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Maithili Bible 2010

मसीह-दूत 13

1
अन्‍ताकियाक मण्‍डली मे ई सभ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता आ शिक्षक छलाह—बरनबास, सिमियोन, जे करिया कहबैत छलाह, कुरेन निवासी लूकियुस, मनेन, जे शासक हेरोदक संग पोसल गेल छलाह, और साउल।
2
एक दिन जखन ओ सभ उपासक संग प्रभुक आराधना कऽ रहल छलाह, तखन पवित्र आत्‍मा कहलथिन, “हमर ओहि काजक लेल बरनबास और साउल केँ अलग कऽ दिअ जाहि काजक लेल हम हुनका सभ केँ चुनने छी।”
3
तँ ओ सभ उपास आ प्रार्थना कऽ कऽ हुनका सभ पर हाथ राखि विदा कयलथिन।
4
ई दूनू गोटे पवित्र आत्‍माक आदेशक अनुसार सिलूकिया चल गेलाह आ ओतऽ सँ पानि जहाज सँ साइप्रस द्वीप गेलाह।
5
ओ सभ सलामिस शहर पहुँचि कऽ यहूदी सभक सभाघर सभ मे परमेश्‍वरक वचनक प्रचार कयलनि। हुनका सभक संग सहयोग करबाक लेल यूहन्‍ना-मरकुस सेहो छलनि।
6
तखन ओ सभ पूरा द्वीपक यात्रा करैत द्वीपक दोसर कात पाफुस नगर पहुँचलाह। ओतऽ हुनका सभ केँ बारयीशु नामक एक यहूदी भेटलनि, जे जादूगर छल आ झूठ बाजि कऽ अपना केँ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता कहैत छल।
7
ओ प्रदेशक राज्‍यपाल सिरगियुस-पौलुसक संगी छल। राज्‍यपाल सिरगियुस एक विचारशील लोक छलाह। ओ बरनबास आ साउल केँ अपना ओहिठाम बजबौलनि जाहि सँ ओ हुनका सभ सँ परमेश्‍वरक वचन सुनि सकथि।
8
मुदा ओ जादूगर, जकर नाम यूनानी भाषा मे एलिमास छलैक, से हिनका सभक विरोध कऽ कऽ राज्‍यपाल केँ विश्‍वास करऽ सँ रोकबाक कोशिश कयलक।
9
तखन साउल, जे पौलुस सेहो कहबैत छलाह, पवित्र आत्‍मा सँ परिपूर्ण भऽ जादूगर एलिमास दिस एकटक लगा कऽ तकैत कहलथिन,
10
“हे शैतानक पुत्र! हे सभ सत्‍कर्मक दुश्‍मन! तोँ सभ तरहक छल-प्रपंच आ बइमानी सँ भरल छेँ! की तोँ प्रभुक सोझ बाट केँ टेढ़ बनौनाइ कहियो नहि छोड़बेँ?
11
देख! आब प्रभुक हाथ तोरा विरोध मे उठलौ अछि। तोँ एखन आन्‍हर भऽ जयबेँ आ किछु काल तक सूर्यक प्रकाश नहि देखबेँ।” तखने ओकरा आगाँ मे धुनि जकाँ बुझायल और ओकर आँखि अन्‍हरा गेलैक। ओ एम्‍हर-ओम्‍हर हथोड़ऽ लागल जाहि सँ केओ भेटय जे हाथ पकड़ि कऽ लऽ जाय।
12
राज्‍यपाल ई घटना देखि विश्‍वास कयलनि। ओ प्रभुक शिक्षा सँ चकित छलाह।
13
तखन पौलुस और हुनकर संगी सभ पाफुस सँ पानि जहाज सँ पंफूलिया प्रदेशक पर्गा नगर गेलाह। ओतऽ सँ यूहन्‍ना-मरकुस हुनका सभ केँ छोड़ि कऽ यरूशलेम घूमि गेलाह।
14
ई सभ पर्गा सँ आगाँ पिसिदिया अंचलक अन्‍ताकिया नगर पहुँचलाह, और विश्राम-दिन मे यहूदी सभक सभाघर मे जा कऽ बैसलाह।
15
धर्म-नियम आ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता सभक पुस्‍तक सँ पाठ पढ़ल गेलाक बाद, सभाघरक अधिकारी लोकनि हिनका सभ लग एहि बातक कहा पठौलथिन जे, “यौ भाइ लोकनि, अहाँ सभ जँ लोक सभक प्रोत्‍साहनक लेल किछु कहऽ चाहैत छी, तँ कहू।”
16
एहि पर पौलुस उठलाह, आ लोक सभ केँ हाथ सँ शान्‍त रहबाक संकेत करैत कहऽ लगलाह, “इस्राएली भाइ लोकनि और परमेश्‍वर मे श्रद्धा रखनिहार सभ गोटे, हमर बात सुनू!
17
इस्राएली जातिक परमेश्‍वर अपना सभक पूर्वज सभ केँ चुनलनि आ मिस्र देश मे प्रवास करैत काल हुनका सभक वंशक वृद्धि कयलनि। तखन ओ अपन महान् शक्‍ति द्वारा हुनका सभ केँ ओहि देश सँ निकालि लेलनि।
18
चालिस वर्ष धरि ओ निर्जन क्षेत्र मे हुनका सभक व्‍यवहार सहन कयलनि।
19
तखन ओ कनान देशक सात जाति केँ विनाश करबा कऽ ओ देश हुनका सभक अधिकार मे दऽ देलथिन।
20
ई सभ काज पूरा होमऽ मे करीब 450 वर्ष बिति गेल। “तहिया सँ लऽ कऽ शमूएल प्रवक्‍ताक समय धरि परमेश्‍वर हुनका सभ केँ प्रशासक सभ देलथिन।
21
तखन इस्राएली लोक जखन परमेश्‍वर सँ एकटा राजा मँगलनि तँ ओ हुनका सभक लेल बिन्‍यामीन कुलक कीशक पुत्र शाउल केँ नियुक्‍त कयलनि, जे चालिस वर्ष धरि हुनका सभक राजा रहलाह।
22
तखन शाउल केँ हटा कऽ परमेश्‍वर दाऊद केँ हुनका सभक राजा बना देलथिन। दाऊदक सम्‍बन्‍ध मे ओ ई बात कहलनि, ‘यिशयक बेटा दाऊद हमर मोन पसन्‍दक लोक अछि। जे किछु हम चाहैत छी जे ओ करय, से सभ काज ओ करत।’
23
एही आदमीक वंश मे सँ परमेश्‍वर अपन देल वचनक अनुसार इस्राएलक लेल एक उद्धारकर्ता, अर्थात्‌ यीशु केँ, उत्‍पन्‍न कयलनि।
24
यीशुक अयबाक तैयारी मे यूहन्‍ना इस्राएलक सभ लोकक बीच एहि बातक प्रचार कयलनि जे, अपना पापक लेल पश्‍चात्ताप कऽ हृदय-परिवर्तन करू आ बपतिस्‍मा लिअ।
25
जखन यूहन्‍ना अपन काज समाप्‍त करऽ वला छलाह तखन ओ कहलनि, ‘तोँ सभ हमरा जे बुझि रहल छह, से हम नहि छी! मुदा ओ हमरा पाछाँ आबि रहल छथि और हम तँ हुनकर चप्‍पलो फोलऽ जोगरक नहि छी।’
26
“यौ भाइ लोकनि, अब्राहमक वंशज आ परमेश्‍वर पर श्रद्धा रखनिहार आरो जातिक लोक सभ, सुनू! अपना सभ गोटेक लेल ई उद्धारक शुभ समाचार पठाओल गेल अछि!
27
यरूशलेमक निवासी और ओकरा सभक धर्मगुरु सभ यीशु केँ नहि चिन्‍हलकनि, आ ने परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता सभक बात बुझलक जे प्रत्‍येक विश्राम-दिन सभाघर मे पढ़ल जाइत अछि, ओना तँ हुनका मृत्‍युदण्‍ड दऽ कऽ ओ सभ बिनु बुझने ओहि प्रवक्‍ता सभक भविष्‍यवाणी सभ पूरा कयलक।
28
ओकरा सभ केँ हुनका मृत्‍युदण्‍ड देबाक लेल कोनो आधार नहि भेटलैक, मुदा तैयो पिलातुस सँ माँग कयलक जे हुनका मारिए देल जानि।
29
हुनका विषय मे पहिने सँ लिखल सभ बात ओकरा सभ द्वारा पूरा भेलाक बाद ओ सभ हुनका क्रूस पर सँ उतारि कऽ कबर मे राखि देलकनि।
30
मुदा परमेश्‍वर हुनका मृत्‍यु सँ जिआ देलथिन।
31
और ओ बहुत दिन धरि ओहि लोक सभ केँ दर्शन दैत रहलाह जे लोक हुनका संग गलील सँ यरूशलेम आयल छलनि। यैह लोक सभ आब जनताक सामने हुनकर गवाह अछि।
32
“हम सभ ई खुशीक खबरि अहाँ सभ केँ सुनयबाक लेल आयल छी जे, जाहि बातक वचन परमेश्‍वर अपना सभक पूर्वज सभ केँ देने रहथि
33
से ओ यीशु केँ जिआ कऽ हुनका सभक सन्‍तानक लेल, अर्थात् अपना सभक लेल, पूरा कयलनि। जेना धर्मशास्‍त्रक ‘भजन-संग्रह’क दोसर भजन मे सेहो लिखल अछि, ‘अहाँ हमर पुत्र छी, आइ हम अहाँ केँ उत्‍पन्‍न कयलहुँ।’
34
और ई बात जे, परमेश्‍वर हुनका मृत्‍यु मे सँ जिआ देलथिन जाहि सँ ओ फेर कहियो नहि मरथि, ताहि बातक वचन ओ एहि शब्‍द मे देने रहथि, ‘पवित्र और अटल आशिषक वचन जे दाऊद केँ देल गेल, से हम तोरा सभ मे पूरा करबह।’
35
तहिना दोसर ठाम लिखल अछि, ‘अहाँ अपन पवित्र सेवक केँ नहि सड़ऽ देब।’
36
“दाऊद तँ अपन पीढ़ी मे परमेश्‍वरक उद्देश्‍य पूरा कयलनि आ मरलाह । ओ अपन पुरखा सभ लग कबर मे राखल गेलाह आ हुनकर शरीर सड़ि गेलनि।
37
मुदा जिनका परमेश्‍वर मृत्‍यु मे सँ जिआ देलथिन, से सड़लाह नहि।
38
तेँ प्रिय भाइ लोकनि, अहाँ सभ ई बात बुझि लिअ जे यीशुए द्वारा अहाँ सभ पापक क्षमा प्राप्‍त कऽ सकैत छी।
39
जे केओ हुनका पर विश्‍वास करैत अछि, से सभ धार्मिक ठहराओल जाइत अछि, और पाप सँ मुक्‍त भऽ जाइत अछि। ई बात मूसाक धर्म-नियम द्वारा नहि भऽ सकल छल।
40
एहि लेल सावधान होउ! एना नहि होअय जे परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता लोकनिक ई बात अहाँ सभक संग भऽ जाय—
41
‘हे निन्‍दा कयनिहार लोक सभ! देखह, चकित होअह आ नष्‍ट भऽ जाह! कारण हम तोहर समय मे एहन काज कऽ रहल छी जे जँ केओ ओहि सम्‍बन्‍ध मे तोरा कहबो करतह तँ तोँ ओकर विश्‍वास नहि करबह।’ ”
42
जखन पौलुस और बरनबास सभाघर सँ बाहर भऽ रहल छलाह तँ लोक सभ हुनका सभ सँ विनती कयलक जे अगिलो विश्राम-दिन मे एहि बात सभक सम्‍बन्‍ध मे आरो सुनबथि।
43
सभा समाप्‍त भेला पर बहुतो यहूदी आ यहूदी धर्म मानऽ वला आन जातिक भक्‍त सभ पौलुस आ बरनबासक संग भऽ गेल। पौलुस आ बरनबास ओकरा सभ सँ बात-चीत कयलनि आ परमेश्‍वरक कृपा पर भरोसा रखने रहबाक लेल सिखौलथिन।
44
अगिला विश्राम-दिन प्रभुक वचन सुनबाक लेल करीब सौंसे नगरक लोक जुटि गेल।
45
भीड़ केँ देखि कऽ यहूदी सभ डाह सँ भरि गेल आ पौलुस केँ अपमानित करैत ओ जे बजैत छलाह तकर विरोध करऽ लागल।
46
तखन पौलुस और बरनबास निर्भय भऽ कऽ ओकरा सभ केँ उत्तर देलथिन जे, “परमेश्‍वरक वचन हमरा सभ केँ पहिने अहाँ सभ केँ सुनाबऽ पड़ल। मुदा अहाँ सभ ओकर अस्‍वीकार कऽ रहल छी आ अपना केँ अनन्‍त जीवनक लेल योग्‍य नहि बुझैत छी। तेँ हम सभ आब दोसर जाति सभ केँ परमेश्‍वरक वचन सुनाबऽ जाइत छी।
47
कारण एहि तरहेँ प्रभु हमरा सभ केँ ई कहि कऽ आज्ञा देने छथि, ‘हम तोरा आन जाति सभक लेल प्रकाश नियुक्‍त कयने छिअह, जे तोँ पृथ्‍वीक अन्‍तिम सीमा तक हमर उद्धार पहुँचाबह।’ ”
48
ई बात सुनि गैर-यहूदी जातिक लोक सभ बड्ड खुश भेल आ प्रभुक वचनक प्रशंसा करऽ लागल। और जे सभ अनन्‍त जीवनक लेल ठहराओल गेल छल, से सभ प्रभु पर विश्‍वास कयलक।
49
एहि तरहेँ प्रभुक वचन सम्‍पूर्ण क्षेत्र मे पसरि गेल।
50
मुदा यहूदी सभ परमेश्‍वर केँ मानऽ वला गैर-यहूदी जातिक स्‍त्रीगण सभ केँ जे सभ धनिक वर्गक छलि आ ओहि शहरक प्रतिष्‍ठित पुरुष सभ केँ चढ़ा-बढ़ा कऽ पौलुस आ बरनबासक विरोध मे उपद्रव करबाक लेल भड़का देलक और हुनका सभ केँ ओहि क्षेत्र सँ भगा देलकनि।
51
एहि पर पौलुस आ बरनबास ओकरा सभक विरोध मे चेन्‍ह स्‍वरूप पयरक गर्दा ओतहि झाड़ि लेलनि आ इकुनियुम नगर चल गेलाह।
52
एम्‍हर अन्‍ताकियाक शिष्‍य सभ बहुत आनन्‍दित आ पवित्र आत्‍मा सँ परिपूर्ण छलाह।
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मसीह-दूत 13:51
मसीह-दूत 13:52
मसीह-दूत 1 / मसदू 1
मसीह-दूत 2 / मसदू 2
मसीह-दूत 3 / मसदू 3
मसीह-दूत 4 / मसदू 4
मसीह-दूत 5 / मसदू 5
मसीह-दूत 6 / मसदू 6
मसीह-दूत 7 / मसदू 7
मसीह-दूत 8 / मसदू 8
मसीह-दूत 9 / मसदू 9
मसीह-दूत 10 / मसदू 10
मसीह-दूत 11 / मसदू 11
मसीह-दूत 12 / मसदू 12
मसीह-दूत 13 / मसदू 13
मसीह-दूत 14 / मसदू 14
मसीह-दूत 15 / मसदू 15
मसीह-दूत 16 / मसदू 16
मसीह-दूत 17 / मसदू 17
मसीह-दूत 18 / मसदू 18
मसीह-दूत 19 / मसदू 19
मसीह-दूत 20 / मसदू 20
मसीह-दूत 21 / मसदू 21
मसीह-दूत 22 / मसदू 22
मसीह-दूत 23 / मसदू 23
मसीह-दूत 24 / मसदू 24
मसीह-दूत 25 / मसदू 25
मसीह-दूत 26 / मसदू 26
मसीह-दूत 27 / मसदू 27
मसीह-दूत 28 / मसदू 28