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प्रकाशित-वाक्‍य 22
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आब ओ स्‍वर्गदूत हमरा जीवन-जलक नदी देखौलनि, जे आर-पार देखाय वला सीसाक समान साफ छल आ जे परमेश्‍वर और बलि-भेँड़ाक सिंहासन सँ निकलि कऽ,
2
नगरक मुख्‍य सड़कक बीच बाटे बहि रहल छल। नदीक दूनू कात मे जीवनक गाछ छल जे साल मे बारह बेर फड़ैत छल—हर मास मे एक बेर। ओहि गाछक पात जाति-जातिक लोक सभ केँ स्‍वस्‍थता प्रदान करबाक लेल छल।
3
ओतऽ आब कोनो सरापित बात नहि रहत। परमेश्‍वरक आ बलि-भेँड़ाक सिंहासन ओहि नगर मे रहत, आ हुनकर सेवक सभ हुनकर आराधना करथिन।
Maithili Bible 2010