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प्रकाशित-वाक्‍य 18
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आ कहत, “एहि महानगरक लेल हाय, हाय! जे नीक मलमल, बैगनी आ लाल रंगक वस्‍त्र पहिरैत छलि, आ सोन, बहुमूल्‍य पाथर आ मोती सभ सँ विभूषित छलि!
Maithili Bible 2010