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प्रकाशित-वाक्‍य 9
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तैयो बाँकी बाँचल लोक, जे सभ एहि विपत्ति सभ सँ मारल नहि गेल छल, से सभ अपना हाथक रचल वस्‍तु सँ एखनो मोन नहि हटौलक। ओ सभ दुष्‍टात्‍मा सभक, आ नहि देखऽ वला, नहि सुनऽ वला, नहि चलऽ वला, सोना, चानी, पित्तरि, पाथर आ काठक मूर्ति सभक पूजा कयनाइ नहि छोड़लक।
Maithili Bible 2010