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प्रकाशित-वाक्‍य 21
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तखन हमरा सिंहासन सँ एक आवाज जोर सँ ई कहैत सुनाइ पड़ल, “देखू, परमेश्‍वरक निवास आब मनुष्‍यक बीच मे छनि। परमेश्‍वर ओकरा सभक संग निवास करताह। ओ सभ हुनकर प्रजा होयत आ परमेश्‍वर अपने ओकरा सभक बीच रहि कऽ ओकरा सभक परमेश्‍वर होयथिन।
Maithili Bible 2010