A A A A A
×

Maithili Bible 2010

मसीह-दूत 24

1
पाँच दिनक बाद महापुरोहित हननियाह किछु धार्मिक अगुआ सभ और तरतुल्‍लुस नामक एक वकीलक संग कैसरिया अयलाह, आ राज्‍यपाल फेलिक्‍सक समक्ष पौलुसक विरोध मे अपन आरोप प्रस्‍तुत कयलनि।
2
पौलुस केँ बजाओल गेलनि, आ तरतुल्‍लुस एहि प्रकारेँ हुनका पर आरोप लगबैत राज्‍यपाल केँ कहऽ लगलनि, “परम श्रेष्‍ठ राज्‍यपाल जी, हमरा लोकनिक बीच जे ई निरन्‍तर शान्‍ति रहैत अछि से अपनेक कृपाक कारणेँ अछि। अपनेक बुद्धिमत्तापूर्ण शासनक फलस्‍वरूप एहि देश मे बहुतो समाजिक सुधार भऽ गेल अछि।
3
ई सभ बात हमरा लोकनि सभ तरहेँ आ सभतरि हार्दिक धन्‍यवादक संग स्‍वीकार करैत छी।
4
हम अपनेक बेसी समय नहि लेबऽ चाहैत छी, तेँ निवेदन अछि जे हमरा लोकनिक दू-चारि शब्‍द केँ सुनबाक कृपा कयल जाओ।
5
बात एहि तरहेँ अछि। ई आदमी उपद्रवी अछि। सौंसे संसारक यहूदी सभ मे आन्‍दोलन मचबैत घुमैत अछि। ई नासरी-कुपंथक नेता अछि, और एतबे नहि,
6
ई मन्‍दिरो केँ अपवित्र करबाक कोशिश कयलक, मुदा तखने हमरा लोकनि आबि एकरा पकड़ि लेलिऐक। [हम सभ अपन धर्म-नियमक अनुसार एकर फैसला कऽ देने रहितिऐक,
7
मुदा सेनापति लुसियास आबि कऽ हमरा सभक हाथ सँ एकरा जबरदस्‍ती छिनि लेलनि
8
और अभियोगी पक्ष केँ अपनेक सम्‍मुख उपस्‍थित होयबाक आज्ञा दऽ देलनि।] अपने स्‍वयं एकरा सँ पूछ-ताछ कऽ कऽ पता लगा सकब जे जाहि बातक आरोप हमरा लोकनि एकरा पर लगा रहल छी, से सभ सत्‍य अछि।”
9
यहूदी सभ सेहो हुनकर “हँ” मे “हँ” मिला कऽ आरोप लगाबऽ मे संग देलथिन आ कहैत रहलाह, “हँ, यैह बात सभ अछि।”
10
राज्‍यपाल आब पौलुस केँ बजबाक लेल संकेत कयलनि, तँ ओ एहि प्रकारेँ उत्तर देलथिन, “ई बुझि जे अपने बहुत वर्ष सँ एहि यहूदी जातिक न्‍यायाधीश छी, हमरा अपनेक सामने अपन वयान देबऽ मे बड्ड प्रसन्‍नता भऽ रहल अछि।
11
हमरा यरूशलेम मे आराधना करबाक लेल गेला बारह दिन सँ बेसी नहि भेल अछि, तकर पता अपने सेहो लगा सकैत छी।
12
ई सभ जे छथि, से हमरा ने तँ मन्‍दिर मे ककरो सँ वाद-विवाद करैत आ ने सभाघर मे वा शहर मे कतौ भीड़ केँ भड़कबैत पौलनि।
13
जाहि बातक आरोप ई सभ आब हमरा पर लगा रहल छथि, से बात अपनेक सामने प्रमाणित नहि कऽ सकैत छथि।
14
हँ, हम स्‍वीकार करैत छी जे हम एहि ‘बाट’ केँ मानैत छी, जकरा ई लोकनि ‘कुपंथ’ कहैत छथि, और एही बाटक अनुसार हम अपन पूर्वजक परमेश्‍वरक आराधना करैत छी। जे बात मूसाक धर्म-नियम मे आ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता लोकनिक लेख मे लिखल अछि, ताहि सभ पर हम एखनो विश्‍वास करैत छी।
15
हमर पूर्ण विश्‍वास अछि, जेना कि हिनको सभक छनि, जे परमेश्‍वर धर्मी और अधर्मी दूनू केँ मृत्‍युक बाद जिऔथिन।
16
एहि कारणेँ हम सदिखन अपन जीवन ताहि तरहेँ व्‍यतीत करबाक प्रयत्‍न करैत छी, जाहि सँ हम परमेश्‍वरक आ मनुष्‍यक दृष्‍टि मे निर्दोष रही।
17
“बहुत वर्षक बाद हम अपन जातिक गरीब लोक सभक लेल दान पहुँचाबऽ और परमेश्‍वर केँ चढ़ौना चढ़यबाक लेल यरूशलेम घूमि अयलहुँ।
18
एही काजक समय मे ई सभ हमरा मन्‍दिर मे देखलनि। हम शुद्धीकरणक विधि सभ पूरा कऽ लेने छलहुँ, और हमरा संग ने कोनो भीड़ छल आ ने कोनो बातक हुल्‍लड़ि मचि रहल छल।
19
मुदा तखन आसिया प्रदेशक किछु यहूदी सभ अयलाह आ... उचित तँ ई रहैत जे, जँ हुनका सभ केँ हमरा विरोध मे किछु छलनि तँ ओ सभ स्‍वयं अपनेक समक्ष एतऽ उपस्‍थित भऽ कऽ अपन आरोप हमरा पर लगबितथि।
20
आब तँ, ई सभ जे छथि, से सभ एखन कहथु जे हम जखन धर्म-महासभाक सामने मे ठाढ़ छलहुँ तखन ई सभ हमरा कोन अपराधक दोषी पौलनि।
21
एकेटा ई बात भऽ सकत जे हम हिनका सभक सामने मे ठाढ़ भऽ कऽ जोर सँ कहलहुँ जे, ‘अहाँ सभक समक्ष हमर न्‍याय आइ एही कारणेँ कयल जा रहल अछि जे, हमर पूर्ण विश्‍वास अछि जे परमेश्‍वर मुइल सभ केँ जिऔथिन।’ ”
22
तखन फेलिक्‍स, जे एहि “बाट”क बारे मे नीक जकाँ जनैत छलाह, ई कहि मोकदमाक सुनवाइ बन्‍द कयलनि जे, “सेनापति लुसियास जखन आबि जयताह, तखन अहाँ सभक मोकदमाक निर्णय करब।”
23
ओ कप्‍तान केँ आदेश देलथिन जे पौलुस केँ किछु स्‍वतन्‍त्रताक संग पहरा मे राखल जाय आ हुनकर साथी-संगी सभ केँ हुनकर आवश्‍यकताक पूर्ति करऽ सँ रोकल नहि जाय।
24
किछु दिनक बाद फेलिक्‍स अपन घरवाली द्रुसिल्‍ला, जे यहूदी जातिक छलीह, तिनका लऽ कऽ अयलाह आ पौलुस केँ बजबौलनि। पौलुस हुनका सँ प्रभु यीशु मसीह पर विश्‍वास करबाक सम्‍बन्‍ध मे बात करऽ लगलाह आ फेलिक्‍स सुनैत रहलाह।
25
मुदा जखन ओ धार्मिकता, अपना केँ वश मे रखनाइ, और परमेश्‍वरक आबऽ वला न्‍यायक दिनक विषय मे बाजऽ लगलाह, तखन फेलिक्‍स भयभीत भऽ उठलाह आ कहलथिन, “आब रहऽ दैह! एखन तोँ जा सकैत छह। फेर फुरसति भेटला पर हम तोरा बजयबह।”
26
संगहि-संग ओ पौलुस सँ घूस प्राप्‍त करबाक आशा रखैत छलाह, आ तेँ हुनका बेर-बेर बजबा कऽ हुनका संग बात-चीत करैत छलाह।
27
दू वर्ष बितलाक बाद फेलिक्‍सक जगह पर पुरखियुस फेस्‍तुस राज्‍यपालक पद पर अयलाह, आ फेलिक्‍स यहूदी सभ केँ खुश करबाक उद्देश्‍य सँ पौलुस केँ जहल मे बन्‍दे छोड़ि गेलाह।
मसीह-दूत 24:1
मसीह-दूत 24:2
मसीह-दूत 24:3
मसीह-दूत 24:4
मसीह-दूत 24:5
मसीह-दूत 24:6
मसीह-दूत 24:7
मसीह-दूत 24:8
मसीह-दूत 24:9
मसीह-दूत 24:10
मसीह-दूत 24:11
मसीह-दूत 24:12
मसीह-दूत 24:13
मसीह-दूत 24:14
मसीह-दूत 24:15
मसीह-दूत 24:16
मसीह-दूत 24:17
मसीह-दूत 24:18
मसीह-दूत 24:19
मसीह-दूत 24:20
मसीह-दूत 24:21
मसीह-दूत 24:22
मसीह-दूत 24:23
मसीह-दूत 24:24
मसीह-दूत 24:25
मसीह-दूत 24:26
मसीह-दूत 24:27
मसीह-दूत 1 / मसदू 1
मसीह-दूत 2 / मसदू 2
मसीह-दूत 3 / मसदू 3
मसीह-दूत 4 / मसदू 4
मसीह-दूत 5 / मसदू 5
मसीह-दूत 6 / मसदू 6
मसीह-दूत 7 / मसदू 7
मसीह-दूत 8 / मसदू 8
मसीह-दूत 9 / मसदू 9
मसीह-दूत 10 / मसदू 10
मसीह-दूत 11 / मसदू 11
मसीह-दूत 12 / मसदू 12
मसीह-दूत 13 / मसदू 13
मसीह-दूत 14 / मसदू 14
मसीह-दूत 15 / मसदू 15
मसीह-दूत 16 / मसदू 16
मसीह-दूत 17 / मसदू 17
मसीह-दूत 18 / मसदू 18
मसीह-दूत 19 / मसदू 19
मसीह-दूत 20 / मसदू 20
मसीह-दूत 21 / मसदू 21
मसीह-दूत 22 / मसदू 22
मसीह-दूत 23 / मसदू 23
मसीह-दूत 24 / मसदू 24
मसीह-दूत 25 / मसदू 25
मसीह-दूत 26 / मसदू 26
मसीह-दूत 27 / मसदू 27
मसीह-दूत 28 / मसदू 28