A A A A A
प्रकाशित-वाक्‍य 21
19
ओहि नगरक न्‍यो हर प्रकारक बहुमूल्‍य पाथर सँ सुसज्‍जित छल। न्‍योक पहिल पाथर सूर्यकान्‍तक, दोसर नीलमक, तेसर गोदन्‍तीक, चारिम मरकतक,
Maithili Bible 2010