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प्रकाशित-वाक्‍य 2
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एहि लेल मोन राखू जे कतेक ऊँच स्‍थान सँ अहाँ खसल छी। आब अहाँ अपना पापक लेल पश्‍चात्ताप कऽ कऽ हृदय-परिवर्तन करू आ पहिने जकाँ अपन आचरण राखू। जँ से नहि करब तँ हम आबि कऽ अहाँक लाबनि अपन स्‍थान पर सँ हटा देब।
Maithili Bible 2010