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प्रकाशित-वाक्‍य 17
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ओ स्‍त्री बैगनी आ लाल रंगक वस्‍त्र पहिरने छलि आ सोन, बहुमूल्‍य पाथर आ मोती सभ सँ सुसज्‍जित छलि। ओ हाथ मे सोनाक लोटा लेने छलि जे घृणित वस्‍तु सभ सँ आ ओकर वेश्‍यावृत्तिक अशुद्धता सँ भरल छलैक।
Maithili Bible 2010