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प्रकाशित-वाक्‍य 18
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एकर सम्‍पूर्ण वैभव घड़िए भरि मे माटि मे मिलि गेलैक!” प्रत्‍येक जहाजक कप्‍तान, प्रत्‍येक जलयात्री, नाव चलाबऽ वला सभ आ ओ सभ लोक जे सभ समुद्र सँ जीविका चलबैत अछि, सभ दूरे ठाढ़ रहत,
Maithili Bible 2010