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प्रकाशित-वाक्‍य 2
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“इफिसुसक मण्‍डलीक दूत केँ ई लिखह, ओ जे अपन दहिना हाथ मे सातो तारा धयने छथि आ दीप राखऽ वला सोनाक सातो लाबनिक बीच चलैत-फिरैत छथि से ई कहैत छथि—
Maithili Bible 2010