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प्रकाशित-वाक्‍य 5
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ओ सभ एक नव गीत गाबि रहल छलाह— “अहाँ एहि पुस्‍तक केँ लेबाक आ एकर छाप सभ केँ खोलबाक योग्‍य छी, किएक तँ अहाँ वध भऽ कऽ अपन खून सँ प्रत्‍येक कुल, भाषा, राष्‍ट्र आ जाति मे सँ परमेश्‍वरक लेल लोक सभ केँ मोल लेने छी।
Maithili Bible 2010