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प्रकाशित-वाक्‍य 18
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ओ जतबा अपन बड़ाइ कयलक आ सुख-विलास कयलक ततबा ओकरा यातना आ पीड़ा दहक। किएक तँ ओ अपना मोन मे कहैत अछि जे, ‘हम रानी भऽ कऽ सिंहासन पर विराजमान छी। हम विधवा नहि छी। हम कहियो शोक मे नहि पड़ब।’
Maithili Bible 2010