अनुसार देबाक लेल प्रतिफल अछि।
13
हम अल्‍फा आ ओमेगा, पहिल आ अन्‍तिम, शुरुआत आ अन्‍त छी।
14
धन्‍य छथि ओ सभ जे अपन वस्‍त्र केँ धोइत छथि। हुनका सभ केँ जीवनक गाछक फल खयबाक और नगर मे जयबाक लेल फाटक सभ बाटे प्रवेश करबाक अधिकार भेटतनि।
15
मुदा ‘कुकुर’, जादू-टोना कयनिहार, अनैतिक शारीरिक सम्‍बन्‍ध रखनिहार, हत्‍यारा, मुरुतक पूजा कयनिहार, आ असत्‍य सँ प्रेम कयनिहार और ओहि पर आचरण कयनिहार बाहरे रहि जायत।
16
“हम, यीशु, स्‍वयं अपना स्‍वर्गदूत केँ पठौने छी जाहि सँ ओ अहाँ सभ केँ एहि बात सभक गवाही देथि, आ अहाँ सभ मण्‍डली सभ केँ दी। हम दाऊद-वंशक मूल छी, दाऊदक श्रेष्‍ठ वंशज छी, हम भोरक चमकैत तारा छी।”
17
परमेश्‍वरक आत्‍मा आ बलि-भेँड़ाक दुल्‍हिन कहैत छथि, “आउ!” जे सभ सुनैत अछि सेहो सभ कहओ, “आउ!” जे पियासल होअय, से आबओ। जे चाहैत होअय, से बिनु मूल्‍य दऽ कऽ जीवन-जल प्राप्‍त करओ।
18
जे लोक सभ एहि पुस्‍तकक भविष्‍यवाणीक बात सभ सुनैत अछि, हम तकरा सभ केँ ई चेतावनी दैत छिऐक जे, “जँ केओ एहि मे किछु जोड़त तँ परमेश्‍वर एहि पुस्‍तक मे लिखल विपत्ति सभ ओकरा जीवन मे जोड़ि देथिन।
19
और जँ केओ भविष्‍यवाणीक एहि पुस्‍तकक बात सभ मे सँ कोनो बात हटा देत, तँ परमेश्‍वर जीवनक गाछ आ पवित्र नगर, जाहि सभक वर्णन एहि पुस्‍तक मे कयल गेल, ताहि मे सँ ओकर हिस्‍सा हटा देथिन।”
20
जे एहि बात सभक गवाही दऽ रहल छथि, से ई कहैत छथि, “हँ, हम जल्‍दी आबऽ वला छी।” आमीन! हे प्रभु यीशु, आउ!
21
प्रभु यीशुक कृपा अहाँ सभ गोटे पर बनल रहय। आमीन।
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प्रकाशित-वाक्‍य 22:8
प्रकाशित-वाक्‍य 22:9
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