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प्रकाशित-वाक्‍य 14
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ओ सभ सिंहासनक सम्‍मुख आ चारू जीवित प्राणी और धर्मवृद्ध सभक सम्‍मुख एक नव गीत गाबि रहल छलाह। ओहि एक लाख चौआलिस हजार लोक जे सभ पृथ्‍वी पर सँ किनल गेल छलाह, तिनका सभ केँ छोड़ि, केओ नहि ओहि गीत केँ जानि सकैत छल।
Maithili Bible 2010