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प्रकाशित-वाक्‍य 5
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तखन हम एक शक्‍तिशाली स्‍वर्गदूत केँ देखलहुँ जे ऊँ‍च स्‍वर मे आवाज दऽ कऽ पुछि रहल छथि जे, “मोहरक छाप सभ केँ तोड़ि कऽ पुस्‍तक केँ खोलबाक योग्‍य के अछि?”
Maithili Bible 2010